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कानपुर कारोबारी मर्डर केस: बहू के साथ बेटा भी था शामिल? वसीयत और फोन कॉल से उलझी मिस्ट्री

कानपुर पुलिस ने दवा कारोबारी विनीत मिनोचा के कत्ल में आरोपी बहू शालू और विशाल की कस्टडी रिमांड मांगी है. अब इस केस में कारोबारी के बेटे पर भी शक की सुई घूमती दिख रही है. कॉल डिटेल्स और वसीयत ने मर्डर मिस्ट्री को और उलझा दिया है.

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ससुर विनीत मिनोचा (दाएं) की हत्या के आरोप में बहू शालू (बाएं) जेल में बंद हैं. (ITG)

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  • कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या में उनके बेटे सुब्रत और बहू शालू के बीच आपसी बातचीत और शालू पर हत्या की साजिश का आरोप पुलिस द्वारा जांच के लिए मुख्य घटनाक्रम हैं।
  • हत्या से पहले सुब्रत ने कथित हत्यारे विशाल गौतम से छह बार संवाद किया था और शालू का नाम वसीयत में शामिल नहीं होने के कारण पुलिस हत्या के आर्थिक और पारिवारिक कारणों की जांच कर रही है।
  • पुलिस ने शालू और विशाल की कस्टडी रिमांड मांगी है ताकि सुब्रत के साथ आमने सामने पूछताछ की जा सके और दोनों आरोपियों के बयानों का CCTV फुटेज से मिलान किया जाएगा।

कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में शक की सुई उनके बेटे सुब्रत की तरफ घूम गई है. पुलिस जांच में पता चला है कि मर्डर से पहले सुब्रत ने अपने पिता के कथित हत्यारे विशाल गौतम से 6 बार बात की थी. यह भी पता चला कि विनीत की वसीयत में उनकी बहू शालू का नाम शामिल नहीं था. अब पुलिस जांच करेगी कि क्या शालू ने वसीयत में नाम ना होने की वजह से अपने ससुर की हत्या करवाई. मामले की जांच में पुलिस अब दूसरे एंगल भी तलाश रही है.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि 3 सितंबर को विशाल गौतम एक नया सिम खरीदा. 5 सितंबर को विनीत मिनोचा की हत्या से दो दिन पहले ही ये सिम खरीदा गया था. इस नए नंबर से कथित तौर पर विनीत की बहू शालू और बेटे सुब्रत से बात की गई.

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा,

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"अगर शालू ने मर्डर का प्लान बनाया, साजिश रची और विशाल ने ये जुर्म अंजाम देने के लिए नया सिम खरीदा, तो सवाल उठता है कि उस नंबर से सुब्रत को कॉल क्यों की गई."

पुलिस ने सुब्रत, शालू और विशाल से जुड़े सात मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल्स निकाली हैं. इन वजहों से सुब्रत भी जांच के दायरे में आ गए हैं. शालू को हत्या के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. शालू पर आरोप है कि उसने विशाल और राज किशोर के साथ मिलकर विनीत मिनोचा की हत्या करवाई.

विशाल गौतम पहले विनीत मिनोचा के यहां काम करता था. चोरी के आरोप में विनीत ने विशाल को काम से निकाल दिया था. अब शालू, विशाल और राज किशोर तीनों विनीत मिनोचा की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं. 

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पुलिस ने पहले बताया था कि विनीत मिनोचा ने अपने बेटे सुब्रत और बहू शालू को पैसे खर्च करने से रोका था. उन्होंने उन पर पैसों से जुड़ी पाबंदियां लगा दी थीं. जांच की जा रही है कि कहीं पैसे ना मिलने की वजह से तो विनीत की हत्या नहीं की गई.

जांच के तहत कल्याणपुर के थानेदार (SHO) केशव तिवारी ने मंगलवार, 15 सितंबर को शालू और विशाल से जेल में पूछताछ की. कोर्ट की परमिशन के बाद दोनों से सवाल-जवाब किए गए. हत्या की साजिश, आपसी बातचीत और मर्डर के पहले और बाद की एक्टिविटीज को लेकर 30 से ज्यादा सवाल उनसे पूछे गए.

शालू ने हत्या की साजिश रचने से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि विशाल ने जांच टीम को बताया कि उसने शालू के कहने पर विनीत मिनोचा की हत्या की थी. उसने दावा किया कि शालू ने उसे 6 लाख रुपये और नौकरी देने का वादा किया था.

सुब्रत के सामने होगी आरोपियों से पूछताछ 

पुलिस ने शालू और विशाल की कस्टडी रिमांड भी मांगी है. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि दो दिनों के भीतर रिमांड मिलने की संभावना है. इसके बाद जांच अधिकारी दोनों आरोपियों के साथ सुब्रत को बिठाकर आमने-सामने पूछताछ कर सकेंगे.

आरोपियों के बयान का मिलान CCTV फुटेज से किया जा रहा है. सुब्रत ने विशाल के कैंपस में घुसने की पुष्टि किस आधार पर की, इसकी भी जांच की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि शालू ने ससुर को मारने से पहले मर्डर एक सुसाइड या हार्ट अटैक नजर आए, ऐसे तरीकों के बारे में इंटरनेट पर सर्च किया था. हालांकि, पुलिस कमिश्नर ने इन दावों को खारिज कर दिया है.

शालू के वकील ने जांच पर सवाल उठाए

शालू के वकील, एडवोकेट शिवाकांत दीक्षित ने जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए. उन्होंने दावा किया कि पुलिस द्वारा शालू का मोबाइल फोन जब्त करने के बाद भी उसके अकाउंट पर ऑनलाइन एक्टिविटी देखी गई. इसी बात का हवाला देते हुए उन्होंने डिवाइस की कस्टडी और उसके इस्तेमाल के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है.

लॉबीट की रिपोर्ट के मुताबिक, वकील का कहना है कि रविवार, 6 सितंबर की सुबह 10:03 बजे तक शालू के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक्टिविटी, खासकर 'लास्ट सीन स्टेटस देखा गया. उन्होंने कहा कि अगर हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद मोबाइल फोन पुलिस की कस्टडी में था, और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था, तो अकाउंट पर ऐसी एक्टिविटी कैसे रिकॉर्ड हो सकती है.

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शालू के वकील ने ना सिर्फ मोबाइल फोन की एक्टिविटी पर सवाल उठाए हैं, बल्कि हत्या के बाद बिजनेसमैन के बेटे सुब्रत की भूमिका की भी जांच की भी मांग की है. उनका तर्क है कि 5 सितंबर की रात विनीत मिनोचा की हत्या के बाद सुब्रत के बैंक जाने की वजह भी जांच का हिस्सा होनी चाहिए. वकील के अनुसार, पुलिस को बैंक जाने और उस दौरान वहां हुई गतिविधियों की जांच करनी चाहिए.

प्रॉपर्टी, वसीयत तक पहुंची जांच

जांच का दायरा दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की प्रॉपर्टीज, लेन-देन और 2022 की वसीयत तक फैल गया है. 2022 में विनीत ने वसीयत में अपनी प्रॉपर्टी में से पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी को हिस्सा दिया था. वसीयत में बहू शालू का नाम नहीं था. 5 सितंबर की रात 63 साल के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की उनके घर में हत्या कर दी गई थी.

वीडियो: कानपुर विनीत मिनोचा हत्याकांड में 309 कॉल, CCTV और पार्टी वीडियो से खुले राज

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