उत्तर भारत में मानसून इस वक्त अपने सबसे खतरनाक और डरावने अंदाज में है. एक तरफ अमरनाथ यात्रा पर कुदरत की ऐसी मार पड़ी है कि प्रशासन को आनन-फानन में यात्रा रोकनी पड़ी. तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है.
हिमाचल से कश्मीर तक कहर बनी बारिश, अमरनाथ यात्रा का रूट चेंज, IMD का जरूरी अपडेट
Weather Update: बादल फटने के बाद आई बाढ़ के चलते अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है. उधर यूपी और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ की आशंका को लेकर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है.


नदियां उफान पर हैं, पहाड़ दरक रहे हैं और आम आदमी की जिंदगी थम सी गई है. अगर आप भी इन इलाकों में हैं या फिर आपके अपने कहीं यात्रा पर निकले हैं, तो ये पूरी रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि इस वक्त मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक ग्राउंड जीरो पर असल हालात क्या हैं.
अमरनाथ यात्रा पर कुदरत का पहरा: बालटाल और पहलगाम रूट का ताजा हाल
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है. अचानक आए फ्लैश फ्लड्स यानी अचानक आई बाढ़ और बादलों के फटने की घटनाओं के बाद श्री अमरनाथ यात्रा को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा है. मौसम विभाग यानी आईएमडी (IMD) ने पहले ही कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद प्रशासन कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है. ‘द हिंदू’ की ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है.
जरूरी सूचना: बालटाल और पहलगाम दोनों ही मुख्य मार्गों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. फंसे हुए यात्रियों के लिए प्रशासन ने राहत शिविरों में खाने-पीने और मेडिकल कैंप की पुख्ता व्यवस्था की है.
प्रशासन की नई गाइडलाइन और हेल्पलाइन नंबर
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने साफ कर दिया है कि जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, यात्रा को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा. पीटीआई (PTI) के मुताबिक मौसम विभाग के रेड अलर्ट के नक्शे को देखते हुए यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी टेंट या बेस कैंप से बाहर न निकलें.
अगर आप या आपका कोई जानने वाला इस वक्त यात्रा मार्ग पर फंसा है, तो पैनिक होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. सरकार और श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की मदद के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है.
एसएएसबी हेल्पलाइन नंबर: 0194-2500167 / 0194-2500363
यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश: किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें
यूपी और हिमाचल में मानसून का विकराल रूप: नदियां उफान पर और स्कूल बंद
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बारिश ने ऐसा कहर बरपाया है कि उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में हालात बेकाबू हो गए हैं. आजतक की रिपोर्ट्स बताती हैं कि लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. हिमाचल प्रदेश में कई जगहों पर लैंडस्लाइड यानी भूस्खलन की वजह से नेशनल हाईवे और मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप पड़ा है. उधर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी जलभराव के चलते जिला प्रशासन ने स्कूलों को बंद करने का कड़ा आदेश जारी किया है.
लोकल इंपैक्ट: मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे अभी और भारी गुजरने वाले हैं. नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.
अगले 48 घंटों के लिए IMD की फोरकास्ट रिपोर्ट और एहतियाती कदम
मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में बिल्कुल न लें. जिन जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, वहां के प्रशासन ने आम जनता की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाए हैं. नदी-नालों के पास जाने पर पूरी पाबंदी लगा दी गई है और पुलिस बल तैनात किए गए हैं.
मौसम का हाल: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और तराई वाले जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
प्रशासनिक एक्शन: हिमाचल और यूपी के प्रभावित जिलों में डीएम के आदेश पर सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद कर दिए गए हैं.
यातायात पर असर: पहाड़ी रास्तों पर पत्थरों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है, इसलिए अनावश्यक यात्रा करने से बचें.
कुदरत के आगे किसी की नहीं चलती, ये बात एक बार फिर साबित हो गई है. अमरनाथ यात्रा हो या फिर यूपी-हिमाचल के बाढ़ प्रभावित इलाके, इस वक्त सबसे बड़ी प्राथमिकता अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा है. प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर ले लें. जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए सतर्क रहें और सुरक्षित रहें.
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