ये देश जानता है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के रहते हुए न तो कभी किसानों का हित हो सकता है, न ही देश का हित हो सकता है, न देशवासियों का हित हो सकता है.कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग के चैयरमेन ने वायरल वीडियो ट्वीट कर लिखा
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अब तो दिल की सच्चाई ज़ुबान पर आ ही गई !
किए. (आर्काइव
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पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा दावा रहा भ्रामक निकला. दरअसल केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में 'अहित' शब्द इस्तेमाल किया था, जिसे बाद में छेड़छाड़ कर हित शब्द बना दिया गया.
वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च की मदद से खोजा. हमें रामेश्वर ठाकुर नामक ट्विटर एकाउंट से 4 फरवरी 2021 को पोस्ट
किया गया यही वीडियो मिला. ये शेयर किए जा रहे वीडियो की लंबी रिकॉर्डिंग है. इस ट्वीट के कैप्शन में वीडियो से जुड़ा स्पष्टीकरण भी लिखा है, जिसके मुताबिक केशव द्वारा बोले गए शब्द 'अहित' को 'हित' की तरह पेश किया है. इस वीडियो में वो 'अहित' बोलते हुए ही नज़र आ रहे हैं. (आर्काइव
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मिला. 3 फरवरी 2021 को स्ट्रीम हुए 24 मिनट के इस वीडियो से ही वायरल वीडियो का क्लिप काटा गया है. करीब 1 मिनट 9 सेकंड पर केशव वायरल हो रहे वीडियो में कही हुई बातें बोल रहे हैं. (आर्काइव
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इस वीडियो में केशव ये बात साफ बोलते हुए नज़र आ रहे हैं कि -
ये देश जानता है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के रहते हुए न तो कभी किसानों का अहित हो सकता है, न ही देश का अहित हो सकता है, न देशवासियों का अहित हो सकता है.केशव मौर्य का ये वीडियो मिलते-जुलते दावों के साथ साल 2021 में भी वायरल हुआ था, जिसके बाद केशव ने अपने बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के खिलाफ FIR दर्ज़ कराई थी. हमें 5 फरवरी 2021 को न्यूज़-18 की वेबसाइट पर पोस्ट किया गया एक आर्टिकल
मिला. इस आर्टिकल में शेयर हो रहे वीडियो और FIR की जानकारी मौजूद है. (आर्काइव
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न्यूज़-18 की वेबसाइट पर मौजूद आर्टिकल का स्क्रीनशॉट
नतीजा 'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल वीडियो में किया जा दावा भ्रामक निकला. वायरल वीडियो में बोले गए 'अहित' शब्द को 'हित' की तरह पेश किया गया है. वायरल वीडियो में केशव प्रसाद मौर्य ये कहते हुए नज़र आ रहे हैं कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के रहते हुए न तो कभी किसानों का अहित हो सकता है, न ही देश का अहित हो सकता है, न देशवासियों का अहित हो सकता है.
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