आज है World Heart Day. जब तक दिल हेल्दी है, तब तक शरीर भी ठीक से काम करता है. जहां दिल की बीमारियां शुरू हुईं, शरीर का अंदरूनी सिस्टम बिगड़ने लगता है. सितंबर 2025 में रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने एक रिपोर्ट जारी की थी. The Report on Causes of Death: 2021-2023. इससे पता चला था कि भारत में होने वाली 31% मौतें दिल की बीमारियों की वजह से होती हैं.
दिल के लिए बेस्ट डाइट, एक्सरसाइज़ कौन-सी? हमेशा दुरुस्त रहेगा दिल, बस ये बातें जान लें
भारत में होने वाली 31% मौतें दिल की बीमारियों की वजह से होती हैं. अगर आपको स्वस्थ और लंबी ज़िंदगी जीनी है, तो दिल का हेल्दी रहना बहुत ज़रूरी है.

रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 56% से ज़्यादा मौतें नॉन-कम्यूनिकेबल डिज़ीज़ेस से होती हैं. यानी उन बीमारियों से, जो छूने से नहीं फैलतीं. इन नॉन-कम्यूनिकेबल डिज़ीज़ेस में नंबर एक पर हैं- कार्डियोवस्कुलर डिज़ीजेस. यानी दिल और खून की नलियों से जुड़ी बीमारियां. इसलिए अगर आपको स्वस्थ और लंबी ज़िंदगी जीनी है, तो दिल का हेल्दी रहना बहुत ज़रूरी है. और आपके दिल को स्वस्थ, मज़बूत रखने का हर तरीका हम बताएंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि दिल को हेल्दी रखने के लिए क्या खाएं. रोज़ कितनी फिज़िकल एक्टिविटी करें. दिल की बीमारियों से कैसे बचें. कौन-से वॉर्निंग साइन्स इग्नोर न करें. और किस उम्र के बाद या किन लोगों को रेगुलर हार्ट चेकअप करवाना चाहिए.
दिल को हेल्दी रखने के लिए क्या खाएं?ये हमें बताया डॉक्टर अंशुल कुमार जैन ने.

ऐसा कोई एक फल या सब्ज़ी नहीं है, जो दिल के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद हो. अगर रोज़ का खाना सही मात्रा और सही पोषण के साथ लिया जाए, तो सभी तरह की चीज़ें सेहत के लिए फ़ायदेमंद हो सकती हैं. जैसे अगर खाने में नमक, चीनी और घी कम कर दिया जाए. तब उससे होने वाला नुकसान अपने आप कम हो जाता है.
सबसे अच्छा होगा कि आप अपनी थाली को 4 हिस्सों में बांट दें. एक हिस्सा सलाद का होना चाहिए. इसमें पालक, धनिया, मेथी, पुदीना और बथुआ जैसी चीज़ें शामिल करें. इनसे शरीर को कई तरह के विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं. खीरा, ककड़ी और टमाटर से एंटीऑक्सीडेंट्स और दूसरी फ़ायदेमंद चीज़ें मिलती हैं.
साथ ही, दाल पूरी तरह से पॉलिश्ड नहीं होनी चाहिए. ब्राउन राइस या मसूरी चावल खा सकते हैं. रोटी मोटे अनाज वाले गेहूं से बनाएं. इसमें जौ, ज्वार, बाजरा और रागी जैसे अनाज शामिल कर सकते हैं. इन्हें खाने से शुगर लेवल तेज़ी से नहीं बढ़ता. इसलिए ये हमारे लिए फ़ायदेमंद हो सकते हैं. अलसी के बीज, चिया सीड्स, सूरजमुखी के बीज और कद्दू के बीज भी काम के हैं. इन्हें रोज़ 1 चम्मच खाने से कई मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं. मीठे और गैस वाले ड्रिंक्स नहीं पीने चाहिए, इनमें चीनी बहुत ज़्यादा होती है. इनकी जगह छाछ, सत्तू, आंवले का जूस, नारियल पानी और रसम पिया जा सकता है. ये सारी ड्रिंक्स हमारे लिए खूब फ़ायदेमंद होती हैं.
कोई भी ऐसी फिज़िकल एक्टिविटी, जिसमें शरीर चलता-फिरता है. जिससे कोई नुकसान नहीं पहुंचता, वो दिल के लिए फ़ायदेमंद होती है. अपनी सेहत और क्षमता के हिसाब से एक्सरसाइज़ करें. सबसे आसान एक्सरसाइज़ में से एक है चलना. रोज़ करीब 4 से 5 किलोमीटर चल सकते हैं. लेकिन अगर घुटने या कमर में दर्द है, तो दूसरी एक्सरसाइज़ करें. चलना, दौड़ना, तैरना और साइकिल चलाना अच्छी एक्सरसाइज़ मानी जाती हैं.
मसल लॉस न हो, इसके लिए थोड़ी वेट ट्रेनिंग भी करनी चाहिए. आप रोज़ करीब आधा घंटा यानी 5 दिन में 150 मिनट एक्सरसाइज़ करें. इसे दिल के लिए बहुत फ़ायदेमंद माना जाता है. आप स्क्वाट यानी नीचे बैठकर फिर खड़े होना और सूर्य नमस्कार कर सकते हैं. इनसे शरीर की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं और आप एक्टिव रहते हैं.
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दिल से जुड़े ये संकेत नज़रअंदाज़ न करेंअगर दांत, गले, जबड़े, कंधे, हाथ, छाती, पीठ या नाभि के ऊपर किसी हिस्से में दर्द हो. वो दर्द बहुत अजीब-सा लगे, तो ये दिल से जुड़ा हो सकता है. कई बार समझना मुश्किल होता है कि दर्द दिल का है, कान का, दांत का या कंधे का. दर्द या कोई लक्षण असामान्य लगने पर उसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच करवानी चाहिए.
अगर पहले आप आसानी से दूसरी मंज़िल तक सीढ़ियां चढ़ लेते थे. लेकिन अब सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने लगी है, तो ये भी दिल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है. अचानक घबराहट, तेज़ धड़कन, चक्कर, बेहोशी जैसे लक्षणों को भी नज़रअंदाज़ न करें.

दिल की बीमारियों से बचना है, तो पहले खुद पर ध्यान दें. अगर वज़न ज़्यादा हो, तो उसे कम करें. महिलाओं में कमर की नाप 32 इंच से कम होनी चाहिए. पुरुषों में कमर की नाप 36 इंच से कम होनी चाहिए. ज़्यादा वज़न दिल की बीमारियों का ख़तरा बढ़ा सकता है. अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ या हाई कोलेस्ट्रॉल है. आप सिगरेट पीते हैं या घर में दिल की बीमारियों का इतिहास है. तब अपना बहुत ध्यान रखें, इसके लिए रेगुलर चेकअप कराएं. जिससे आप खुद को दिल की बीमारियों से बचा सकें.
अगर आपको शुगर, बीपी, थायरॉइड या कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी कोई दिक्कत है, तो डॉक्टर के कहे अनुसार दवा लें और उसे अपने आप बंद न करें. अगर ब्लड प्रेशर या ब्लड शुगर कंट्रोल में आ जाए. तब भी दवा बंद करने का फैसला खुद न लें. साथ ही, खुद को एक्टिव रखें. रोज़ चलना और एक्सरसाइज़ करना आपको दिल की बीमारियों से बचाएगा. खाने में नमक, चीनी और घी कम कर दें. बहुत ज़्यादा प्रोसेस्ड और आर्टिफिशियल फ्लेवर वाली चीज़ें कम खाएं. आप जितना घर का सादा खाना खाएंगे. उतनी ही आपकी और आपके दिल की सेहत बनी रहेगी.
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दिल से जुड़े टेस्ट कब कराएं?जिन लोगों के परिवार में डायबिटीज़, हार्ट अटैक या अचानक मौत का इतिहास रहा है. उन्हें 20 साल की उम्र में ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, थायरॉइड और हीमोग्लोबिन चेक कराना चाहिए. इसके बाद डाइट और फिज़िकल एक्टिविटी पर ध्यान देना चाहिए. जिन लोगों के परिवार में ऐसी कोई बीमारी का इतिहास नहीं है. उन्हें 20-25 साल की उम्र के बीच ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, थायरॉइड और हीमोग्लोबिन की जांच करवा लेनी चाहिए. इसके बाद हर 5 साल में ये बेसिक टेस्ट कराए जा सकते हैं. लेकिन इस दौरान अपने वजन और फिज़िकल एक्टिविटी पर भी ध्यान देना ज़रूरी है.
40 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करानी चाहिए. साथ ही, स्मोकिंग से दूर रहें और फिज़िकली एक्टिव रहें. 50 साल के बाद साल में एक बार चेकअप कराना चाहिए. इसमें हीमोग्लोबिन, किडनी फंक्शन, ब्लड शुगर, थायरॉइड और कोलेस्ट्रॉल जैसे बेसिक टेस्ट शामिल किए जा सकते हैं. पुरुष PSA टेस्ट भी करा सकते हैं, जो प्रोस्टेट कैंसर की जांच में मदद करता है. महिलाएं मैमोग्राफी और पैप स्मीयर जैसे टेस्ट करा सकती हैं. जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी है. वो डॉक्टर की सलाह से अपना इलाज और ज़रूरी जांचें कराते रहें.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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