चंडीगढ़ पुलिस के एक हेड कांस्टेबल की उनके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. मामला चंडीगढ़ के सेक्टर 22 का है. सूचना मिलने पर पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची. शुरुआती जांच में मौके से एक देसी कट्टा बरामद किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
चंडीगढ़ में हेड कांस्टेबल की घर में लाश मिली, पत्नी-बेटा भी अंदर ही थे
नितिन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. नितिन चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर की अकाउंट्स ब्रांच में तैनात थे. घटनास्थल से एक देसी कट्टा भी मिला है. पुलिस को शक है कि इसी हथियार से गोली चलाई गई.

मृतक की पहचान हेड कांस्टेबल नितिन के तौर पर हुई है. मृतक चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर की अकाउंट्स ब्रांच में तैनात थे. घटना शुक्रवार, 25 सितंबर की है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह गोली चलने की आवाज आई. आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. जब पुलिस घर के अंदर पहुंची, तो चंडीगढ़ पुलिस का एक हेड कांस्टेबल नितिन का शव बिस्तर पर पड़ा था. उनके सिर में गोली लगी थी.
नितिन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटनास्थल से एक देसी कट्टा भी मिला है. पुलिस को शक है कि इसी हथियार से गोली चलाई गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर भी मौके पर पहुंचीं. उन्होंने बताया कि सुबह पुलिस को घटना की सूचना मिली थी.
फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई है. जांच की जा रही है. जिस वक्त नितिन को गोली लगी, उस समय घर में उनकी पत्नी और बेटा भी मौजूद थे. यानी अब पुलिस के सामने कई सवाल हैं. गोली किसने चलाई? घर के अंदर क्या हुआ? देसी कट्टा वहां कैसे पहुंचा? और नितिन की मौत के पीछे असल वजह क्या है? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे. इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस जांच कर रही है. SHO सुदेश कुमार से आजतक से जुड़े असीम बस्सी ने बात की है.
SHO सुदेश ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतक नितिन के बेटे पर शक है. हालांकि अभी जांच चल रही है. यहां हम आपको एक बता दें. अभी इस मामले में बेटे को आरोपी नहीं बनाया गया है.
इससे पहले पड़ोसी राज्य पंजाब में भी इसी महीने पुलिसवालों पर हमले की दो घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 18 सितंबर की रात करीब साढ़े 12 बजे अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हरजीत सिंह ड्यूटी पर थे. तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी. उन्हें तीन गोलियां लगी थीं.
हरजीत सिंह तरनतारन के रहने वाले थे और PCR में तैनात थे. वो गेट हकीमा पुलिस स्टेशन से जुड़े हुए थे. हमला अमृतसर के भगतांवाला इलाके के पास हुआ था. घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनकी उम्र करीब 50 साल बताई गई थी. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ नाम के एक संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था. इसी संगठन ने 11 सितंबर को अमृतसर के अजनाला में ASI जसवंत सिंह पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का भी दावा किया था. हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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इससे पहले 24 मई को भी अमृतसर में पंजाब पुलिस के एक ASI की गोली मारकर हत्या की गई थी. ASI गुरदासपुर से ड्यूटी के लिए अमृतसर जा रहे थे. वह मजीठा के रास्ते से आगे बढ़ रहे थे, तभी उन पर गोली चला दी गई. उन्हें दो गोलियां लगी थीं. एक गोली कंधे पर और दूसरी कमर पर लगी थी.
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