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जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट की लिस्ट से क्यों हटाया? दिल्ली पुलिस बोली- 'सुप्रीम कोर्ट का आदेश था'

दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए तय जगहों की लिस्ट से हटाया गया. अब दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड तय किए गए हैं.

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जंतर-मंतर अब डेजिग्नेटेड प्रोटेस्ट साइट नहीं रहा. (फोटो- India today)

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  • दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए डेजिग्नेटेड साइट्स की सूची से हटा दिया है और अब प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को निर्धारित किया गया है।
  • यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया जिसमें विरोध प्रदर्शनों के लिए नई सुरक्षित और सुविधाजनक जगहें तय करने को कहा गया था।
  • इसके बाद पुलिस ने नई जगहों की पहचान कर नियम बदले, जिससे प्रदर्शनकारियों को वैकल्पिक स्थल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए मशहूर ‘जंतर-मंतर’ पर अब किसी भी तरह का प्रोटेस्ट नहीं होगा. केंद्र सरकार के इस फैसले के बारे में तो आपने सुना ही होगा. अब हाई कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने इस फैसले के पीछे की वजह भी बताई है. पुलिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदर्शन के लिए तय जगहों की लिस्ट से जंतर-मंतर का नाम हटाया गया है. पुलिस के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि विरोध प्रदर्शनों के लिए दूसरी सटीक जगहें तय की जाएं. इसके बाद ही विरोध प्रदर्शनों के लिए अन्य जगहों की पहचान की गई.

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, बीती 9 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर दिल्ली हाई अलर्ट पर थी. इसे देखते हुए शहर में कई पाबंदियां लगाई गई थीं, जिनमें मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेनों को रद्द करने जैसे फैसले शामिल थे. इन पाबंदियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अब समय आ गया है कि शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं दी जाएं. 

कोर्ट ने ये भी कहा कि विरोध प्रदर्शनों के लिए ऐसी वैकल्पिक जगहों की तलाश की जानी चाहिए, जहां प्रदर्शनकारियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. कोर्ट ने मामले से जुड़े अफसरों को इस सुझाव पर विचार करने को कहा था. सरकार के वकील चेतन शर्मा ने कोर्ट के इसी आदेश का हवाला देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया है.  

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यूथ कांग्रेस नेता की याचिका पर सुनवाई

ये मामला यूथ कांग्रेस के एक नेता की याचिका से जुड़ा है. उदयभानु चिब नाम के नेता ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका डाली थी. उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट की परमिशन मांगी थी, जिसे दिल्ली पुलिस ने ये कहकर देने से इनकार कर दिया कि जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट करने वाली जगहों की लिस्ट से हटा दिया गया है. कोर्ट में चिब ने दलील दी कि उन्होंने ये परमिशन तब मांगी थी, जब जंतर-मंतर ‘डेजिग्नेटेड प्रोटेस्ट साइट’ की लिस्ट से बाहर नहीं हुआ था. इस याचिका की सुनवाई जस्टिस अमित महाजन ने की.

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दिल्ली पुलिस ने बदले नियम

बता दें कि मंगलवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने बताया कि उसने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से जुड़े अपने पुराने नियमों में बदलाव किया है. अब जंतर-मंतर को डेजिग्नेटेड प्रोटेस्ट साइट्स की लिस्ट से हटा दिया गया है. पुलिस ने कहा कि अब प्रदर्शन के लिए तीन दूसरी जगहें तय की गई हैं. ये जगहें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड हैं. पुलिस ने बताया कि जगह बदलने का फैसला गृह मंत्रालय के तहत बनी एक कमेटी की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है.

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वीडियो: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मिली या नहीं? सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका ने क्या बताया?

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