आपके पास चाहे iPhone हो या Android, दुनिया जहान की वेबसाइट तो आप ओपन करते ही होंगे तो आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. साइबर ठग वापस आए हैं और इस बार आपके फोन में घुसने का रास्ता वेबसाइट्स को हैक करके बनाया गया है. साइबर हैकर्स ने कई सारी वेबसाइट में सेंधमारी की है और ऐसी किसी भी प्रभावित वेबसाइट पर जाने मात्र से ही यूज़र्स का निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है. साइबर सेफ्टी एक्सपर्ट ने एक ऐसे हैकिंग अभियान का पता लगाया है जो आईफोन और एंड्रॉइड यूज़र्स को निशाना बना रहा है.
आपका फोन भी हो सकता है हैक! इन खतरनाक वेबसाइट्स से बनाएं दूरी
आर्स टेक्निका (Ars Technica) की एक रिपोर्ट के अनुसार, साइबर सुरक्षा फर्म सेकोइया (Sekoia) ने अक्टूबर 2026 में इस हैकिंग अभियान का पता लगाया. सेफ्टी फर्म के मुताबिक हैकर्स ने फोन्स की सुरक्षा कमियों का फायदा उठाकर यूज़र्स की निजी जानकारी तक पहुंच बनाई है, जिसमें व्हाट्सऐप चैट, पासवर्ड, फोटो और ब्राउज़िंग हिस्ट्री शामिल हैं.

आर्स टेक्निका (Ars Technica) की एक रिपोर्ट के अनुसार, साइबर सुरक्षा फर्म सेकोइया (Sekoia) ने अक्टूबर 2026 में इस हैकिंग अभियान का पता लगाया. एक्सपर्ट का मानना है कि ये हैकर रूस की फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विस (SVR) से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि इस बात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. सेफ्टी फर्म के मुताबिक हैकर्स ने फोन्स की सुरक्षा कमियों का फायदा उठाकर यूज़र्स की निजी जानकारी तक पहुंच बनाई है, जिसमें व्हाट्सऐप चैट, पासवर्ड, फोटो और ब्राउज़िंग हिस्ट्री शामिल हैं. सबसे चिंता की बात ये है कि यूज़र्स को किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या कुछ भी डाउनलोड करने की ज़रूरत नहीं थी. प्रभावित वेबसाइट को खोलना ही इस हमले को शुरू करने के लिए काफ़ी है.
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साइबर हमले के तहत, हैकरों ने कथित तौर पर फोन को निशाना बनाने के लिए तीन तरीकों का इस्तेमाल किया. उन्होंने असली वेबसाइटों में हानिकारक कोड डाल दिए, भरोसेमंद वेबसाइटों की नकली प्रतियां बनाईं, और 'प्लेर्डी' (Plerdy) नाम की एक यूक्रेनी वेब एनालिटिक्स सर्विस को हैक कर लिया. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि हजारों वेबसाइटें 'प्लेर्डी' के ट्रैकिंग टूल का इस्तेमाल करती हैं, इसलिए उन वेबसाइटों पर जाने वाले लोग भी इस हमले की चपेट में आ सकते थे.
दो फर्जी वेबसाइटसाइबर एक्सपर्ट को दो फर्जी वेबसाइट 'america250.holiday' और 'theowo.club' मिली जिनका इस्तेमाल फोन में सेंधमारी के लिए हो रहा था. 'america250.holiday' अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़ी आधिकारिक 'America250' वेबसाइट की नकल की थी तो दूसरी वेबसाइट, यूके के महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों के पास स्थित एक लग्जरी होटल की नकल थी. शोधकर्ताओं का मानना है कि फर्जी होटल वेबसाइट को राजनयिकों और अन्य हाई-प्रोफाइल मेहमानों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया हो सकता है.
आपके साथ क्या हो सकता है?दो वेबसाइट तो पकड़ में आ गईं लेकिन ऐसी और भी होंगी. ऐसे में अगर आप किसी ऐसी वेबसाइट पर क्लिक करते हैं तो हैकर्स को पता होता है कि वह व्यक्ति आईफोन का इस्तेमाल कर रहा है या एंड्रॉइड फोन का, और उसमें कौन सा सॉफ्टवेयर वर्ज़न चल रहा है. इसके बाद, वह डिवाइस में सेंध लगाने और डेटा चुराने के लिए सुरक्षा कमियों को खोजा जाता है. इस तरह के हमले को 'ज़ीरो-क्लिक अटैक' कहा जाता है.
अपडेट-अपडेट-अपडेट. अच्छी बात ये है कि गड़बड़ी का पता चलते ही ऐप्पल और गूगल ने अपडेट के जरिए साब ठीक कर दिया है. इसलिए आपको भी पहली फुरसत में फोन के सॉफ्टवेयर अपडेट और ऐप्स अपडेट में झांक लेना चाहिए. वैसे भी फोन को अपडेट करते रहना एक अच्छी आदत है. बनाए रखिए.
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