अयोध्या के राम मंदिर में ‘दान चोरी’ और गबन के मामले में पहली FIR दर्ज कर ली गई है. यह कार्रवाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत, SIT टीम की अंतरिम रिपोर्ट और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर की गई है. चोरी और गबन के आरोप में पुलिस ने अब तक 8 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. वहीं, मुख्य 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. जबकि, पुलिस 4 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. मामले में आगे और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है.
राम मंदिर दान घोटाले में पहली FIR दर्ज, 8 लोगों के नाम शामिल, 2 गिरफ्तार भी हुए
अयोध्या में श्रीराम लला मंदिर में हुए दान में हेरा-फेरी और गबन के मामले में पहली FIR दर्ज कर ली गई है. यह कार्रवाई SIT की अंतरिम रिपोर्ट, मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य और CM योगी के निर्देश पर दर्ज किया गया.


आरोपियों के खिलाफ अयोध्या के रामजन्मभूमि कोतवाली में FIR दर्ज की गई है. इंडिया टुडे से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, दान चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन और SIT की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने FIR लिखी. इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316(5), 317(4) ,317(5) 61, और 3(5) के तहत आपराधिक षड्यंत्र रचने, चोरी, विश्वासघात और चोरी की संपत्ति से जुड़े गंभीर अपराध से संबंधित धाराएं शामिल हैं.
मंदिर से दान की चोरी और गबन के आरोप में जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उनके नाम अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, रमाशंकर यादव (टिन्नू), सुभाष. करुणेश और लवकुश मिश्रा हैं. इनमें से पुलिस ने 2 मुख्य आरोपियों लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि, अविनाश त्रिपाठी, करुणेश पांडे, सुभाष चंद्र और मनीष यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की आशंका है.
बता दें कि मामले का संज्ञान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिस ने भी लिया. PMO की ओर से भी मंदिर ट्रस्ट से चंदे का हिसाब मांगा गया था, लेकिन उन्हें यह नहीं मिला. मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने चंदे का हिसाब PMO के साथ शेयर नहीं किया. इसके जवाब में कहा कि मामले की SIT जांच चल रही है. जांच के लिए सभी जरूरी रिकॉर्ड्स को इकठ्ठा किया जा रहा है. ऐसे में अभी ये जानकारी नहीं शेयर की जा सकती.
वीडियो: चंपत राय ने PMO को कौन सी जानकारी देने से मना कर दिया?



















