क्या प्रोपेगैंडा पॉलिटिक्स का हिस्सा हैं "मोदी" और "ठाकरे" जैसी फिल्में
सियासी फिल्मों में कितनी सच्चाई होती है?
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आजकल बायोपिक फिल्मों का चलन बढ़ा है. इसी कड़ी में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म आई है "ठाकरे". जो कि बाल ठाकरे के जीवन पर आधारित है. जानिए नंदिता दास और सौमित्र रानाडे की क्या राय है इसके बारे में. खास मुलाकात, सौरभ द्विवेदी के साथ.
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