'उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, अनिल देशमुख, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, डिनो मोरिया और सूरज पंचोली', ये वो नाम हैं जिनका कनेक्शन दिशा सालियान की मौत के मामले में सामने आ रहा है. दिशा सालियान, एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं. उनकी मौत के मामले में 14 सितंबर को CBI ने इन लोगों पर FIR दर्ज की है.
'हम चुप हो जाएंगे ये गलतफहमी है', दिशा सालियान केस में आदित्य ठाकरे ने चुप्पी तोड़ी
आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगाए सभी आरोपों को ख़ारिज किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और ना ही उन्हें जानता था. करीब 6 साल से कुछ लोग राजनीतिक और निजी वजहों से लगातार मेरा नाम इस दुखद मामले में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि इसे साबित करने के लिए कोई सबूत या मेरे साथ कोई संबंध नहीं है. ये मेरे चरित्र को बदनाम करने की कोशिश है.'

अब इस मामले में शिवसेना (UBT) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगाए सभी आरोपों को ख़ारिज किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और ना ही उन्हें जानता था. करीब 6 साल से कुछ लोग राजनीतिक और निजी वजहों से लगातार मेरा नाम इस दुखद मामले में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि इसे साबित करने के लिए कोई सबूत या मेरे साथ कोई संबंध नहीं है. ये मेरे चरित्र को बदनाम करने की कोशिश है.'
उन्होंने आगे लिखा,
‘अब इस मामले की आधिकारिक तौर पर दोबारा जांच हो रही है. जांच एजेंसियों को बिना किसी राजनीतिक दबाव, दखल या बदनाम करने की कोशिश के निष्पक्ष तरीके से जांच करने दी जानी चाहिए. अगर किसी को लगता है कि झूठे आरोप और बदनाम करने की कोशिशों से हम चुप हो जाएंगे तो ये उनकी गलतफहमी है.’

आदित्य के अलावा एक्टर सूरज पंचोली ने भी दिशा सालियान की मौत के मामले में खुद का नाम जोड़े जाने पर सफाई दी. इंस्टाग्राम पर एक लंबा बयान जारी कर उन्होंने कहा, 'मैं डायरेक्टली या इनडायरेक्टली कभी दिशा सालियान या आदित्य ठाकरे से नहीं मिला.' सूरज ने लिखा,
‘चर्चा में आने वाले हर नाम के पीछे एक असली इंसान और उसका परिवार होता है. मैं मामले की निष्पक्ष CBI जांच का समर्थन करता हूं और उन्हें देश के कानून और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है.’
बता दें कि दिशा 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक बिल्डिंग में मृत पाई गई थीं. इस घटना के 6 दिन बाद एक्टर सुशांत सिंह राजपूत भी मुंबई के बांद्रा के अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिशा केस की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई. लेकिन उसके बाद तमाम अलग अलग दावे सामने आए जिसके बाद SIT बनाई गई. तब से इस मामले में जांच चल रही है.
मामले में हाल में नया मोड़ तब आया जब दिशा के पिता सतीश सालियान के आरोप और बयान के आधार पर FIR दर्ज की गई. सतीश सालियान का आरोप है कि ‘दिशा के साथ गैंगरेप हुआ और फिर हत्या हुई’. उन्होंने ये भी कहा कि ‘इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया समेत कई लोगों के खिलाफ FIR की मांग की थी. जिसके बाद उनपर FIR दर्ज की गई.’
FIR दर्ज होने के बाद दिशा के पिता ने कहा, ‘अबतक मैंने एक भी आंसू नहीं बहाया है. दिशा की मौत के वक्त भी नहीं. आज न्याय का दिन आ गया है. सच्चाई की जीत हुई है. आज मुझे राहत महसूस हो रही है.’ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट को बताया गया कि दिशा का पोस्टमॉर्टम एक डॉक्टर ने किया था. जबकि दिशानिर्देशों के मुताबिक दो डॉक्टर होने चाहिए थे. रिपोर्ट में सिर, हाथ, पैर और छाती पर चोटों का जिक्र था.
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वहीं पुलिस ने कहा कि रेप या यौन हमले के सबूत नहीं मिले और गवाहों और फॉरेंसिक जांच के आधार पर दिशा ने खुद अपनी जान ली है. पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश से इनकार किया था. लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा के पिता की याचिका पर CBI जांच के निर्देश दिए थे. कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए. कहा कि ‘6 साल तक FIR दर्ज नहीं करना और मामले को सिर्फ हादसे के रूप में देखना कई सवाल खड़े करता है.’
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