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पड़ताल: क्या हज़ारों लोगों की ये रैली त्रिपुरा हिंसा के विरोध में निकाली गई है?

वायरल वीडियो को लोग "केरल के मुसलमानों की एकता" बताकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.

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सड़क पर उमड़ी भीड़ को केरल में त्रिपुरा हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से जोड़ा जा रहा है.
दावा त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके खिलाफ प्रदर्शन
हुए. सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों ने त्रिपुरा में हुई हिंसा की निंदा की.
अब त्रिपुरा हिंसा के नाम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में लोगों की भीड़ रैली निकालती दिख रही है. वीडियो के साथ कैप्शन में इसे त्रिपुरा हिंसा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ निकाली गई रैली बताया जा रहा है.
ट्विटर यूजर ईमान खान ने वायरल वीडियो ट्वीट
करते हुए कैप्शन दिया ( आर्काइव
 ) - वायरल वीडियो को इसी दावे के साथ फेसबुक पर भी वायरल किया जा रहा है. फेसबुक यूजर जी नूरानी ने वायरल वीडियो पोस्ट
करते हुए लिखा-  
👆🏻 *केरला के मुसलमानों ने* *यह साबित कर दिया कि वह जिंदा कौम है और उनके अंदर अपने मुसलमान भाइयों ,बहनों के लिए हमदर्दी... Posted by G Noorani
on Friday, 5 November 2021

ट्विटर यूजर भी इस वीडियो को त्रिपुरा का बताकर शेयर कर रहे हैं (आर्काइव
).
Kerala Muslims protest against Tripura Violence. 👍 pic.twitter.com/qPxzFIwGEd
— Mohammad Sajid (@Mohamma79749445) November 4, 2021
पड़ताल दी लल्लनटॉप की पड़ताल में ये वीडियो 2 साल पुराना निकला. वायरल वीडियो का त्रिपुरा हिंसा से कोई संबंध नहीं है. वीडियो केरल के पालक्कड़ जिला का है. यहां के मन्नारक्कड़ कस्बे में CAA-NRC के ख़िलाफ़ जनवरी, 2020 में रैली निकाली गई थी.
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने रिवर्स इमेज सर्च टूल का इस्तेमाल किया. रिवर्स इमेज सर्च से वायरल वीडियो का लंबा वर्जन इंस्टाग्राम पर मिला. इंस्टाग्राम हैंडल- PK Nishab
ने ये वीडियो 3 जनवरी, 2020 को अपलोड किया था. वीडियो के कैप्शन में लिखा है- #rejectnrc #rejectcaa #Mannarkkad. इस इंस्टाग्राम पोस्ट से क्लू लेकर हमने यूट्यूब पर Mannarkkad CAA-NRC कीवर्ड सर्च किया. 
यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से मिलता-जुलता एक और वीडियो मिला. मन्नारक्कड़ लाइव के इस वीडियो में आप 5 मिनट के टाइम-मार्क से वायरल वीडियो से मेल खाते विजुअल्स देख सकते हैं. वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है,
“नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मन्नारक्कड़ में आयोजित महारैली.”

'दी लल्लनटॉप' ने असली वीडियो को इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाले निशाब पारोकोटिल्ल से संपर्क किया. निशाब ने बताया,
"वायरल हो रहा वीडियो मैंने अपने मोबाइल से 3 जनवरी, 2021 को शूट किया था. वीडियो कुल 45 मिनट लंबा था, जिसका एक हिस्सा मैंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था. कोई भी मलयालम समझने वाला व्यक्ति वीडियो में हो रही अनाउंसमेंट को सुनकर आसानी से समझ सकता है कि वायरल वीडियो CAA-NRC के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है"
नतीजा 'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में त्रिपुरा हिंसा के विरोध के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो भ्रामक निकला. असली घटना जनवरी, 2020 की है जब केरल के पालक्कड़ में CAA-NRC के विरोध में रैली निकाली गई थी. वीडियो बनाने वाले शख़्स निशाब पारोकोटिल्ल ने भी 'दी लल्लनटॉप' से इसकी पुष्टि की है.
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