कांग्रेस में शामिल होने के बाद कन्हैया से जुड़ी एक तस्वीर और एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
वायरल हो रही इस तस्वीर में जिग्नेश हरे रंग, राहुल गांधी सफ़ेद रंग और कन्हैया लाल रंग के कुर्ते में नज़र आ रहे हैं. इंटरनेट पर इन तीनों की इस तस्वीर की तुलना लोग इटली के झंडे के साथ कर रहे हैं.
एक ट्विटर यूज़र Befitting Facts ने वायरल तस्वीर शेयर
करते हुए लिखा - (आर्काइव)
क्या यह इटली का झंडा है ?
की तुलना इटली के झंडे से की. (आर्काइव)
करते हुए कैप्शन दिया - (आर्काइव)
INC = Italy National Congress Italy’s National Flag

शेयर हो रहा वायरल दावा
इस तस्वीर को Italian Supremacy के नाम से भी शेयर
किया जा रहा है. (आर्काइव)
पहली बार नहीं है जब ये दावा वायरल हो रहा हो, 2018
और 2019
में भी ये दावा वायरल हो चुका है. पड़ताल वायरल हो रही तस्वीर और वीडियो की हमने पड़ताल की. दोनों दावे भ्रामक हैं. एक-एक करके दोनों दावों की सच्चाई आपको बताते हैं.
पहले बात तस्वीर की. हमने पाया कि असल तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करके उसे ग़लत तरीक़े से पेश किया जा रहा है.
रिवर्स इमेज सर्च का इस्तेमाल करने पर हमें असली तस्वीर कांग्रेस पार्टी के ट्विटर
हैंडल पर मिली. (आर्काइव)
वायरल हो रही तस्वीर को न सिर्फ़ क्रॉप किया गया है, बल्कि उसे फ्लिप यानी घुमाया भी गया है ताकि वायरल हो रही तस्वीर इटली के झंडे से मैच कराई जा सके. कांग्रेस में शामिल होने के बाद दोनों नेताओं ने
भी की थी. (आर्काइव)
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कन्हैया और जिग्नेश के साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला जैसे सीनियर नेता मौजूद थे. लगभग घंटे भर चली इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भी साफ़ देखा जा सकता है कि जिग्नेश मेवाणी ने नीला कुर्ता पहना है न कि हरा कुर्ता.
अब बात करते हैं कन्हैया के वायरल वीडियो की. वीडियो गलत कैप्शन के साथ वायरल हो रहा है.
यूट्यूब पर Kanhaiya Kumar On Muslims लिखने पर हमें एक वीडियो
मिला. यह वीडियो One Channel नाम के यूट्यूब चैनल ने अपलोड किया है. इसके कुछ हिस्सों को काटकर वायरल किया जा रहा है. (आर्काइव)
साल 2018 में अपलोड हुए कुल 34 मिनट 31 सेकेंड के इस वीडियो में आप 11 मिनट 50 सेकेंड से कन्हैया के वायरल हो रहे बयान को सुन सकते हैं.
कन्हैया, 25 अगस्त 2018 को महाराष्ट्र के नांदेड़ में आयोजित ‘कन्हैया के साथ वार्ता’ कार्यक्रम में बोल रहे थे. यह कार्यक्रम ऑल इंडिया तंज़ीम-ए-इंसाफ द्वारा ‘अल्पसंख्यक मुद्दे और उनके समाधान’ विषय पर आयोजित किया गया था.
असल में कन्हैया ने देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को कोट करते हुए कहा
“देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने जामा मस्जिद की सीढ़ी से तकरीर किया और कहा कि ये मुल्क हम सब का है. किसी के कहने पे हम कहीं नहीं चले जाएंगे. इस मुल्क की मिट्टी में हमारा भी खून पसीना है. हमारा इतिहास यहाँ से जुड़ा हुआ है. हम सारे के सारे लोग अरब से चलकर के यहाँ नहीं आए हैं, हम यहीं पे पले हैं बढ़े हैं और उस धर्म की जो खासियत थी और जो पुराने धर्म थे, जिसमें छुआ-छूत था उसकी वजह से लोगों ने छोड़कर के इस धर्म को अपनाया है क्योंकि यह पीस की बात करता है बराबरी की बात करता है. मस्जिद में जो है ऊंच-नीच नहीं होता है इस आधार पर हम इस धर्म को अपनाए हैं इसको छोड़ कर के हम नहीं जाएंगे. और तब इस देश के मुसलमानों ने इस देश में रहने का फैसला लिया था.”
वीडियो में 15 मिनट 3 सेकेंड पर कन्हैया कहते हैं
“कोई भी कौम का रहबर बनके आए और ये कहे कि हम धर्म बचाएंगे तो उनको भी आप बराबर जवाब दीजिये और कहिये हमारे अल्लाह के पास बहुत ताकत है, वो हमारी रक्षा करेंगे”
ये सारी बातें कन्हैया मौलाना आज़ाद का हवाला देकर कर रहे थे लेकिन आधा अधूरा वीडियो देखने पर यह लगता है कि कन्हैया एक मुसलमान के रूप में अपनी बात रख रहे हैं. और इसी हिस्से को वायरल किया जा रहा है. नतीजा कांग्रेस में शामिल होने के बाद कन्हैया कुमार से जोड़कर कुछ भ्रामक जानकारियां शेयर की जा रही हैं. जिस तस्वीर की तुलना इटली के झंडे से की जा रही है, वो एडिटेड है. तस्वीर में जिग्नेश मेवाणी के कुर्ते के रंग को नीले से हरे में बदल दिया गया है. वहीं जिस वीडियो में कन्हैया मुस्लिम होने की बात करते दिख रहे हैं, वो साल 2018 का वीडियो है और वो मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की कही बातें बता रहे थे. खुद पर की गई टिप्पणी नहीं थी.
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