दावा है कि यूपी चुनाव में प्रचार के दौरान मुजफ्फरनगर में किसानों ने बीजेपी का प्रचार वाहर रोका.
दावा
आने वाले विधानसभा चुनाव के चलते उत्तर प्रदेश में सियासी माहौल गर्म है. ऐसे में अक्सर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राजनैतिक पार्टियों से जुड़े दावे वायरल होते रहते हैं. अब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के बीच चल रही बहस का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो के बैकग्राउंड में एक गाड़ी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पोस्टर लगा दिखाई दे रहा है. हरी टोपी पहने कुछ लोग एक दूसरे आदमी से बहस करते नज़र आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फनगर का है जहां बीजेपी की प्रचार गाड़ी को गांव में घुसने से रोक दिया गया. सोशल मीडिया यूज़र्स ने
दावे के कैप्शन में लिखा है. - (
आर्काइव)
ऐसा रथ मत लाओ मुज़्ज़फरनगर में भाग.....
कई और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी ऐसे ही
दावे शेयर किए. - (
आर्काइव) (
आर्काइव)
पड़ताल
'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. असल में किसान आंदोलन के दौरान बनाए गए इस वीडियो को अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है. वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने वीडियो से जुड़े कीवर्ड्स को गूगल पर सर्च किया तो हमें
UP Tak के ऑफीशियल ट्विटर हैंडल से 26 जुलाई 2021 को किया गया ट्वीट मिला. इस ट्वीट के मुताबिक, मुज़फ्फरनगर में BKU (भारतीय किसान यूनियन) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रचार गाड़ी को गांव में जाने से रोक दिया. साथ ही BKU के एक सदस्य ने कहा कि अगर अगली बार यहां आए तो गंजा करके वापिस भेजेंगे. (
आर्काइव)
साथ ही हमे
ABP न्यूज़ की वेबसाइट पर भी इस घटना से जुड़ा आर्टिकल भी मिला. इस आर्टिकल के मुताबिक - (
आर्काइव)
पूरी घटना दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे 58 पर पड़ने वाले छपार टोल प्लाजा की है. किसान आंदोलन के चलते पिछले दो महीने से BKU कार्यकर्ता यहां धरना दे रहे हैं. सोमवार दोपहर उत्तर प्रदेश स्मार्ट प्रदेश का प्रचार करते हुए एक वाहन यहां से गुजरा जिसके चालक और बाइक सवार तीन युवकों ने मोदी-योगी का प्रचार करना शुरू कर दिया. तभी पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी समेत अन्य BKU नेताओं ने इसका विरोध किया, जिसे देख कर बाइक सवार फरार हो गए. मांगेराम त्यागी ने वाहन चालक को नीचे उतार बंधक बनाने की धमकी भी दी.
भारत समाचार के ट्विटर हैंडल से 27 जुलाई 2021 को किये गए ट्वीट में मिली जानकारी के हिसाब से जिन BKU कार्यकर्ताओं ने प्रचार गाड़ी को रोका था उनपर छपार थाने में केस दर्ज़ किया गया है. (
आर्काइव)
नतीजा
'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वायरल वीडियो में मुज़फ्फरनगर के BKU कार्यकर्ता भाजपा के समर्थकों को भगाते तो नज़र आ रहे हैं. लेकिन ये वीडियो आने वाले यूपी चुनाव से पहले का नहीं बल्कि साल 2021 का है. साल 2021 में किसान आंदोलन के चलते पिछले दो महीने से मुज़फ्फरनगर के BKU कार्यकर्ता छपार टोल प्लाज़ा पर धरना दे रहे थे. इसी बीच स्मार्ट प्रदेश का प्रचार करते हुए बीजेपी समर्थक वहां से गुज़रे तो बहस शुरू हो गयी थी.
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