मौसम बदल रहा है. सर्दियां जा चुकी हैं. गर्मियों ने दस्तक दे दी है. दिन में तेज़ धूप और गर्मी होती है. रात होते-होते मौसम हल्का ठंडा हो जाता है. इस बदलते मौसम में लोग खूब बीमार पड़ रहे हैं. खांसी-ज़ुकाम-छींकों ने बेहाल कर रखा है. गर्मी लगने पर ठंडा पानी पी लो या आइसक्रीम खा लो तो गला ख़राब हो जाता है. ऐसा हर साल होता है. पर क्यों? ये जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि मौसम बदलते ही लोग बीमार क्यों पड़ने लगते हैं. सर्दी-खांसी-ज़ुकाम क्यों होता है. बदलते मौसम में रोज़ की कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए. इससे बचा कैसे जाए और इसका इलाज क्या है?
मौसम बदला, तबियत बिगड़ी, लेकिन ये 4 काम करेंगे तो बीमार नहीं पड़ेंगे
मौसम बदलते ही लोग बीमार क्यों पड़ने लगते हैं. सर्दी-खांसी-ज़ुकाम क्यों होता है. बदलते मौसम में रोज़ की कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए. इससे बचा कैसे जाए और इसका इलाज क्या है? डॉक्टर से सब जानेंगे.
.webp?width=360)

मौसम बदलते ही तबियत क्यों ख़राब हो जाती है?
ये हमें बताया डॉक्टर विनीत मल्होत्रा ने.

मौसम बदलने पर तापमान बदलता है. हमारे शरीर को अचानक इस तरह के बदलाव की आदत नहीं होती. शरीर के अंदर एक सिस्टम होता है, जो मौसम के हिसाब से संतुलन बनाकर काम करता है. जैसे सर्दियों में शरीर से पसीना कम निकलता है. यूरिन पास करने के लिए ज़्यादा जाना पड़ता है, क्योंकि शरीर से पानी पसीने के रूप में कम निकलता है. इस तरह शरीर अपना संतुलन बनाए रखता है.
जब मौसम अचानक बदलता है, सर्दी से गर्मी आ जाती है. तब शरीर तुरंत एडजस्ट नहीं कर पाता. शरीर के अंदर का माहौल एकदम से बदल पाना आसान नहीं होता. इसलिए, अचानक बहुत ज़्यादा पसीना निकलना भी शुरू नहीं होता.
अगर ऐसा होता है, तो शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है. इस समय हमारी इम्यूनिटी यानी बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी कुछ कम हो जाती है. इसी वजह से इस मौसम में लोग जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं. कई बार बहुत गर्मी होने पर लोग अचानक ठंडी चीज़ें पीने लगते हैं. ठंडी चीज़ें गले की परत को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे सर्दी-खांसी और ज़ुकाम होने का ख़तरा बढ़ जाता है.
मौसम बदलने पर कुछ वायरस और बैक्टीरिया भी तेज़ी से फैलते हैं. ठंडे मौसम में कुछ वायरस ज़्यादा सक्रिय हो जाते हैं. वहीं कुछ बैक्टीरिया और मच्छर भी इस मौसम में ज़्यादा पाए जाते हैं. इन सभी कारणों से मौसम बदलने पर बीमारियां बढ़ने का ख़तरा ज़्यादा बढ़ जाता है.

बदलते मौसम में कौन-सी गलतियां न करें?
- बाहर का खाना अवॉइड करें
- बाहर का पानी पीने से भी परहेज़ करें
- खासकर बारिश के मौसम में पानी साफ़ न होने का ख़तरा ज़्यादा रहता है
- अगर इस मौसम में गंदा पानी पी लिया या बाहर का खाना खा लिया, तो बीमार पड़ने का रिस्क बढ़ जाता है
- इसलिए बदलते मौसम में खाने-पीने की चीज़ों को लेकर ज़्यादा सावधानी रखना ज़रूरी है
बचाव और इलाज
- मौसम के हिसाब से कपड़े पहनें
- रोज़ पर्याप्त और अच्छी नींद लें
- हेल्दी खाना खाएं
- हाथों को साफ़ रखें
- अगर दिन में मौसम अलग हो और रात में अलग, तो उसके हिसाब से कपड़े और लाइफस्टाइल रखें
- भीड़भाड़ वाले इलाके में मास्क पहनकर जाएं
इन सावधानियों का ध्यान रखने से शरीर की इम्यूनिटी मज़बूत रहती है. इससे शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और आप हेल्दी रहते हैं. अगर आपकी भी तबियत इन दिनों खराब है. तो सिर्फ ओवर-द-काउंटर दवाओं पर निर्भर न रहें. डॉक्टर से मिलें. जांच करवाएं और दवा लें.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: बढ़ती उम्र में मसल्स कमज़ोर क्यों हो जाती हैं?













.webp?width=275)
.webp?width=275)


.webp?width=120)

.webp?width=120)



