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पड़ताल: क्या बीजेपी के विधायक ने ईवीएम के पास खड़े होकर अपने सामने वोट डलवाए?

सोशल मीडिया पर आरोप कांग्रेस के विधायक पर भी लग रहे हैं.

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सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के मुताबिक बीजेपी-कांग्रेस के विधायक ने बूथ कैप्चरिंग की.
लोकसभा चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में बूथ कैप्चरिंग की खबर ना आए ऐसा हो ही नहीं सकता. इस बार भी बूथ कैप्चरिंग की खबरें आ ही रही हैं. वैसे अगल बात है कि जमाना ईवीएम का है. खैर,

#क्या है दावा -

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक सफेद कुर्ता पहने व्यक्ति किसी बूथ के अंदर खड़ा है. लोग वोट दे रहे हैं तो वे उनकी ताक-झांक कर रहा है. वोटरों को भी कुछ इशारे करता हुआ दिख रहा है. इसी वीडियो को लोग सोशल मीडिया पर शेयर करके लिख रहे हैं.
कांग्रेस विधायक अनिल उपाध्याय की इस हरकत पर क्या कहेंगे राहुल जी,इस वीडियो को इतना वायरल करो की ये पूरा हिन्दुस्तान देख सके.
ट्विटर के साथ फेसबुक पर भी खूब वायरल हो रहा है ये वीडियो.
फेसबुक पर भी झमाझम लोग इसे शेयर कर रहे हैं.
फेसबुक पर भी झमाझम लोग इसे शेयर कर रहे हैं.

लोग कांग्रेस पर बूथ कैप्चरिंग के खूब आरोप लगा रहे हैं. अब बारी बीजेपी की थी. सोशल मीडिया पर इसी वीडियो के साथ एक नए कैप्शन के साथ शेयर कर रहे हैं. लिख रहे हैं:
बीजेपी विधायक अनिल उपाध्याय की इस हरकत पर क्या कहेगे मोदी जी, इस video को इतना वायरल करो की ये पूरा हिन्दुस्तान देख सके
इस वीडियो के साथ कैप्शन में कोई सांसद लिख रहा है तो कोई विधायक. लेकिन आरोप बीजेपी पर भी बराबर लग रहे हैं..
बीजेपी विधायक के नाम पर वायरल हो रहे पोस्ट का स्क्रीनशॉट.
बीजेपी विधायक के नाम पर वायरल हो रहे दावों का स्क्रीनशॉट.

और इस वीडियो को केवल एक नाम से ही नहीं कई नामों से शेयर किया जा रहा है. ये देखिए आप के नेता. वेरीफाईड अकाउंट है इनका. देशभक्त विजय फुलारा. इनके अनुसार बंदा अनिल उपाध्याय नहीं ब्रिजेश सिंह हैं -

# पड़ताल -

इस वीडियो के बारे में विस्तार से ऑल्ट न्यूज़
ने बताया है.
1. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो पश्चिम बंगाल के रायगंज का है. इंडिया टुडे की खबर
के मुताबिक 18 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान पश्चिम बंगाल के रायगंज में हिंसा हुई थी. साथ ही साथ रायगंज से बीजेपी की उम्मीदवार देबाश्री चौधरी ने भी टीएमसी के नेताओं पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए थे.
2. रिपब्लिक न्यूज़ के यूट्यूब चैनल पर भी 18 अप्रैल की तारीख में, बूथ कैप्चरिंग इन इस्लामपुर
हेडिंग के साथ एक वीडियो रिपोर्ट है. जिसमें टीएमसी और ममता बनर्जी पर सवाल उठाए जा रहे थे.
3. दी क्विंट की ग्राउंड रिपोर्ट
के मुताबिक ये घटना रायगंज लोकसभा क्षेत्र के इस्लामपुर की है. 18 अप्रैल के बाद वायरल हो रहे इस वीडियो में टीएमसी का वर्कर है जिसका नाम मोहम्मद सोमुनुद्दीन है. इससे जब पूछा गया कि ये बूथ के अंदर क्या कर रहा था. तब इसने जवाब दिया:
मैं सिर्फ वहां वोटिंग प्रोसेस में बूढ़ी मां और पहली बार वोट दे रही बेटियों की मदद कर रहा था.क्योंकि बूथ के अधिकारी बीमार थे.
4. ऑल्ट न्यूज़ ने इस मामले में रायगंज के सीपीएम उम्मीदवार मोहम्मद सलीम से बात की. मोहम्मद सलीम की गाड़ी के ऊपर ही 18 अप्रैल को हमला हुआ था. इस मामले में मोहम्मद सलीम ने कहा:
'इस मामले में कोई ट्रेडिशनल तरीके से बूथ कैप्चरिंग नहीं हुई है. 50 के करीब बूथों में टीएमसी के गुंडे और पंचायत सदस्य बैठे हुए थे. ये सभी लोगों पर नज़र बनाए हुए थे कि लोग वोट किसे दे रहे थे. टीएमसी के सदस्य सभी बूथों में गैर कानूनी तरीके से बैठे हुए थे और वहां सभी अधिकारी चुप थे.'
5. अब बात अनिल उपाध्याय की. माई नेता
 
वेबसाइट के मुताबिक अनिल उपाध्याय के नाम का कोई उम्मीदवार ही नहीं हैं. एक है भी तो उनके नाम के आगे डॉक्टर लगा है और मूलत: जोधपुर से हैं और बीएसपी पार्टी के जुड़े हैं.

# क्या निकला नतीजा -

1. वीडियो के साथ चल रहे कैप्शन में दिक्कत है, और इस तरीके से कसौटी में कसी गईं पोस्ट्स फ़र्ज़ी हो जाती हैं. 
2. वीडियो के कैप्शन में जिस अनिल उपाध्याय का ज़िक्र है वो ना तो बीजेपी का है और ना ही कांग्रेस का.
3. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति टीएमसी का नेता है और उसके मुताबिक वो बूढी मां और बेटियों की मदद कर रहा था.
4. और अगर ये वीडियो आपको 'ब्रिजेश सिंह' या किसी भी अन्य नेता के नाम से दिख रही है तो वो पोस्ट भी अनिल उपाध्याय वाली पोस्ट के बराबर ही फेक है. मोहम्मद सोमुनुद्दीन के अलावा सब फेक.
तो अब आपको भी कोई पोस्ट दिखे, चुनाव से रिलेटेड कोई भी वीडियो दिखे, जिसपर आपको शक हो. उसे सीधा भेजिए हमारे पास Padtaalmail@gmail.com पर. हम उसकी पड़ताल करेंगे और आपको उसकी हकीकत बताएंगे.


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