The Lallantop

नेपाल से बाढ़ में बहकर आई 'अनजान' मछलियों ने बिहार सरकार की नींद उड़ाई, गंभीर चेतावनी जारी

Bihar government issues advisory consuming fish: नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार तक कई मछलियां भी बहकर आ गईं. अब बिहार सरकार ने इन मछलियों को ना खाने की सलाह दी है.

Advertisement
post-main-image
नेपाल बाढ़ में बिहार तक कई मछलियां बहकर आ गई हैं. (फोटो-इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • बिहार के डेयरी, पशु संसाधन और मत्स्य पालन मंत्री नंद किशोर राम ने लोगों को नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ आई अनजान मछलियों को न खाने की सलाह दी है।
  • नेपाल की बाढ़ के कारण मछलियां बिहार पहुंचीं, जो खुले नालों और सड़ने-गलने वाली चीजों के संपर्क में आईं, जिससे उनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया।
  • सरकार ने लोगों से ऐसे मछलियों को खाने से बचने और बीमार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने का निर्देश दिया है, साथ ही अनजान मछलियों के मामले स्थानीय अधिकारियों को रिपोर्ट करने को कहा गया है।

नेपाल की बाढ़ में बहकर सिर्फ इंसानी शव भारत में नहीं आए, कई तरह के जीव भी पहुंच रहे हैं. इनमें मछलियां भी शामिल हैं. खबर है कि बाढ़ के पानी में बहकर बिहार पहुंची मछलियों ने सरकारी महकमे में खलबली मचा दी है. सरकार ने इन मछलियों को खाने से बचने की सलाह दी है. बताया जा रहा है कि कुछ लोग इन फिश को खाने के बाद बीमार पड़ गए हैं.

Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 सितंबर को बिहार के डेयरी, पशु संसाधन और मत्स्य पालन मंत्री नंद किशोर राम ने लोगों से अपील की कि नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ राज्य में आई अनजान मछलियों को न खाएं. क्योंकि इससे बीमारी हो सकती है.

किशोर राम ने कहा,

Advertisement

"मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे गंडक जैसी नदियों के जरिए नेपाल से बहकर आने वाली मछलियों को न खाएं. ये देखने में अलग तरह की होती हैं. इन मछलियों से पेट दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. ऐसी मछलियां खाने से संक्रमण भी हो सकता है. बेहतर है कि इन्हें न खाया जाए."

एडवाइजरी जारी कर लोगों को किया सतर्क

मंगलवार, 1 सितंबर को  डेयरी, पशु संसाधन और मत्स्य पालन की तरफ से एक एडवाइजरी भी जारी की गई थी. इसमें भी लोगों से अज्ञात मछलियों को ना खाने की सलाह दी गई है.

एडवाइजरी में कहा गया है, 

Advertisement

"बाढ़ के दौरान तालाबों, नदियों, झीलों और जलाशयों से बहकर निकली मछलियां बड़े इलाकों में फैल सकती हैं. वह खुले नालों, मरे हुए जानवरों और सड़ने-गलने वाली चीजों के लंबे समय तक संपर्क में आ सकती हैं. इस कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इन मछलियों को खाना ठीक नहीं.

ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि जब तक हालात सामान्य न हो जाएं. प्राकृतिक गंदगी और बीमारी फैलाने वाले कीटाणु खत्म न हो जाएं, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियां न खाएं."

उन्होंने आगे कहा कि मछली खाने के बाद अगर किसी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत या कोई और असामान्य लक्षण महसूस हो तो वह तुरंत नजदीकी हेल्थ सेंटर या अस्पताल में जाकर डॉक्टर को दिखाएं. 

ये भी पढ़ें: 'भारतीय विदेश में गंदगी नहीं करते, लेकिन भारत में करते हैं', हाई कोर्ट ने आईना दिखा दिया

विभाग ने लोगों से यह भी कहा कि अगर उन्हें ऐसी मछलियां दिखें, तो वे अपने जिले के मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें. विभाग ने लोगों से अपील की कि एहतियात के तौर पर वे अनजान मछलियां खाने से पूरी तरह बचें.

वीडियो: क्या इस्तीफा देने के बाद आईएएस दिव्या मित्तल को मिला कांग्रेस का ऑफर?

Advertisement