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राहुल गांधी के हाथों अनशन तोड़ना चाहता था लेकिन... सोनम वांगचुक ने अब बताई पीछे की कहानी

Sonam Wangchuk ने बताया कि वे कांग्रेस नेता के हाथों ही अपना अनशन तोड़ना चाहते थे. लेकिन इस चाहत के बाद भी उन्हें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के हाथों से सूप पीकर अपना अनशन खत्म करना पड़ा. Rahul Gandhi के हाथों अनशन क्यों नहीं तुड़वा पाए, इस बारे में भी सोनम वांगचुक ने सब बताया है.

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सोनम वांगचुक की पत्नी ने राहुल गांधी से संपर्क करने की कोशिश की थी. (फोटो: इंडिया टुडे)

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  • सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने दावा किया कि उनकी पत्नी गीतांजलि ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संपर्क कर उनका 26 दिन का अनशन तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
  • सोनम वांगचुक ने 28 जून 2026 से NEET पेपर लीक मुद्दे पर भूखा प्रदर्शन किया था, जिसे स्वस्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराने और राजनीतिक नेताओं से भरोसा टूटने की परिस्थितियों ने प्रभावित किया।
  • अनशन तोड़ने के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने आधी रात समझौता किया था, लेकिन उनके वादे का उल्लंघन होने पर सोनम वांगचुक ने कहा कि उनका नेताओं से भरोसा समाप्त हो गया।

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने दावा किया है कि उनकी पत्नी गीतांजलि ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संपर्क साधने की पूरी कोशिश की थी. वांगचुक के मुताबिक, वे कांग्रेस नेता के हाथों ही अपना अनशन तोड़ना चाहते थे. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें कोई पॉजिटिव जवाब नहीं मिला. 

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इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के साथ एक खास इंटरव्यू में सोनम वांगचुक ने यह खुलासा किया. उन्होंने 23 और 24 जुलाई की उस दरमियानी रात के बारे में बताया, जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के हाथों से सूप पीकर उन्होंने अपना 26 दिनों का अनशन खत्म किया था. वांगचुक ने कहा,

“असल में, हम विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हाथों अपना अनशन तुड़वाने के बारे में सोच रहे थे और गीतांजलि इस पर काम कर रही थीं. वह राहुल के खिलाफ नहीं थीं. वह पूरी कोशिश कर रही थीं कि राहुल गांधी मेरा अनशन तुड़वा सकें. उन्हें कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली.”

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वांगचुक ने कहा कि यह बात इसलिए जरूरी है क्योंकि बाद में उनकी पत्नी को कांग्रेस लीडरशिप के बारे में की गई बातों की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ा था.

‘सरकार ने वादा तोड़ा’

सोनम वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह आधी रात अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने बताया,

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"मैंने कहा कि मैं अनशन तोड़ दूंगा, लेकिन खबर मेरी शर्तों पर जारी की जाएगी, जिसमें विपक्षी नेता और अगर हो सके तो स्टूडेंट लीडर्स की तस्वीरें भी होंगी ताकि लगे कि यह सब मिलकर किया गया है."

सोनम वांगचुक के मुताबिक, मंत्री इस प्रस्ताव पर सहमत हो गए. लेकिन इसके बावजूद कुछ ही मिनटों में इस समझौते का उल्लंघन कर दिया गया. और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कर दी गईं.

सोशल एक्टिविस्ट ने कहा कि इस पल को सिर्फ रूलिंग पार्टी से जुड़े कार्यक्रम के तौर पर नहीं दिखाया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस घटना ने राजनीतिक नेताओं पर से उनका भरोसा डिगा दिया है. उन्होंने कहा, “उन्होंने वादा तोड़ा. इसलिए मेरा इन सभी नेताओं से भरोसा उठ गया है.”

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सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे. उन्होंने 28 जून 2026 को अपनी भूख हड़ताल शुरू की थी. स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें 18 जुलाई को जबरदस्ती दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था. बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया.

सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद 24 जुलाई को उन्होंने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया.

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