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सोने की हॉलमार्किंग फीस ₹45 से सीधा ₹75 हुई, ज्वेलर्स-कस्टमर्स पर क्या असर पड़ेगा?

75 रुपये हॉलमार्किंग फीस वह रकम है जो ज्वेलर्स को हॉलमार्किंग के लिए मान्यता प्राप्त जांच और हॉलमार्क केंद्रों को देनी होती है. सरकारी अधिसूचना में उपभोक्ताओं से अलग से 75 रुपये का शुल्क वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है.

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अब तक सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग फीस 45 रुपये लगती है (Courtesy: Aaj Tak)

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  • भारतीय मानक ब्यूरो ने सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग शुल्क को 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये प्रति गहना कर दिया है, जो 14 सितंबर 2026 से लागू होगा।
  • यह बदलाव बीआईएस (हॉलमार्किंग) विनियम 2018 की अनुसूची IV को प्रतिस्थापित करने के लिए किया गया है और त्योहारों व शादियों के अधिक खरीदारी के समय को ध्यान में रखकर निर्णय लिया गया।
  • ज्वेलर्स बढ़ी हुई लागत को अपनी तरफ से वहन कर सकते हैं या उपभोक्ताओं पर लागत को आभूषण की कुल कीमत में शामिल कर सकते हैं, जिससे खरीदारों पर सीधा 75 रुपये का शुल्क लगना निश्चित नहीं है।

त्योहारी सीजन से ठीक पहले सोने के गहने खरीदने वालों को झटका लग सकता है. भारतीय मानक ब्यूरो ने सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग शुल्क को बढ़ाकर 75 रुपये प्रति कर दिया है. अब तक सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग फीस 45 रुपये लगती है. यह सोने के हर गहने की हॉलमार्किंग पर लगती है. हालांकि चांदी के आभूषणों पर यह शुल्क 35 रुपये ही रखा गया है. 

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मिंट में छपी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.

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रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय मानक ब्यूरो (हॉलमार्किंग) संशोधन विनियम 2026 के मुताबिक इस बारे में राजपत्र अधिसूचित किया गया है. नई फीस 14 सितंबर 2026 से अमल में आएगी. यह बदलाव बीआईएस (हॉलमार्किंग) विनियम 2018 की अनुसूची IV की जगह लेगा. भारत में त्योहारों और शादियों के लिए खरीदारी का मौसम शुरू होने वाला है. आभूषण उद्योग के लिए यह समय काफी मायने रखता है.

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क्या सोने के खरीदारों को 30 रुपये का भुगतान अलग से करना होगा?

75 रुपये हॉलमार्किंग फीस वह रकम है जो ज्वेलर्स को हॉलमार्किंग के लिए मान्यता प्राप्त जांच और हॉलमार्क केंद्रों को देनी होती है. सरकारी अधिसूचना में उपभोक्ताओं से अलग से 75 रुपये का शुल्क वसूलने का कोई प्रावधान नहीं है. खरीदारों पर इसका अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि ज्वेलर्स बढ़ी हुई लागत का हिसाब कैसे रखते हैं. 

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एक ज्वेलर अतिरिक्त खर्च को खुद वहन कर सकता है या इसे आभूषणों की कुल कीमत में शामिल कर सकता है. इसलिए, खरीदारों को यह नहीं मान लेना चाहिए कि संशोधित हॉलमार्किंग शुल्क का मतलब यह है कि सोने के हर आभूषण की कीमत 30 रुपये बढ़ जाएगी. गहनों की अंतिम कीमत में पहले से ही कई खर्चे शामिल होते हैं. इनमें सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज और टैक्स वगैरा शामिल हैं.

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