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पड़ताल: क्या गेटवे ऑफ़ इंडिया पर उमर खालिद ने 'हिंदुओं से आज़ादी' के नारे लगवाए?

बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने ये दावा किया है.

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वायरल हो रहे वीडियो में उमर खालिद पर 'हिंदुओं से आज़ादी' के नारे लगाने का दावा किया जा रहा है.
5 जनवरी, 2020 की शाम JNU कैंपस के अंदर स्टूडेंट्स के साथ मारपीट की गई. इस हिंसा के विरोध में देशभर में प्रोटेस्ट हो रहे हैं. 5 जनवरी की आधी रात मुंबई में गेटवे ऑफ़ इंडिया पर लोग इकट्ठे हुए और उन्होंने स्टूडेंट्स के साथ हुई हिंसा के खिलाफ प्रोटेस्ट किया. प्रोटेस्ट का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर चला. इस दौरान सरकार और सिस्टम के खिलाफ खूब नारेबाजी भी हुई. दावा प्रोटेस्ट के वीडियो का एक हिस्सा उठाया तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने. बग्गा दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता हैं. उन्होंने 18 सेकेंड का ये हिस्सा अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए दावा किया,
मुस्लिम और वामपंथी छात्रों ने मुंबई में एक बार फिर 'हिंदुओं से आज़ादी' के नारे लगाए, लेकिन इस बार जामिया या जेएनयू में नहीं, उन्होंने हिंदुओं से आज़ादी के नारे मुंबई के गेटवे ऑफ़ इंडिया पर लगाए हैं. क्या मुंबई पुलिस, उद्धव ठाकरे एक्शन लेंगे या इन गुंडों का चुपचाप समर्थन करेंगे?
इस ट्वीट को दस हज़ार से ज्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है.(आर्काइव लिंक) इसी दावे को मुंबई बीजेपी के प्रवक्ता सुरेश नाखुआ ने भी शेयर किया है (आर्काइव लिंक) . उन्होंने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा,
वामपंथी छात्रों ने गेटवे ऑफ़ इंडिया पर 'हिंदुओं से आज़ादी' के नारे लगाए. और सूत्रों का कहना है कि मोहम्मद अफ़ज़ल गैंग के लोग इनका साथ देने वाले हैं. क्या मुंबई पुलिस एक्शन लेगी या गुंडों को समर्थन देगी?
बीजेपी मेंबर और प्रेसिडेंट अवॉर्डी सुरेंद्र पूनिया ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर इस वीडियो को प्रसारित किया. और लिखा,
क्या वे प्रोटेस्टर हैं? बिल्कुल नहीं! कथित स्टूडेंट्स जेएनयू के वामपंथियों के समर्थन में आए और 'हिंदुओं से आज़ादी' के नारे लगाए. AMU,Jamia से शुरू किया और अब पूरे देश में. बहुत बड़ी साज़िश चल रही है देश में .. सोचो कौन-कौन शामिल हैं !
ये दावा फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी खूब वायरल हो रहा है. पड़ताल बीजेपी प्रवक्ता तेजिंदर पाल बग्गा की ओर से ट्वीट किया गया वीडियो सही नहीं है. उमर खालिद ने गेटवे ऑफ़ इंडिया पर NPR, CAA, RSS, संघवाद, नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत से आज़ादी के नारे लगाए हैं. पोस्ट किए गए हिस्से में एक भी जगह 'हिंदुओं से आज़ादी' की बात नहीं कही गई है. गेटवे ऑफ़ इंडिया पर हुए प्रोटेस्ट का एक फेसबुक लाइव भी मौजूद है. इसमें उमर खालिद को अपने भाषण में ये नारे लगाते हुए सुना जा सकता है,
तो NPR से आज़ादी, और CAA से आज़ादी, और CAA से आज़ादी, तो जातिवाद से आज़ादी, और मनुवाद से आज़ादी, और संघवाद से आज़ादी, और RSS से आज़ादी, और RSS से आज़ादी, तो भागवत से भी आज़ादी, तो उस मोदी से आज़ादी.”
इस प्रदर्शन का एक यूट्यूब पर मौजूद है. इस वीडियो में 52:42 पर उमर खालिद को नारे लगाते हुए सुना जा सकता है.
नतीजा दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा द्वारा किया गया दावा कि गेटवे ऑफ़ इंडिया पर 'हिंदुओं से आज़ादी' के नारे लगाए गए, पूरी तरह से झूठ है. असलियत में उस प्रोटेस्ट में NPR, CAA, RSS, संघवाद, नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत से आज़ादी के नारे लगाए गए हैं. इसी तरह बीजेपी मुंबई के प्रवक्ता सुरेश नाखुआ और बीजेपी के मेजर सुरेंद्र पूनिया द्वारा सेम वीडियो पोस्ट कर 'हिंदुओं से आज़ादी' के नारे लगाने का दावा किया गया. ये दावा भी पूरी तरह से झूठ है.
पड़ताल: जामिया प्रोटेस्ट में शामिल महिला प्रोटेस्टर की वायरल की जा रही फोटो कहीं और की है

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