जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर मारपीट की गई. आरोप सेना के जवानों पर लगा है. मामले में पुलिस ने सेना के 40 जवानों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इनमें एक कमांडिंग ऑफिसर और एक मेजर भी शामिल हैं. बताया गया कि पुलिस की एक टीम ने ट्रैफिक नियमों के कथित उल्लंघन के लिए सेना के एक अधिकारी की प्राइवेट गाड़ी को रोका और जब्त किया था. इसके बाद कथित तौर पर जवानों ने अथोली पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ की.
'पुलिस वालों की वर्दी फाड़ी, थाने में की तोड़फोड़', FIR में सेना के कर्नल-मेजर का भी नाम
J&k Police personne assault: जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ की गई. मामले में पुलिस ने सेना के 40 जवानों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया है. जिनमें एक कमांडिंग ऑफिसर और एक मेजर भी शामिल हैं.


NDTV की रिपोर्ट में बताया गया कि FIR स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) अमृत कटोच ने दर्ज कराई है. जिन कर्मियों के साथ सैनिकों ने कथित तौर पर मारपीट की, उसमें थाने के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) विजय कुमार भगत और SHO भी शामिल हैं.
"मेरी वर्दी फाड़ दी"SHO कटोच ने बताया कि वे पड्डर में ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल थे. तभी उन्हें घटना की जानकारी मिली. जिसके तुरंत बाद वे थाने लौट आए. उन्होंने लिखा,
जैसे ही मैं (शिकायतकर्ता) पुलिस स्टेशन के परिसर में पहुंचा, मेजर विकास शर्मा के नेतृत्व में सेना के जवानों ने मुझ पर हमला कर दिया. इस हाथापाई के दौरान उन्होंने मेरी वर्दी फाड़ दी. SDPO अथोली विजय कुमार भगत पर भी हमला किया.
FIR में बताया गया कि जवानों ने ARTO किश्तवाड़ और उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSOs) के साथ भी मारपीट की. शिकायत में ऑफिसर अमृत कटोच ने कहा,
हमलावरों ने सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया. ARTO की सरकारी गाड़ी, अथोली पुलिस स्टेशन के SHO और SDPO की गाड़ियों में तोड़फोड़ की और पुलिस स्टेशन का मुख्य गेट भी तोड़ दिया.
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पुलिस का दावा है कि यह हमला पहले से तय था और सेना के जवान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की ‘जान लेना’ चाहते थे. FIR में लिखा,
FIR में किन-किन का नाम शामिल?जवान पूरी तैयारी के साथ आए थे. उनके पास लाठियां, लोहे की छड़ी और हथियार और गोला-बारूद भी थे. इन सभी के साथ वे मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल पर चढ़कर अथोली पुलिस स्टेशन के परिसर में घुसे. उनका मकसद कथित तौर पर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को जानलेवा चोट पहुंचाना और उनकी हत्या करना था. जबरदस्ती घुसने और हमले के बारे में पुलिस स्टेशन से कॉल मिलने पर मैं तुरंत वापस पहुंचा.
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने NDTV से बात करते हुए कहा कि मामले की जांच सही तरीकों से की जा रही है. भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी. संयुक्त जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि अभी इस बारे में और कुछ कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि जांच चल रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, FIR में पुलिस ने 17 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एन अरुण गांधी, मेजर विकास शर्मा, नायब सूबेदार शंकर गुर्खे और 30-40 अन्य अज्ञात सेना कर्मियों का नाम शामिल किया है. आरोपियों पर हत्या की कोशिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं. सेना ने कहा है कि वे जांच में सहयोग करेंगे.
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