इस बार आपकी सांस्कृतिक विरासत, परंपरा, आपके गौरव की रक्षा करने वालों और आपके परिधानों, आपकी परंपराओं का मजाक उड़ाने वालों, आपका अपमान करने वालों के बीच चुनाव होना है.मोदी ने आगे कहा- एक तरफ आपकी परंपराओं का अपमान करने वाले हैं और दूसरी तरफ आपकी सारी परंपराओं को गौरव के साथ स्वीकार करने वाला. आपकी परंपरा को अपनी परंपरा मानने वाला आपका चौकीदार आपके साथ खड़ा है. यह बोलते हुए मोदी गले में ब्लू कलर का नेकलेस टाइप कुछ पहने हुए थे और बोलते हुए उसे लोगों को दिखा रहे थे. आइए जानते हैं पीएम ने जो पहना हुआ था वह क्या था? अरुणाचल प्रदेश में कई जनजाति के लोग रहते हैं. इन सबके रहन-सहन, परंपरा, संस्कृति, बोल-चाल और पहनावे में काफी अंतर होता है. इन्हीं में एक आदि जनजाति होती है. आदि कबीले के लोगों का भी अपना अलग पहनावा होता है. मोदी ने जिस तरीके का हार पहना हुआ था उस तरीके के हार अरुणाचल और असम के आदि कबीले के लोग पहनते हैं. यह कई रंगों में होते हैं. सबसे कॉमन नेकलेस को अरुलया के नाम से जाना जाता है. इस हार में 36-60 मोती जुड़े होते हैं. इसी तरह की एक और नेकलेस होती है जिसे लेकापों के नाम से जाता है. इस तरह के हार इदु मिश्मी (इदु ल्होबा) जनजाति के लोग भी पहनते हैं. वैसे अरुणाचल प्रदेश की जिन जनजातियों की हम बात कर रहे हैं, उनके द्वारा पहने जाने वाले परिधानों और एक्सेसरीज़ में भी आपस में अंतर होता है. लेकिन ये अंतर इतना सूक्ष्म है कि इनको एक ही अंब्रेला के अंदर रखा जा सकता है. यानी ये हो सकता है कि आप अरुणाचल जाएं और वहां पर मोदी द्वारा पहने गए हार के कई वेरिएंट दिखें. साल 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले प्रचार के लिए जब बीजेपी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पासीघाट पहुंचे थे उस वक्त भी आदि जनजाति तक पहुंचे थे. आदि जनजाति में मोदी नाम का एक कबीला होता है. मोदी ने उस वक्त कहा था इस कबीले से हमारे पूर्वजों का जरुर संबंध रहा होगा क्योंकि हमारे सरनेम और आपके कबीले का नाम एक ही है.
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