आंधी-तूफान में पेड़ गिरने से कार-घर तबाह? जानिए बीमा कंपनी से क्लेम पाने का पक्का नियम
Car Insurance Claim: तेज आंधी-तूफान अक्सर में सोसायटियों और सड़कों पर खड़े वाहनों पर भारी पेड़ गिरने से भारी नुकसान हो जाता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि इस तबाही का हर्जाना कौन देगा? क्या आपकी बीमा कंपनी इसके पैसे देगी या सारा खर्च अपनी जेब से भरना होगा?

एक अच्छा खासा दिन, आसमान साफ, तेज धूप और इन सबके बीच अपनी कार लेकर आप कहीं जाते हैं. बिल्डिंग के अंदर पार्किग नहीं मिली, लिहाजा सड़क पर गाड़ी पार्क कर देते हैं. सब कुछ एकदम प्लान के मुताबिक. मगर तभी अचानक से मौसम का मिजाज बदलता और तेज आंधी और बारिश शुरू हो जाती है. बारिश रुकते ही आप बाहर आते हैं तो अपनी कार का हाल देखकर होश उड़ जाते हैं. क्योंकि कार के ऊपर एक पेड़ टूट कर गिरा पड़ा है. विंड शील्ड टूटी है और छप भी पिचक गई. एक ही झटके पर परफेक्ट दिन किसी बुरे सपने में बदल गया.
फिल्म 'OMG' याद है? अक्षय कुमार वाली... उस फिल्म के अंदाज में कहें तो ये एक 'एक्ट ऑफ गॉड' है, बोले तो कुदरत का क़हर. अब ऐसे में इतना नुकसान झेलने के बाद आपके दिमाग में बस एक ही सवाल कौंध रहा होगा कि चलो जो हुआ सो हुआ, अब मेरे नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस वाले कर तो देंगे ना? कहीं ऐसा तो नहीं कि कार रिपेयर का सारा खर्चा मुझे अपनी पॉकेट से करना पड़ेगा? और इंश्योरेंस कंपनी 'एक्ट ऑफ गॉड' बोलकर हाथ खड़े कर देगी.
हर साल देश और दुनिया के कोने-कोने में सैकड़ों लोग इस सवाल का जवाब खोज रहे होते हैं. Google बाबा की शरण में भी काफी लोग इस सवाल का जवाब जानने के लिए पहुंच जाते हैं. ऐसे में अगर आपने मन में भी इस तरह का कोई सवाल है तो जवाब जानने में हम आपकी मदद कर देते है. और आपको बताते हैं इंश्योरेंस के असली वाले नियम. ताकि आप की गाड़ी का क्लेम मिलेगा या नहीं, इसका आइडिया हो जाए.
सिर्फ इतना ही नहीं हम ये भी जानने की कोशिश करेंगे कि क्या जरा सी सावधानी अपना कर आप इंश्योरेंस वालों के इनकार को इकरार में बदल सकते हैं. तो चलिए शुरू करते हैं.
आंधी में कार टूटी तो क्लेम मिलेगा या नहीं?
सबसे पहले बात आपकी गाड़ी की. अगर आंधी-तूफान में पेड़ गिरने से कार को नुकसान पहुंचा है, तो क्लेम मिलेगा या नहीं, यह पूरी तरह आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी के टाइप पर निर्भर करता है.
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है तो भूल जाइए: अगर आपके पास सिर्फ 'थर्ड पार्टी' (Third-Party) मोटर इंश्योरेंस है, तो आपको फूटी कौड़ी भी नहीं मिलने वाली. यह पॉलिसी सिर्फ तब काम आती है जब आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति का नुकसान हुआ हो. खुद की कार पर पेड़ गिरने का खर्च इसमें कवर नहीं होता.
कंप्रिहेंसिव पॉलिसी ही बचाएगी: अगर आपके पास 'कंप्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस' (Comprehensive Insurance) है, तो बिल्कुल मत घबराइए. इस पॉलिसी में प्राकृतिक आपदाओं (Act of God) जैसे आंधी, तूफान, बाढ़ और भूकंप से होने वाले नुकसान को साफ तौर पर कवर किया जाता है. पेड़ गिरना इसी कैटेगरी में आता है, इसलिए बीमा कंपनी को हर हाल में क्लेम का पैसा देना ही होगा.
घर को नुकसान हुआ, तो क्या है नियम?
गाड़ी की तरह ही घर का मामला भी है. अगर आंधी में कोई भारी पेड़ आपकी बाउंड्री वॉल या घर की छत पर गिर गया, तो इसका हर्जाना सिर्फ तब मिलेगा जब आपने 'होम इंश्योरेंस' (Home Insurance) ले रखा हो.
होम इंश्योरेंस की पॉलिसियों में आग, बिजली गिरना और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले स्ट्रक्चरल डैमेज का कवर शामिल होता है. हालांकि, इसमें भी यह देखा जाता है कि नुकसान सिर्फ घर के ढांचे को हुआ है या अंदर रखे सामान (कंटेंट्स) को भी. अगर आपके पास दोनों का कवर है, तभी पूरा मुआवजा मिलेगा.
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क्लेम पाने के लिए तुरंत करने होंगे ये 4 काम
जैसे ही ऐसा कोई हादसा हो, पैनिक करने के बजाय तुरंत ये चार जरूरी कदम उठाएं, वरना बीमा कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर सकती है:
1. तस्वीरें और वीडियो बनाएं: घटना के तुरंत बाद गाड़ी या घर की वैसी ही स्थिति में कई एंगल से फोटो खींच लें और एक छोटा वीडियो बना लें. यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि नुकसान पेड़ गिरने से ही हुआ है.
2. पेड़ को खुद न हटाएं: जब तक इंश्योरेंस कंपनी का सर्वेयर आकर गाड़ी को देख न ले या उसकी तरफ से हरी झंडी न मिले, तब तक पेड़ की डालियों को हटाने की कोशिश न करें. स्थिति बदलने पर कंपनी सवाल उठा सकती है.
3. कंपनी को तुरंत सूचना दें: बिना वक्त गंवाए अपनी इंश्योरेंस कंपनी के कस्टमर केयर पर कॉल करें या ऐप के जरिए क्लेम रजिस्टर कर दें. देरी करने पर क्लेम खारिज होने का खतरा रहता है.
4. लोकल अथॉरिटी को बताएं: अगर गाड़ी किसी सरकारी सड़क या पब्लिक पार्क के पास खड़ी थी, तो नगर निगम या स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना देना बेहतर रहता है. कभी-कभी इसकी रिपोर्ट भी क्लेम प्रोसेस में मदद करती है.
लब्बोलुआब ये है कि अगर पॉलिसी सही है, तो जेब से पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं. बस हड़बड़ी में कोई गलती मत करिए. सीधे अपनी कंपनी से संपर्क साधिए और नियमों के मुताबिक अपना क्लेम फाइल कर दीजिए.
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