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झारखंड के स्कूल में अज़ान देने का दावा करते वीडियो का सच ये निकला!

सोशल मीडिया पर झारखंड के स्कूल में अज़ान का दावा करता वीडियो वायरल है.

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वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट.
दावा

सोशल मीडिया पर झारखंड का बताकर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ बच्चे यूनिफॉर्म पहने हुए दिख रहे हैं, जो लाइनों में खड़े हैं. इन बच्चों में से एक बच्चा अज़ान दे रहा है. दावा है कि झारखंड के स्कूलों में अल्लाह की इबादत की जा रही है.

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ट्विटर यूज़र उत्तम चौरसिया ने वायरल वीडियो ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव)

झारखंड, 75% मुस्लिम जनसंख्या के गांव की स्कूल में हिंदू छात्रों को भी जबरन अल्लाह की इबादत. इस्लामिक राज्य आ रहा है? अब भी नही तो कब समझ आएगा.

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उत्तम चौरसिया के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

फेसबुक पर भी ये वीडियो ऐसे ही दावों के साथ वायरल हो रहा है.

पड़ताल

'दी लल्लनटॉप' ने वायरल वीडियो का सच जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला.

सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को की-फ्रेम्स में तोड़ा. इसके बाद एक फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च टूल की खोजने पर हमें वीडियो एक ट्विटर अकाउंट पर मिला. ट्विटर यूज़र Oxomiya Jiyori ने 4 जून 2022 को ट्वीट कर वायरल वीडियो को जोरहाट, असम का बताया है. इस ट्वीट में स्कूल का नाम Gyan Bikash LP School of Mariano बताया गया है.

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इसके बाद की-वर्ड्स की मदद से सर्च करने पह हमें वायरल वीडियो से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 

'घटना पूर्वी असम में जोरहाट के मरियानी में मौजूद हेमलाई ज्ञान बिकास प्राथमिक विद्यालय की है. स्कूल में असम सरकार द्वारा आयोजित गुणोत्सव के दौरान स्कूल में अज़ान की घटना हुई थी. गुणोत्सव एक प्रकार का शिक्षा संबंधी अभियान है जिसे असम सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्रों में सुधार और मूल्यांकन के लिए चलाया जाता है.'

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 

‘असम शिक्षा विभाग ने गुणोत्सव में प्रार्थना के समय एक छात्र द्वारा अज़ान देने के मामले में एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को कारण बताओ नोटिस दिया है. ये स्कूल जोरहाट जिले के मरियानी में मौजूद है. मामले में स्कूल के एक शिक्षक का कहना है कि यह सब प्री-प्लान्ड नहीं था.’

रिपोर्ट में जोरहाट के जिलाधिकारी अशोक कुमार बर्मन का बयान भी लिया गया है. जिलाधिकारी की माने तो, 

'स्कूल के शिक्षकों ने उन्हें बताया कि अज़ान का पाठ पूर्व नियोजित नहीं था. गुणोत्सव के दौरान प्रश्नोत्तरी, गीत, प्रार्थना की गई.'

दरअसल कुछ दिन पहले झारखंड में गढ़वा के एक स्कूल में प्रार्थना के पैटर्न को लेकर सियासी बवाल हुआ था. इसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गढ़वा डीसी को नोटिस भेजा था. अब खबर है कि स्कूल में फिर से हाथ जोड़कर प्रार्थना कराई जा रही है.

नतीजा

हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. स्कूल में अज़ान देने का वीडियो झारखंड नहीं बल्कि असम का है. असम के जोरहाट में गुणोत्सव के दौरान अज़ान दी गई थी. हालांकि मामले पर स्कूल के शिक्षक का कहना है कि बच्चे ने अचानक से अज़ान दी थी और कार्यक्रम में ऐसा कुछ शामिल नहीं था.
 

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