जिम जाने वाले कई लोग स्टेरॉयड लेते हैं. वजह? ताकि मसल्स जल्दी बनें. शरीर की ताकत बढ़े. कम समय में अच्छी फिज़ीक मिले. और वर्कआउट के बाद रिकवरी भी तेज़ हो. लेकिन हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती. स्टेरॉयड जितने फायदे के लगते हैं, उतने हैं नहीं. इनका ज़्यादा इस्तेमाल शरीर के अलग-अलग अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.
एक्सरसाइज के साथ जिम स्टेरॉयड लेते हैं, छोटे टेस्टिकल्स, मूड स्विंग्स का खतरा है
जिम स्टेरॉयड के फायदे-नुकसान, सब पता करेंगे आज. डॉक्टर से जानेंगे कि जिम में इस्तेमाल होने वाला स्टेरॉयड क्या हैं. ये डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली स्टेरॉयड दवाओं से कितना अलग होते हैं. क्या इनसे सच में बॉडी जल्दी बनती है. फिर समझेंगे कि जिम स्टेरॉयड के नुकसान क्या हैं.

जिम स्टेरॉयड के फायदे-नुकसान, सब पता करेंगे आज. डॉक्टर से जानेंगे कि जिम में इस्तेमाल होने वाला स्टेरॉयड क्या हैं. ये डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली स्टेरॉयड दवाओं से कितना अलग होते हैं. क्या इनसे सच में बॉडी जल्दी बनती है. फिर समझेंगे कि जिम स्टेरॉयड के नुकसान क्या हैं. अगर कोई इन्हें छोड़ना चाहे तो क्या करे. और बिना स्टेरॉयड नेचुरल तरीके से अच्छी बॉडी कैसे बनाएं.
जिम स्टेरॉयड क्या होते हैं? ये डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली स्टेरॉयड दवाओं से कितना अलग?ये हमें बताया SDF के फिटनेस एक्सपर्ट एंड फाउंडर, सुमित दुबे ने.

हर स्टेरॉयड एक जैसा नहीं होता. डॉक्टर जो स्टेरॉयड देते हैं, उनका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में होता है. जैसे एलर्जी, अस्थमा और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां. ये दवाएं डॉक्टर की निगरानी में, सही मात्रा और तय समय तक दी जाती हैं. लेकिन जिम में अक्सर एनाबॉलिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जाता है. ये शरीर में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का लेवल बढ़ाते हैं. इससे मांसपेशियां (मसल्स) तेज़ी से बढ़ने लगती हैं. जो लोग जल्दी या ज़्यादा मसल्स बनाना चाहते हैं, वो इनका इस्तेमाल करते हैं. स्टेरॉयड लेने से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन बढ़ जाता है. यहीं से शरीर का हार्मोनल संतुलन बिगड़ना शुरू हो जाता है. धीरे-धीरे शरीर की सामान्य प्रक्रियाएं गड़बड़ होने लगती हैं और दिक्कतें शुरू हो जाती हैं.
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स्टेरॉयड से बॉडी जल्दी बनती है?- हां, स्टेरॉयड लेने से बॉडी जल्दी बन सकती है.
- इनसे मसल्स तेज़ी से बढ़ने लगते हैं.
- शरीर की ताकत भी जल्दी बढ़ सकती है.
- वर्कआउट के बाद शरीर की रिकवरी भी तेज़ हो सकती है.
जिम स्टेरॉयड के नुकसान क्या हैं?कई लोग सोशल मीडिया से प्रभावित होकर या जल्दी बॉडी बनाने के लिए स्टेरॉयड लेना शुरू कर देते हैं. लेकिन बाहर से मज़बूत दिखने वाला शरीर अंदर से कमज़ोर हो सकता है. बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक स्टेरॉयड लेना गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. स्टेरॉयड का असर दिल की सेहत पर पड़ सकता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ सकता है. लिवर और किडनी पर भी दबाव बढ़ सकता है.
शरीर में नेचुरल टेस्टोस्टेरॉन बनना कम हो सकता है. पुरुषों में इनफर्टिलिटी, सेक्स से जुड़ी समस्याएं और टेस्टिकल्स का आकार छोटा होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. महिलाओं में चेहरे पर बाल आना, आवाज़ भारी होना और पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं. मुंहासे (एक्ने), बाल झड़ना, मूड स्विंग्स, गुस्सा, एंग्ज़ायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

स्टेरॉयड अचानक बंद नहीं करने चाहिए. इंटरनेट देखकर खुद से दवाइयां लेना भी ठीक नहीं है. कई लोग यही गलती करते हैं. सबसे पहले किसी अच्छे एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या स्पोर्ट्स मेडिसिन एक्सपर्ट से सलाह लें. डॉक्टर ज़रूरत के अनुसार हार्मोन से जुड़े कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं. कई लोगों में समय के साथ शरीर दोबारा प्राकृतिक रूप से हार्मोन बनाना शुरू कर देता है. लेकिन हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है. इसलिए इलाज और रिकवरी का तरीका भी हर किसी के लिए अलग हो सकता है. जितनी जल्दी सही डॉक्टर से सलाह ली जाए, रिकवरी की संभावना उतनी ही बेहतर होती है.
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बिना स्टेरॉयड बॉडी कैसे बनाएं?बिना स्टेरॉयड के भी अच्छी बॉडी बनाई जा सकती है. इसमें समय ज़रूर ज़्यादा लगता है, लेकिन यही सबसे सुरक्षित तरीका है. नेचुरल तरीके से बनी बॉडी लंबे समय तक टिकती हैं. इसके लिए नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना ज़रूरी है. शरीर को पर्याप्त समय देना भी ज़रूरी है. प्रोटीन से भरपूर बैलेंस्ड डाइट लें. अच्छी नींद और सही रिकवरी का ध्यान रखें. रेगुलर वर्कआउट करते रहें. अच्छी कद-काठी बनाने में 1 से 3 साल तक का समय लग सकता है.
अच्छी फिटनेस का कोई शॉर्टकट नहीं होता. बल्कि ये एक लाइफस्टाइल है. रेगुलर एक्सरसाइज़, बैलेंस्ड डाइट और संयम से बनाई गई बॉडी ही सबसे सेफ़ और लंबे समय तक टिकने वाली होती है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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