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ज़्यादा प्रोटीन से यूरिक एसिड क्यों बढ़ जाता है? दिन में कितना प्रोटीन खाना चाहिए?

यूरिक एसिड एक वेस्ट प्रोडक्ट है. जब कोई व्यक्ति ज़रूरत से ज़्यादा प्रोटीन खाता है, तो उसके शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है.

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यूरिक एसिड का लेवल बढ़ना एक आम समस्या है

आपने यूरिक एसिड का नाम सुना है? ये एक वेस्ट प्रोडक्ट है यानी गंदगी, जिसे शरीर बाहर निकाल देता है. मगर कई बार शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. इससे कई दिक्कतें होने लगती हैं. इसलिए, डॉक्टर से जानिए कि यूरिक एसिड क्या है. इसके बढ़ने से शरीर में क्या दिक्कतें होती हैं. क्यों ज़्यादा प्रोटीन खाने से यूरिक एसिड बढ़ जाता है. ये न बढ़े, इसके लिए क्या करें. कितना प्रोटीन लें. क्या खाएं. और, अगर यूरिक एसिड पहले से ही बढ़ा हुआ है, तो इसे कम करने का तरीका क्या है.

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यूरिक एसिड क्या होता है?

ये हमें बताया डॉक्टर रवि बंसल ने. 

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डॉ. रवि बंसल, सीनियर कंसल्टेंट, नेफ्रोलॉजी, पीएसआरआई हॉस्पिटल

यूरिक एसिड एक नाइट्रोजन युक्त वेस्ट प्रोडक्ट (गंदगी) है. शरीर हमारे खाने में मौजूद प्रोटीन को पचा लेता है. इसके बाद बनने वाले वेस्ट प्रोडक्ट को यूरिक एसिड कहा जाता है.

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शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से क्या समस्याएं आती हैं?

शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से इसके छोटे-छोटे टुकड़े किडनी में जमा हो सकते हैं, जिससे किडनी ख़राब हो सकती है. अगर ये छोटे-छोटे टुकड़े जोड़ों में जमा हो जाएं, तो जोड़ों में दर्द हो सकता है. यूरिक एसिड आपका ब्लड प्रेशर भी बढ़ा सकता है. यानी यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर के कई अंगों पर असर पड़ता है.

ज़्यादा प्रोटीन खाने से यूरिक एसिड क्यों बढ़ जाता है?

यूरिक एसिड, प्रोटीन के पचने के बाद बनने वाला एक बाय-प्रोडक्ट है. हमारा शरीर खाने में मौजूद प्रोटीन को पचाता है और उसे एनर्जी में बदलता है. प्रोटीन में प्यूरिन नाम के केमिकल पाए जाते हैं. जब शरीर प्यूरिन को तोड़ता है, तो यूरिक एसिड बनता है. अगर आप बहुत ज़्यादा प्रोटीन खाते हैं, तो शरीर में ज़्यादा प्यूरिन बनता है. इससे यूरिक एसिड बढ़ जाता है.

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यूरिक एसिड न बढ़े, इसके लिए जितनी ज़रूरत हो, उतना ही प्रोटीन लें

यूरिक एसिड न बढ़े, इसके लिए कैसे और कितना प्रोटीन लें?

यूरिक एसिड न बढ़े, इसके लिए दो चीज़ें करनी हैं. पहला, अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा कंट्रोल में रखें. एक स्वस्थ इंसान को रोज़ अपने वजन के प्रति किलोग्राम पर 1 ग्राम प्रोटीन की ज़रूरत होती है. यानी अगर व्यक्ति का वज़न 50 किलो है, तो वो एक दिन में 50 ग्राम तक प्रोटीन खा सकता है. जिन लोगों को किडनी की बीमारी या कोई गंभीर समस्या है, उनकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा कम होनी चाहिए. ऐसे लोगों को अपने वज़न के प्रति किलोग्राम पर 0.8 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए. कई लोग बॉडी बनाने के चक्कर में बहुत ज़्यादा प्रोटीन खाते हैं. वो 1.5 ग्राम/किलो वज़न तक प्रोटीन लेने लगते हैं. इतना सारा प्रोटीन लेने से यूरिक एसिड भी ज़्यादा बनता है. इसलिए जितना बताया गया है, उतना ही प्रोटीन लेना चाहिए. 

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दूसरा, प्रोटीन के सोर्सेज़ में भी बैलेंस हो. आप वेजिटेबल प्रोटीन और नॉन-वेजिटेबल प्रोटीन दोनों ही खाएं. कई तरह के प्रोटीन, जैसे रेड मीट और मछली से यूरिक एसिड ज़्यादा बनता है. लिहाज़ा, आपकी डाइट में हर तरह के प्रोटीन का बैलेंस होना चाहिए.

यूरिक एसिड कम कैसे करें?

इसके लिए वो चीज़ें कम खाएं, जिससे यूरिक एसिड ज़्यादा बनता है. जैसे रेड मीट और मीट से जुड़े दूसरे प्रोडक्ट, पैकेटबंद जूस, कच्चा टमाटर, सी-फूड, कॉफी और शराब.

अगर यूरिक बढ़ा हुआ है, तो उसे कम करने के लिए रोज़ 2 से 3 लीटर पानी पिएं. जिससे यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकले और उसकी मात्रा घटे. अगर यूरिक एसिड बहुत बढ़ गया है और लक्षण महसूस हो रहे हैं. तब डॉक्टर की सलाह पर कुछ दवाइयां ले सकते हैं, जिनसे यूरिक एसिड कंट्रोल किया जा सकता है.

देखिए, गर्मियों में कई ऐसे फल आते हैं, जो यूरिक एसिड का लेवल घटाने में मदद करते हैं. जैसे तरबूज़, अनानास, चेरीज़, बेरीज़, संतरा, नींबू और मौसंबी जैसे खट्टे फल. लेकिन सिर्फ फल खाकर काम नहीं चलेगा. आपको प्रोटीन की मात्रा ठीक करनी होगी. साथ ही, डॉक्टर की बताई दवा भी खानी पड़ेगी. इसलिए अगर आपके शरीर में प्रोटीन का लेवल बढ़ा हुआ है, तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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