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75% अग्निवीरों के लिए 50% आरक्षण तय, सेना से निकलने के बाद यहां-यहां मिलेंगे पद

Agniveer Batch Service CAPF: राज्यसभा में बताया गया कि सरकार ने पहले ही अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स (AR) में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर 50 प्रतिशत वेकेंसी के आरक्षण का प्रावधान किया है.

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अग्निपथ योजना 2022 में शुरू की गई थी. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के 75 प्रतिशत अग्निवीर चार साल की सेवा समाप्ति के बाद सेना से बाहर हो जाएंगे और केवल 25 प्रतिशत अग्निवीर स्थायी सेवा के लिए चुने जाएंगे।
  • अग्निपथ योजना की भर्ती 2022 में हुई थी, जिसमें 17.5 से 21 वर्ष के युवाओं को चार साल के लिए सेनाओं में लिया गया, इसके बाद से सेवा अवधि समाप्ति और चयन की प्रक्रिया जारी है।
  • सेवा समाप्ति के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 50 प्रतिशत आरक्षण के तहत नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे और अन्य सिविल सेक्टर में सहायता भी प्रदान की जाएगी।

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं. इनमें से 75 प्रतिशत अग्निवीर सेना से बाहर हो जाएंगे. यह जानकारी 5 अगस्त को राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में दी. साथ ही बताया कि सरकार ने अग्निवीरों के लिए केंद्रीय बलों की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है. 

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अग्निपथ स्कीम में हर बैच से सिर्फ 25 प्रतिशत लोगों को ही स्थायी सेवा के लिए रखा जाएगा. 75 प्रतिशत अग्निवीर बाहर हो जाएंगे. इन अग्निवीरों के लिए सरकार दूसरी नौकरियों का इंतजाम कर रही है.

अग्निवीरों को कहां-कहां मिलेगी नौकरी?

नित्यानंद ने बताया कि अग्निवीरों के लिए नौकरी में आरक्षण का प्रावधान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स (AR) में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर होगा. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने लिखा,

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“अग्निपथ योजना के तहत पहले बैच के कुल अग्निवीरों में से 75 प्रतिशत की आर्म्ड फोर्स में चार साल की सर्विस पूरी होने की उम्मीद है. सरकार ने (अग्निवीरों के लिए) CAPFs और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी)/राइफलमैन के पद के लिए 50 प्रतिशत वैकेंसी आरक्षित की हैं.”

इससे पहले लोकसभा में नित्यानंद राय ने बताया था कि इन भर्तियों के लिए एक अलग से ‘पूर्व-अग्निवीर’ कैटेगरी बनाई गई है. इसके तहत सभी खाली पदों में से आधे उन उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होंगे, जिन्होंने अग्निपथ योजना के तहत अपनी सेवा पूरी की है.

46 हजार अग्निवीरों का कार्यकाल पूरा

साल 2022 में अग्निपथ योजना के तहत तीनों सेनाओं में अग्निवीरों की भर्ती हुई थी. इसमें 17.5 से 21 साल की उम्र के युवा पुरुषों और महिलाओं को रिक्रूट किया गया था. इनकी नौकरी की मियाद 4 साल थी. ये समय पूरे होने के बाद मेरिट, मेडिकल फिटनेस और संगठन की जरूरतों के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीर परमानेंट हो जाएंगे. बाकी बचे 75 प्रतिशत अग्निवीर बाहर हो जाएंगे.

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इस दौरान उन्हें एक सेवरेंस पैकेज, स्किल सर्टिफिकेट और अन्य सहायता दी जाएगी. ताकि उन्हें सिविल सेक्टर में नौकरी के मौके मिल सकें. बताया गया कि 2026 में पहले बैच से 46 हजार अग्निवीर चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए अग्निवीरों को ग्रेच्युटी और पेंशन नहीं मिलेंगी.

अग्निपथ योजना के खिलाफ देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने अग्निवीरों के लिए रक्षा और गृह मंत्रालय की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी. वहीं मौजूदा CAPF भर्ती नियमों के तहत ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 15 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के लिए 7.5 प्रतिशत का कोटा निर्धारित है. इसके अलावा पूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत का कोटा भी निर्धारित है.

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