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'प्रेमानंद महाराज चले गए', अब आश्रम में कौन? संतों ने बड़े दावे किए

Premanand Maharaj security: मथुरा की साध्वी इंदुलेखा का कहना है कि कुछ लोग प्रेमानंद की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका आरोप है कि कुछ लोग प्रेमानंद के नाम का इस्तेमाल करके लोगों के बीच डर पैदा कर रहे हैं और जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं.

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दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रेमानंद की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • दिनेश शर्मा ने कहा है कि प्रेमानंद महाराज केलि कुंज आश्रम छोड़कर बेलवन आश्रम में जा रहे हैं, क्योंकि आश्रम में दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है जो संतों और प्रॉपर्टी को लेकर है।
  • प्रेमानंद के आश्रम में गुटबाजी और दीपक लोधी की मौत के बाद जांच की मांग बढ़ी है, जिससे कई संतों ने CBI से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
  • इस विवाद के बाद प्रेमानंद की सुरक्षा को खतरा माना जा रहा है और यूपी के मुख्यमंत्री को Z+ सुरक्षा देने एवं आश्रम की गतिविधियों की जांच के लिए पत्र लिखा गया है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता दिनेश शर्मा का दावा है कि प्रेमानंद महाराज अब केलि कुंज आश्रम छोड़ चुके हैं. उनके मुताबिक, प्रेमानंद अब करीब 20 किलोमीटर दूर बेलवन आश्रम में रह रहे हैं. 

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दिनेश शर्मा का कहना है कि इसकी वजह केलि कुंज आश्रम में चल रहा विवाद है. उनका दावा है कि आश्रम दो गुटों में बंट गया है. एक तरफ वो लोग हैं, जिन्हें वो असली संत बता रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कुछ लोगों को नकली संत बताया है. उनका आरोप है कि कुछ लोग संतों की आड़ में जमीन और प्रॉपर्टी का काम कर रहे हैं. 

ये सिर्फ दिनेश शर्मा का दावा नहीं है. मथुरा के कुछ और संतों ने भी केलि कुंज आश्रम को लेकर ऐसे ही कई गंभीर आरोप लगाए हैं. ये आरोप प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत से जुड़े मामले की जांच के बीच सामने आए हैं.

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25 सितंबर को दीपक ने वृंदावन में कथित तौर पर अपनी जान दे दी थी. इस घटना के दो CCTV फुटेज भी सामने आए थे. इसके बाद तीन अलग-अलग परिवारों ने अपने परिजनों के लापता होने की बात कहते हुए केलि कुंज आश्रम के बाहर हंगामा किया. मामला बढ़ने के बाद आश्रम प्रबंधन ने कहा कि वो इस मामले की जांच में पूरा सहयोग करेगा. ये भी कहा गया कि इस घटना से प्रेमानंद काफी दुखी हैं.

हिंदूवादी नेता दिनेश शर्मा ने क्या कहा?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता दिनेश शर्मा फलाहारी ने कहा, 

"हमको उस आश्रम के बारे में अंदर तक जानकारी है कि क्या हो रहा है. प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम में अब दो गुट बन चुके हैं. एक असली संतों का ग्रुप और एक नकली संतों का ग्रुप. महाराज जी दूसरे गुट से काफी दुखी है. जितने भी अच्छे संत थे, सब महाराज जी के साथ चले गए. अब यहां पर नकली संत रह गए हैं, जो प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे हैं."

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दिनेश शर्मा का ये भी कहना है कि अगर दोनों गुटों के बीच विवाद बढ़ता है, तो आपस में टकराव हो सकता है. उनका दावा है कि इससे प्रेमानंद की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है. इसी वजह से उन्होंने UP के CM योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर प्रेमानंद को Z+ सुरक्षा देने की मांग की है. साथ ही उन्होंने आश्रम की गतिविधियों, कथित गुटबाजी और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है

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मथुरा की साध्वी इंदुलेखा ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि कुछ लोग प्रेमानंद की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. इंदुलेखा का आरोप है कि कुछ लोग प्रेमानंद के नाम का इस्तेमाल करके लोगों के बीच डर पैदा कर रहे हैं और जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं. उनका दावा है कि हालात इतने खराब हो गए कि प्रेमानंद को केलि कुंज आश्रम छोड़कर बेलवन जाना पड़ा.

मामले में CBI जांच की बात 

महामंडलेश्वर राधानंद गिरि ने भी इस पूरे मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या बात हुई कि प्रेमानंद आश्रम छोड़कर यमुना पार चले गए. उनके मुताबिक, जो अच्छे संत हैं, वो प्रेमानंद के साथ रहकर पूजा और तपस्या कर रहे हैं. वहीं, उन्होंने कुछ दूसरे लोगों पर डर और धमकी का माहौल बनाने का आरोप लगाया है. राधानंद गिरि का कहना है कि संतों की आड़ में रह रहे जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग भी की है.

यानी प्रेमानंद के आश्रम को लेकर अब कई तरह के दावे और आरोप सामने आ रहे हैं. लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है. जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी अभी पुष्टि नहीं हुई है. 

पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. दीपक लोधी की मौत को लेकर पुलिस की शुरुआती जांच में फिलहाल किसी दूसरे व्यक्ति के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है. पुलिस ने उनका मोबाइल और कमरा भी चेक किया है. कोई  नोट नहीं मिला. हालांकि, उनकी मौत की वजह को लेकर टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार है.

वहीं, इस मामले की SIT जांच की मांग भी अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गई है. चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सबूत सुरक्षित रखने की मांग की गई है. इसके अलावा आश्रम के बाहर जिन परिवारों ने अपने बच्चों के लापता होने को लेकर प्रदर्शन किया था, उनमें से दो मामलों में राहत की खबर आई है. हाथरस का 17 साल का अनुज चौधरी बरसाना के एक आश्रम में मिल गया. वहीं कासगंज का मयंक चौहान भी प्रयागराज में मिल गया है.

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