जिन्हें कभी कब्ज़ हुआ है या अक्सर होता है. वो जानते हैं, ये कितनी बड़ी मुसीबत है. जब स्टूल हार्ड होता है. तो उसे पास करने के लिए बहुत ज़ोर लगाना पड़ता है. बार-बार ऐसा होने पर पाइल्स और एनल फिशर तक हो सकता है. अगर ऐसा हुआ तो दिक्कत और बढ़ जाती है. इसलिए वक्त रहते कब्ज़ को ठीक करना बहुत ज़रूरी है.
बार-बार कब्ज़ हो जाती है? कहीं ये दो गलतियां दोहरा तो नहीं रहे
आज डॉक्टर से जानेंगे कि कब्ज़ क्यों होता है. कब्ज़ में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं. और कब्ज़ से जल्दी राहत पाने के लिए क्या करें.


जब भी किसी को कब्ज़ होता है. तो वो सुबह उठते ही एक गिलास गर्म पानी पीते हैं. पपीता खाना शुरू कर देते हैं. बिस्तर पर बाईं ओर करवट करके सोते हैं. ताकि स्टूल पास करने में आसानी रहे. पर कई बार इन सबके बाद भी कोई खास फ़ायदा नहीं मिलता. जानते हैं क्यों? क्योंकि आप अभी भी कुछ ऐसी गलतियां कर रहे हैं. जो कब्ज़ को ठीक नहीं होने देतीं. तो आज डॉक्टर से जानेंगे कि कब्ज़ क्यों होता है. कब्ज़ में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं. और कब्ज़ से जल्दी राहत पाने के लिए क्या करें.
कब्ज़ क्यों होता है?
ये हमें बताया डॉक्टर अनुकल्प प्रकाश.

कब्ज़ एक आम समस्या है. ये कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है. कब्ज तब होता है, जब आप कम पानी पीते हैं. डाइट में फाइबर कम लेते हैं. हाइपोथायरॉइडिज़्म है यानी थायरॉइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना रही. जो बुज़ुर्ग हैं या बहुत लंबे समय से डायबिटिक है. उनमें आंतों की चाल धीमी होने से कब्ज़ हो सकता है.
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कब्ज़ होने पर क्या खाएं और क्या नहीं?
कब्ज़ होने पर डाइट की भूमिका बहुत अहम हो जाती है. जिन्हें कब्ज़ की शिकायत है, वो जंक फूड न खाएं. कम से कम 3 लीटर पानी पिएं. हरी पत्तेदार सब्ज़ियां और सलाद खाएं. इनमें फाइबर होता है, ये खूब खाएं. जंक फूड जैसे चीज़, बटर और कम फाइबर वाली चीज़ें खाना अवॉइड करें. एक बार में बहुत ज़्यादा न खाएं. छोटे-छोटे मील्स लें. आप हर 3 घंटे में कुछ खा सकते हैं.
पानी और बाकी लिक्विड लेते रहें ताकि डिहाइड्रेट न हों. ऐसा करके कब्ज़ में काफी आराम मिल सकता है. सबसे ज़रूरी, कोई भी मील स्किप न करें. इससे कब्ज़ होने का रिस्क बढ़ जाता है.

कब्ज़ से तुरंत आराम कैसे पाएं?
अगर कब्ज़ है तो डाइट सुधारें और पानी खूब पिएं. इससे कब्ज़ में काफी हद तक राहत मिल सकती है. लेकिन कभी-कभी जब आंतों की चाल बहुत धीमी हो जाती है. खासकर बुज़ुर्गों में और डायबिटीज़ के मरीज़ों में. तब उन्हें कुछ दवाइयां दी जाती हैं, जो अलग-अलग तरह से काम करती हैं. ये दवाएं कब्ज़ से राहत दिलाने में काफी मददगार होती हैं. अपनी डाइट में ईसबगोल हस्क भी शामिल कर सकते हैं.
अगर किसी को लंबे समय से कब्ज़ की शिकायत है. तब वो रोज़ एक दवा खा सकते हैं. कई मरीज़ रोज़ दवा लेने से बचते हैं. लेकिन अगर आंतों की चाल धीमी है. तब स्टूल पास करने के लिए दवा लेने में कोई हर्ज़ नहीं है. इससे परेशान होने की ज़रूरत नहीं है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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