झारखंड पुलिस ने 13 अगस्त को 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है. ये एफआईआर उन पर दर्ज हुई है, जो रांची में झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करने वालों में शामिल थे. FIR में 100 प्रदर्शनकारियों के नाम शामिल हैं, जबकि 500 अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है. झारखंड में भर्ती वाली परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन को 20 दिन हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है.
झारखंड में 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR, 100 को किया गया नामजद
JPSC Protest: Jharkhand Police ने 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है. ये एफआईआर उन पर दर्ज हुई है, जो रांची में झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करने वालों में शामिल थे. FIR में 100 प्रदर्शनकारियों के नाम शामिल हैं, जबकि 500 अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है.

10 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करना शुरू किया था. इस दौरान तनाव बढ़ गया. सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इसके बाद BJP ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में झारखंड बंद का आह्वान किया. झारखंड के पूर्व सीएम रघुबर दास ने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के भीतर CBI जांच की मांग पूरी नहीं हुई, तो वे भी भूख हड़ताल पर बैठेंगे. वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी इस मुद्दे पर 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है.
इसके अलावा रघुवर दास ने एक और मांग रखी है. उन्होंने 2024 की एक्साइज कॉन्स्टेबल फिजिकल परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले 19 लोगों के परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है. वहीं, ABVP नेताओं ने कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही राज्य सरकार की SIT की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं. वजह ये है कि SIT में बार-बार बदलाव किए गए हैं.
BJP ने झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है. वहीं, कांग्रेस ने BJP पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा ने विरोध प्रदर्शन में बाधा डालने की कोशिश की. इसके लिए भाजपा ने राज्य के बाहर से कार्यकर्ताओं को बुलाया था.
(यह भी पढ़ें: JPSC के चेयरमैन से सीधे था संपर्क, 35-35 लाख में बिकीं सीटें... मास्टरमाइंड ने खोले राज)
दूसरी ओर, JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रांची के सिविल सर्जन से विरोध स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी. महतो भूख हड़ताल पर थे और तबीयत बिगड़ने के बाद से अस्पताल में इलाज करा रहे थे. उन्होंने कहा कि उनकी आत्मा छात्रों के आंदोलन के साथ है. उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठे चार छात्र भी अस्पताल में इलाज करा रहे थे. इससे पहले, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच छह राउंड की बातचीत हुई, लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला.
वीडियो: झारखंड परीक्षा घोटाले में आरोपी अभय तिवारी ने किया 5.8 करोड़ की डील का खुलासा












