'हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे.' शायद यह लाइन आपने सुनी होगी. मगर आज इसका उदाहरण भी मिल गया है. 22 मार्च को महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (MPSC) की ओर से ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए पेपर हुआ था. रिजल्ट भी आ गया था. लेकिन अब कमीशन ने इसे रद्द कर दिया है. क्योंकि उन्हें जानकारी मिली है कि पेपर लीक हुआ था.
गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद लड़के ने पुलिस को पेपर लीक का सच बता दिया, जांच में खुद भी पकड़ा गया
MPSC Drug Inspector Exam Scam: 22 मार्च को महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (MPSC) की ओर से ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए पेपर हुआ था. इसे अब रद्द कर दिया गया है. कमीशन को जानकारी मिली थी कि पेपर लीक हुआ है. जांच में बात साबित हो गई.

यह जानकारी 24 साल के लोकेश उर्फ गौरव पाटिल ने दी है. गौरव को खुद लीक हुआ पेपर अपनी गर्लफ्रेंड रुतुजा से मिला था. लेकिन रिजल्ट आने के बीच में दोनों का ब्रेकअप हो गया. इससे लोकेश को लगा कि उसकी एक्स अधिकारी बन जाएगी. और उसे भूल जाएगी. इसलिए खुद उसने कमीशन को पेपर लीक की जानकारी दे दी.
जांच करने पर ये कंफर्म हो गया, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई. मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया, जिसमें जानकारी देने वाला गौरव पाटिल भी शामिल है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकेश ने MPSC को एक एप्लिकेंट का दोस्त होने का दावा करते हुए ईमेल किया. मैसेज में उसने दावा किया कि 22 मार्च का एग्जाम पेपर लीक हुआ था.
लीक से जुड़ा मामला NCP (SP) MLA रोहित पवार ने भी उठाया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि नंदुरबार के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में कैंडिडेट्स को एग्जाम से दो दिन पहले ज्यादातर सवाल मिले थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए MPSC ने मुंबई पुलिस से संपर्क किया. फिर क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने जांच अपने हाथ में ले ली.
जांच करने वालों ने गौरव के बयान दर्ज किए. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती गई, आरोपी को लगा कि वह भी पकड़ा जा सकता है. इसके बाद उसने फिर MPSC से संपर्क किया. शिकायत से पीछे हटते हुए उसने दावा किया कि वह एग्जाम प्रोसेस को लेकर कन्फ्यूज था. लेकिन जांच जारी रखी गई, जिसमें पेपर लीक की खबर सच पाई गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, 22 मार्च की परीक्षा से पहले रुतुजा के पिता अमृत पाटिल ने कथित तौर पर बिचौलिए प्रवीण पाटिल से संपर्क किया था. पाटिल कोचिंग क्लास चलाते हैं. महिला कथित तौर पर नंदुरबार में उनके इंस्टीट्यूट में पढ़ रही थी.
ऐसे में प्रवीण तीन MPSC कर्मचारियों को जानता था. आरोप है कि असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर विश्वेश्वर नकाटे, गोपाल मराटे और अंडरसेक्रेटरी अभिजीत लेंडावे ने ही पेपर प्रवीण को देने में मदद की थी. क्वेश्चन पेपर के बदले कोचिंग टीचर ने कर्मचारियों को 5 लाख रुपये दिए थे. परीक्षा से कुछ दिन पहले अमृत ने अपनी बेटी रुतुजा को यह पेपर दे दिया. फिर रुतुजा ने परीक्षा से दो दिन पहले WhatsApp पर गौरव को पेपर फॉरवर्ड कर दिया. क्योंकि उसके भाई को भी पेपर देना था.
पुलिस के मुताबिक, रुतुजा ने बाद में परीक्षा दी और सातवीं रैंक हासिल की. लेकिन जब तक रिजल्ट आया, तब तक गौरव और रुतुजा का ब्रेकअप हो चुका था. ब्रेकअप के बाद गौरव को डर था कि एक बार रुतुजा ऑफिसर बन गई तो वह उसे भूल जाएगी.
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मामले में पुलिस ने तीन MPSC कर्मचारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है. रुतुजा को एक नोटिस जारी किया गया है. MPSC ने परीक्षा रद्द करते हुए कहा कि नई परीक्षा कराई जाएगी. जो कैंडिडेट रद्द हुई भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा थे, उन्हें दोबारा अप्लाई नहीं करना होगा. आगे मामले की जांच चल रही है.
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रुप B के 154 गजेटेड पदों के लिए ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 22 मार्च को हुई थी. राज्य के छह रेवेन्यू डिवीजन के सेंटर्स पर करीब 44 हजार कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया था. रिजल्ट 12 जून को घोषित किए गए. 506 कैंडिडेट्स इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई हुए. 488 कैंडिडेट्स की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट 22 जुलाई को जारी की गई थी.
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