कल के रैली की सच्चाई देखिए। ये वीडियो बनारस के हर एक व्यक्ति के पास जाना चाहिए। सोचिये जब गुजराती ढग के कार्यकर्ता इतने भ्रष्ट है तो स्वयं ये गुजराती ढग कितना भ्रष्ट होगा। भजपैये कितने नीचता पर उतर आए है उसका नमूना आप देखिए इस वीडियों में एक गरीब महिला को पैसा और साड़ी देने के नाम पर भजपैये अपने रैली में नारा लगवाने ले गए थे पर रैली के बाद पैसा नही दिए। कही कही तो गरीब लोगों को बनारस में 500 रुपया एक टीशर्ट और एक घड़ी देने के नाम पर ले जाया गया पर रैली पूरी होने के बाद पैसे के लालच में मोदीया के रैली में गयी गरीब जनता को उसका हक भी नही दिया भजपैयों ने। कल लाखों लोग ट्रेनों में भरकर बाहर से आये थें और करोड़ो रूपये के फूल मंगाए गए। इस प्रकार फर्जी लहर बना कर इस देश की मीडिया को खरीद कर जुमला सम्राट की भक्ति का ढोंग किया जबकि बनारस की मूल बनारसी जनता तो रैली में गयी ही नही। बनारस में भीड़ जुटाने के लिए कुल 2000 रुपये प्रति व्यक्ति इन नोटबन्दी करने वालो ने खर्च किया। जिसमे से अधिकांश पैसा वादा करके गरीब जनता को मिला ही नही सब बिचौलिए खा गए और इस महिला की तरह रोते बिलखते गरीब जनता वापस आ गयी। बनारस में वरुणा और अस्सी नाले को आप देख के पागल हो जाएंगे वहाँ खुले आम बनारस का पूरा गन्दा पानी बिना साफ किये सीधे गंगा नदी में बहवाया जा रहा है। अनेक नाले पाइप डाल के गंगा नदी के भीतर बहवाया जा रहा है जो दिखता नही है पर पानी बहुत ज्यादा गन्दा है, काशी के अनेक पौराणिक मन्दिर तोड़ दिए जिसका प्रमाण हमारे पास उपलब्ध है। अब देखना यह है कि काशीवासी कितने विद्वान है और कितने मूर्ख है वो चुनाव के समय पता चल जाएगा। यदि सबकुछ जानते हुए भी इस काशी के गद्दार गुजराती ठग को वोट देंगे तो निश्चित ही काशीवासी इतिहास में अपनी मूर्खता के लिए जाने जाएंगे।बाकी वीडियो देखिए और आशु पोछिये इस बेचारी गरीब के। और यदि समझदार हो तो ये जान लो इन काशी के गद्दारों को सबक सिखाना जरूरी है। #काशी_के_गद्दार Posted by Kashi Ke Gaddar काशी के गद्दार on Friday, 26 April 2019
Video: बिलखती हुई महिला का दर्द, ‘उन्होंने कहा मोदी की रैली में नारा लगाने मिलेंगे 400 रूपये और एक धोती लेकिन मिलें सिर्फ 200 रूपये’ By JKR Staff - March 9, 20170 सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक गरीब मजदूर महिला रो-रो कर बता रही है कि वह कितने घटों ने पीएम मोदी की रैली में नारे लगा रही है। इन नारों को लगाने के लिए उससे 400 रूपये और एक धोती देने की बात की गई थी लेकिन काम पूरा होने के बाद उसे केवल 200 रूपये ही दिखाए गए। इतना होने पर उस महिला का दर्द आंसूओं के रूप में बाहर आ गया और उसने रोकर अपनी पीड़ा को बताया। चुनावी रैलियों और जनसभाओं में भीड़ जुटाने के लिए गरीब मजूदरों को हमेशा से ही इस्तेमाल किया जाता रहा है। पैसे देकर भीड़ जुटाने का अरोप कई राजनीतिक दलों पर लगता रहा है। इस वीडियों में महिला आरोप लगता है कि उससे कहा गया है कि नारा लगाने के लिए 400 रूपये और एक धोती दी जाएगी। उससे जब पुछा जाता है कि किस पार्टी ने कहा तो वह कहती है कि मोदी की पार्टी। महिला कहती है उनके नेताओं ने कहा कि नारा लगाने के 400 रूपये मिलेंगे हम यहां साढ़े आठ बजे से आए हुए है। महिला रोते हुए बताती है कि अब जाकर 10 बज रहे है और केवल 200 रूपया ही दे रहे है। Hamare desh me ye atyachar government ki trf se hamesha ki jati hai...,....... Posted by MD Fãrhâñ Zãmâñ on Thursday, 9 March 2017
अनऑफिशियल सुब्रमण्यन स्वामी के फेसबुक पेज पर ये वीडियो 9 मार्च, 2017 को अपलोड हुआ है.
जनता का रिपोर्टर नामक वेबसाइट पर ये खबर 9 मार्च, 2017 को अपलोड हुई थी.
फिर कब का है ये वीडियो? ये अब तक साफ नहीं हो पाया है कि वीडियो कब का है. जनता का रिपोर्टर नाम की वेबसाइट ने 9 मार्च, 2017 को ये खबर की तो है, लेकिन उस वेबसाइट में भी ये नहीं बताया गया है कि वीडियो कब का है. हां, एक बात साफ है. और वो ये है कि ये वीडियो 9 मार्च, 2017 या उससे पहले का है. उसके बाद का तो नहीं ही है. लिहाजा जो भी लोग इस वीडियो को वाराणसी में 25 अप्रैल, 2019 को हुई पीएम मोदी की रैली से जोड़ रहे हैं, वो गलत हैं. ये वीडियो 2019 का नहीं है. तो अब आपको भी कोई पोस्ट दिखे, चुनाव से रिलेटेड कोई भी वीडियो दिखे, जिसपर आपको शक हो. उसे सीधा भेजिए हमारे पास Padtaalmail@gmail.com पर. हम उसकी पड़ताल करेंगे और आपको उसकी हकीकत बताएंगे. पड़ताल: राहुल गांधी की रैली में पाकिस्तानी झंडे लहराए जाने का सच जान लीजिए











