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बर्तन से पानी लेने पर दलित को मार-मारकर अस्पताल पहुंचाया, आरोपी बोला- 'छोटी जाति का कैसे ले लेगा'

आरोपी दुकानदार का नाम सुभाष बिंद है. उसका ऐसा कहना था कि "छोटी जाति" का होने के बाद भी भोला उस बर्तन से पानी कैसे पी सकता है. बिंद ने दावा किया कि बर्तन पर भोला का हाथ लगने से 'दूषित' हो गया है.

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सांकेतिक फोटो- Stock images

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  • उत्तर प्रदेश के भदोही में दलित भोला गौतम को पानी पीने पर बगल के दुकानदार सुभाष बिंद ने डंडे से पीटा और जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद FIR दर्ज हुई।
  • भोला गौतम और ओम प्रकाश सिरदर्द के कारण प्राइवेट क्लिनिक के बाहर रखे बर्तन से पानी पी रहे थे, तभी सुभाष बिंद ने जाति आधारित भेदभाव दिखाते हुए पिटाई की।
  • पिटाई के बाद भोला गौतम का इलाज वाराणसी के अस्पताल में 12 दिन तक चला, और 6 जुलाई को पुलिस ने सुभाष समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर FIR दर्ज की।

दो लेबर पुताई (पेंट) का काम करके घर लौट रहे थे. एक के सिर में तेज दर्द था. तो दोनों एक प्राइवेट क्लिनिक के पास दवा के लिए रुक गए. डॉक्टर से दवा ली. उसे खाने के लिए बाहर रखे बर्तन से पानी पी लिया. सिर्फ इसी बात के लिए बगल के दुकानदार ने उसकी बेरहमी से पिटाई की. जान से मारने की धमकी भी दे डाली. ये सब इसलिए क्योंकि जिस शख्स ने पानी पिया वो दलित है. ये मामला उत्तर प्रदेश के भदोही का है.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना 23 जून की है. भोला गौतम अपने साथी ओम प्रकाश विश्वकर्मा के साथ काम से घर लौट रहे थे. एक क्लिनिक पर सिरदर्द की दवा ली. FIR के मुताबिक, दवा के लिए उन्हें पानी चाहिए था. क्लिनिक के लोगों ने उन्हें बताया कि बाहर रखे बर्तन से पानी पी लें. लेकिन जैसे ही उन्होंने पानी पिया, बगल के दुकानदार ने ऐतराज जताते हुए गाली गलौज शुरू कर दी. 

‘दूषित’ हो गया बर्तन?

आरोपी दुकानदार का नाम सुभाष बिंद है. उसका ऐसा कहना था कि "छोटी जाति" का होने के बाद भी भोला उस बर्तन से पानी कैसे पी सकता है. बिंद ने दावा किया कि बर्तन पर भोला का हाथ लगने से वो 'दूषित' हो गया है. पुलिस का कहना है कि बिंद ने डंडे से भोला की पिटाई की, जिसकी वजह से उसको गंभीर चोटें आईं. उसने भोला को जान से मारने की भी धमकी दी. ASP शुभम अग्रवाल ने बताया कि भोला को वहां खड़े लोगों और उसके साथी ने किसी तरह वहां से बचाया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया.

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भोला को पेट, सिर, पीठ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं. इसलिए उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया गया. यहां 12 दिनों तक उनका इलाज चला. डिस्चार्ज होने के बाद, भोला ने 5 जुलाई को पुलिस के पास जाकर इस मामले में शिकायत दर्ज कराई. उनके बयान के आधार पर सोमवार 6 जुलाई को FIR दर्ज की गई. पुलिस ने बताया कि इस मामले में सुभाष समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

वीडियो: क्या भदोही से भाजपा प्रत्याशी रमेश बिंद ने ब्राह्मणों को पिटवाने वाला बयान दिया?

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