दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रोटेस्ट का ऐलान किया है. देश भर से लोगों के इस प्रदर्शन में आने की उम्मीद है. दूसरी तरफ सरकार भी अपनी कमर कस रही है. पुलिस वॉलंटियर्स को बुला रही है, लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर रही है कि जंतर-मंतर के पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है.
'पुलिस ने कागज पर लिखवाया कि 'मैं प्रोटेस्ट में नहीं जाऊंगी'', 10 अक्टूबर की तैयारियां पता चलीं
दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होगा. युवा, कई संगठन के लोग इस प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए तैयार है. दूसरी तरफ शासन-प्रशासन भी अपनी तैयारी में जुट गया है कि कम से कम लोग जंतर-मंतर पहुंचें.

दिल्ली पुलिस ही नहीं, महाराष्ट्र पुलिस भी तैयारी कर रही है कि प्रदर्शन में लोग ना जाएं. उनकी लोकेशन मांग रही है. फोन कर ट्रैवल प्लान पूछ रही है. कुछ को तो हिरासत में भी लेने का आरोप है. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते 31 वर्षीय क्रिएटिव स्ट्रैटेजिस्ट सदाफ रजा जैदी ने बताया कि पुलिस उनकी घर आई थी. उनके 10 अक्टूबर के प्लान के बारे में पूछा था.
2 घंटे हिरासत में लेने का आरोपसांताक्रुज में रहने वाली जैद ने एक्सप्रेस को बताया,
“कुछ अधिकारी मेरे घर आए थे. उन्होंने पूछा कि मैं 10 अक्टूबर को कहां जाऊंगी. जब मैंने कहा कि मैं विरोध प्रदर्शन में नहीं जाऊंगी, तो उन्होंने पूछा कि क्या मैं किसी ऐसे व्यक्ति को जानती हूं, जो वहां जाएगा.”
उनका कहना है कि पुलिस ने उन्हें थाने आकर एक डॉक्यूमेंट पर साइन करने के लिए कहा. उसमें लिखा था- “मैं प्रदर्शन में नहीं जाऊंगी”. आरोप है कि पुलिस ने उनकी लाइव लोकेशन तक मांगी थी, जो उन्होंने नहीं दी.
आरोप है कि एक्टिविस्ट फिरोज मिथिबोरवाला और सलीम सबूवाला को पुलिस ने हिरासत में लिया था. मिथिबोरवाला ने बताया कि उन्हें 2 अक्टूबर से बार-बार समन मिल रहे थे. उन्हें 2 घंटे हिरासत में रखा गया था. और कहा गया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में न जाएं.
ठाणे में रहने वाले AISF के सदस्य मयूर शर्मा का आरोप है कि उन्हें फोन आया था. उनसे 10 अक्टूबर के ट्रैवल प्लान के बारे में पूछा गया था. उनका कहना है कि किसी महिला ने उनसे बात की थी. उसकी बातों से लगा कि वह पुलिस हो सकती है. इसलिए उन्होंने झूठ बोल दिया कि वे दिल्ली नहीं जा रहे हैं.
फिर मयूर शर्मा अपने एक दोस्त के साथ बुधवार, 7 अक्टूबर की शाम दिल्ली आ गए. उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद ही दिल्ली रेलवे पुलिस ने उन्हें फोन किया था. उन्हें डर था कि हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर पुलिस हो सकती है. इसलिए वो फरीदाबाद उतरे और मेट्रो से दिल्ली चले गए.
CJP वॉलंटियर्स ने भी आरोप लगाए कि उन्हें रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मचारियों के फोन आ रहे थे. उनसे दिल्ली जाने वाले लोगों के नंबर और पहचान मांगी गई थी. उनके वेटलिस्टेड टिकट का स्टेटस कन्फर्म करने की पेशकश भी की.
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रिपोर्ट के मुताबिक, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) के ऑफिस के एक अधिकारी ने नोटिस मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को नोटिस जारी किए गए थे. लेकिन हिरासत में किसी को नहीं लिया गया. वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को फोन किया था.
बता दें कि दिल्ली में 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे. वहीं, दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सर्विस रद्द रहेंगी.
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