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दुकान बड़ी करने के चक्कर में गिरी बिल्डिंग... सत्य निकेतन हादसे में हुआ खुलासा

Satya Niketan building collapse: सत्य निकेतन हादसे में पुलिस की जांच में कई खुलासे हुए हैं. आरोपी कॉन्ट्रैक्टर ने बताया कि दुकान की जगह बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी.

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सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने मामले में पुलिस ने कई खुलासे किए हैं. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस ने बताया कि रेनोवेशन के दौरान एक दीवार तोड़ने से बिल्डिंग का भार सहन क्षमता समाप्त हो गया और वह गिर गई।
  • बिल्डिंग गिरने का कारण रेनोवेशन के तहत बेसमेंट में मलबा डालना और दीवार तोड़ना था, जिससे संरचनात्मक कमजोरी आई, पुलिस ने रेनोवेशन कार्य सौंपने वाले और ऑपरेटर को गिरफ्तार किया।
  • पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कस्टडी में लिया है और शुभम त्यागी की तलाश कर रही है, कोर्ट ने मीडिया ट्रायल के आरोप पर मीडिया कर्मियों को सुनवाई से बाहर किया।
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हिमांशु मिश्रा

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के बाद पुलिस की जांच में नई जानकारी सामने आई है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि हादसे से दस दिन पहले PG में रेनोवेशन का काम शुरू हो चुका था. रेनोवेशन के दौरान एक दीवार तोड़ दी गई थी, जिससे बिल्डिंग भार संभाल न सकी और भरभराकर गिर गई. पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर और PG ऑपरेटर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. 

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पुलिस ने क्या बताया?

इंडिया टुडे से जुड़े हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के लेवल तक लाने की कवायद चल रही थी. बताया गया कि इसके लिए बेसमेंट में करीब तीन ट्रक मलबा डाला गया था. आरोपी कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार ने बताया कि दुकान की जगह को बढ़ाने के लिए हादसे वाले दिन एक दीवार तोड़ दी गई थी. पुलिस का कहना है कि दीवार हटने के बाद बिल्डिंग लोड नहीं संभाल सकी और कुछ ही सेकंड में गिर गई.

पुलिस ने सनोज कुमार और PG ऑपरेटर सुधांशु लवनीश को गिरफ्तार किया है. दो दिन पहले बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया था. तीनों आरोपी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए जिसके बाद उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया. 

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जांच में हुए कई खुलासे

रिपोर्ट के मुताबिक, सनोज कुमार उत्तर प्रदेश के कासगंज में पकड़ा गया. वो दिल्ली के मोतीबाग स्थित जेजे कैंप में रहता था और मूल निवासी बिहार के बांका जिले के माणिकपुर गांव का है. पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि महेश गुप्ता ने उसे दस दिन पहले रेनोवेशन का काम सौंपा था. उसे इस काम के लिए प्रतिदिन 2,800 रुपये दिए जा रहे थे. 

पुलिस की पूछताछ में PG ऑपरेटर सुधांशु लवनीश ने बताया कि वो दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र रहा है. 2019 में उसने ग्रेजुएशन पूरा किया. साल 2022 से वह अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ सत्य निकेतन इलाके में 'Hostel Daze' नाम से PG चला रहा था. फिलहाल उस इलाके में वो सात PG चलाता है. 

पुलिस के मुताबिक, सुधांशु और शुभम ने अगस्त 2025 में हादसे वाली बिल्डिंग की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये प्रतिमाह के किराये पर ली थीं. पूछताछ में सुधांशु ने बताया कि बिल्डिंग की जर्जर हालत के कारण उन्हें ये कम किराए पर मिल गई. पुलिस का आरोप है कि सुधांशु को इस बात का इल्म था कि जर्जर बिल्डिंग में रेनोवेशन कराने की क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है, फिर भी उसने ये होने दिया. 

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‘मीडिया ट्रायल’ का आरोप लगा

पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट से तीनों आरोपियों की तीन दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी. मगर कोर्ट ने दो दिन की ही कस्टडी मंजूर की. पुलिस के मुताबिक, मकान मालिक हरिराम गुप्ता ने शुभम त्यागी को बिल्डिंग का एक फ्लोर लीज पर दिया था. अब दिल्ली पुलिस आरोपी शुभम को पकड़ने में लगी है. 

सुनवाई के दौरान सुधांशु के वकील ने मीडिया ट्रायल का आरोप लगाया. जिसके बाद कोर्ट ने मीडिया कर्मियों को कोर्ट रूम से बाहर जाने का आदेश दे दिया. इस मामले में 7 सितंबर को कोर्ट ने पहले ही मकान मालिक हरिराम गुप्ता (81 साल) और उनकी पत्नी उर्मिला (75 साल) को 14 दिन के लिए जुडिशियल कस्टडी में भेज दिया है.

वीडियो: सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरी, सैटेलाइट स्टडी में क्या मिला?

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