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"धुरंधर में कोई कहानी नहीं..." - तिग्मांशु धूलिया ने रणवीर की फिल्म के चिथड़े कर दिए!

तिग्मांशु धूलिया के मुताबिक, फिल्मों से कहानियां खत्म हो गई हैं. जो कुछ कहना भी चाहते हैं, उन्हें फिल्म बनाने नहीं दिया जाता.

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'धुरंधर 2' भारत की सेकेंड हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म है.

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  • तिग्मांशु धूलिया ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के इवेंट में कहा कि 'धुरंधर' जैसी फिल्में एक ही कमर्शियल फॉर्मूला पर बनी हैं और इन फिल्मों में कहानी खत्म हो चुकी है।
  • तिग्मांशु ने फिल्मों के कॉर्पोरेट कल्चर और कैपिटलिज्म के बढ़ते प्रभाव को कारण बताया जिससे फिल्में एक जैसे फॉर्मेट में बन रही हैं और कहानी कहने वाले कम हो गए हैं।
  • इंटरनेट पर तिग्मांशु के बयान पर मिश्रित प्रतिक्रिया आई है, जहां कुछ लोग सहमत हैं और कुछ आलोचना कर रहे हैं; इसके बावजूद 'धुरंधर' सीरीज ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की है।

नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर और एक्टर Tigmanshu Dhulia, Aditya Dhar की Dhurandhar से खफ़ा हो गए हैं. उनके मुताबिक, Pushpa, KGF और 'धुरंधर' जैसी फिल्में कमर्शियल फॉर्मूला का इस्तेमाल कर एक जैसी नज़र आने लगी हैं. बातों-बातों में तिग्मांशु ने ये तक कह दिया कि Ranveer Singh की फिल्म में कोई कहानी भी नहीं है.

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तिग्मांशु इन दिनों अपनी फिल्म 'घमासान' को प्रमोट कर रहे हैं. इस सिलसिले में वो एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के एक इवेंट में गए थे. वहां फिल्मों के कमर्शियलाइजेशन पर अपनी राय रखते हुए वो कहते हैं,

"आज कल कॉर्पोरेट कल्चर है. इसलिए फिल्में एक ही तरह की बन रही हैं. हर फिल्म एक फिक्शनल बायोपिक है. फिर चाहे आप पुष्पा, KGF या धुरंधर ही देख लीजिए. अगर मैं आपसे पूछ लूं कि धुरंधर की कहानी बताइए...वैसे मुझे वो फिल्म पसंद आई थी. उसका पहला पार्ट बहुत अच्छा बनाया गया था. बहुत इंगेजिंग था. गानों का इस्तेमाल भी बढ़िया हुआ था. मगर आप धुरंधर की कहानी बता नहीं पाएंगे."

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तिग्मांशु ने आगे कहा,

"एक आदमी है. अंडरकवर स्पाय है. पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचा देता है. अब ये कोई कहानी हुई? फिल्मों में कहानियां खत्म हो चुकी हैं. एक तो कहानी कहने वाले खत्म हो चुके हैं और जो कहना चाहते हैं, उन्हें बनाने नहीं दिया जाता. उन्हें कहानी कहने नहीं दी जाती. मेकर्स को लगता है कि ये फिल्म चलेगी नहीं. एक ही जैसा टेम्प्लेट है. हद से ज्यादा कैपिटलिज़्म होने पर ऐसा ही होता है. लोग भी एक जैसे दिखने लगते हैं. हर शहर भी एक जैसा दिखने लगता है."

तिग्मांशु के इस बयान को इंटरनेट पर लोगों का मिक्स्ड रिएक्शन मिल रहा है. कुछ लोग उनकी बात से सहमत हैं. दूसरी तरफ़, एक बड़ा वर्ग उनके बयान की आलोचना भी कर रहा. उनका कहना है कि तिग्मांशु जानते-बूझते 'धुरंधर' को टार्गेट कर रहे, जबकि उन्हें खुद भी ये फिल्म पसंद आई थी.

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खैर, इन तमाम सहमति-असहमतियों के बीच इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि 'धुरंधर' देश की सबसे सफ़ल फिल्म सीरीज़ बनकर उभरी है. आदित्य धर के डायरेक्शन में इसके पहले पार्ट ने 1307 करोड़ रुपए कमाए थे. वहीं दूसरे पार्ट ने लगभग 1813 करोड़ रुपए कलेक्ट कर लिए. इस तरह 'धुरंधर 2' आमिर खान की 'दंगल' के बाद भारतीय सिनेमा इतिहास की सेकेंड हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म भी बन चुकी है.

वीडियो: धुरंधर 2 के OTT वर्जन में कौन सा सीन हटाया गया?

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