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क्या प्रशांत किशोर ने चुनाव से पहले कुशवाहा समाज को धमकाया? सच जान लें

Prashant Kishor Viral Video: पीके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. जिसमें वो कथित तौर पर कुशवाहा समाज को धमकी देते नजर आ रहे हैं.पीके कहते नज़र आते हैं,, "कुशवाहा समाज का आदमी. ये मनाओ कि जनसुराज किसी तरह न जीते. अगर जीता तो तुम्हारी खैर नहीं है.”

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क्या प्रशांत किशोर ने चुनाव से पहले कुशवाहा समाज को धमकाया?

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  • जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर पर कुशवाहा जाति के छह लोगों की हत्या के आरोपी डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को लेकर गंभीर आरोप लगाने का मामला सामने आया है।
  • प्रशांत किशोर के खिलाफ वायरल हुआ वीडियो दो विभिन्न हिस्सों को अलग-अलग संदर्भ से काटकर जोड़ने के कारण विवाद उत्पन्न हुआ, जिससे उनके कथित धमकी के दावे बने।
  • भ्रामक वीडियो फैलाने के बाद सत्यता जांच की गई और पाया गया कि प्रशांत किशोर के बयान को अलग-अलग संदर्भ में पेश किया गया, जिससे उनके कथन का गलत अर्थ लिया गया।

जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर कुछ दिन पहले बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर आरोप लगा रहे थे. उन्हें कुशवाहा जाति के 6 लोगों की हत्या का आरोपी बता रहे थे. उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. उधर, सम्राट चौधरी आरोपों को निराधार बता रहे थे. लेकिन अब पीके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. जिसमें वो कथित तौर पर कुशवाहा समाज को धमकी देते नजर आ रहे हैं.पीके कहते नज़र आते हैं,, "कुशवाहा समाज का आदमी. ये मनाओ कि जनसुराज किसी तरह न जीते. अगर जीता तो तुम्हारी खैर नहीं है.”

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अभिषेक नाम के एक यूज़र ने X पर लिखा, “प्रशांत किशोर पांडे तो पूरे कुशवाहा समाज को खुलेआम धमकी दे रहा है.  प्रशांत पांडे का कहना है कि सता में हम आ गए तो कुशवाहा समाज को खैर नहीं.”

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इसी तरह कई अन्य यूज़र्स ने भी वीडियो शेयर किए हैं जिनके पोस्ट आप यहां देख सकते हैं.

पड़ताल

क्या है सच्चाई? वायरल वीडियो के दाहिने तरफ सिटी पोस्ट लाइव लिखा है. गूगल पर सर्च करने पर मालूम पड़ा कि ये एक मीडिया संस्थान है. इसके यूट्यूब चैनल पर हमें एक वीडियो की थंबनेल में वही फोटो दिखा जो प्रशांत किशोर के वायरल वीडियो में है. चैनल ने वीडियो को 30 सितंबर को अपलोड किया था. इसमें प्रशांत किशोर का इंटरव्यू है.  

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लेकिन इस इंटरव्यू को पूरा सुनने पर असली झोल समझ आता है. हुआ ये कि प्रशांत किशोर के करीब 57 मिनट के एक इंटरव्यू से दो अलग-अलग हिस्सों को एक साथ जोड़ दिया है. पूरे इंटरव्यू में इन दोनों बातों का संदर्भ बिल्कुल अलग था. पहला हिस्सा है, कुशवाहा समाज का आदमी. ये हिस्सा इंटरव्यू में 26 मिनट 20 सेकेंड पर आता है. और दूसरा हिस्सा है, ये मनाओ कि जन स्वराज किसी तरह ना जीते अगर जीता तो तुम्हारी खैर नहीं है. ये वीडियो में 27वें मिनट के बाद आत है. असल में दोनों लाइन अलग-अलग जगह से उठाकर एक साथ जोड़ दी गई हैं. जिससे भ्रम फैल रहा है.

यूट्यूब सिटी पोस्ट लाइव का स्क्रीनशॉट
यूट्यूब सिटी पोस्ट लाइव का स्क्रीनशॉट


‘कुशवाहा समाज का आदमी’ का कॉन्टैक्सट.

जब एंकर ने पीके से पूछा कि किसी नेता के खिलाफ बोलने पर उसकी जाति के लोग अक्सर सड़कों पर उतर आते हैं, लेकिन आपके मामले में ऐसा क्यों नहीं हुआ? जवाब में पीके कहते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि हम गलत बात नहीं बोलते हैं. कुशवाहा समाज का आदमी क्यों रोड पर आएगा? क्या आरोप गलत लगाया है?


‘ये मनाओ कि जन स्वराज किसी तरह ना जीते अगर जीता तो तुम्हारी खैर नहीं है’ का कॉन्टैक्स्ट

इस जवाब के बाद पूछे गए सवाल पर पीके कहते हैं, हम तो अभी से लोगों को कह रहे हैं ये भ्रष्ट नेता और अफसर जितना पूजा पूजा पाठ जानते हो करना शुरू कर लो भाई. पूजा, पाठ, आरती, विन्नत जो करना है कर लो. नवरात्र बढ़िया से करो. मनाओ कि जन सुराज किसी तरह न जीते. अगर जीता तो तुम्हारी खैर नहीं. जितना लूटे हो नामी बेनामी सब तुमसे वसूल लिया जाएगा.”

नतीजा

कुल मिलाकर साफ है कि प्रशांत किशोर का बयान संदर्भ से अलग काटकर भ्रामक दावे के साथ फैलाया जा रहा है. 
 

 

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