बाजार हर चीज बेचने के लिए तैयार है. सजीव वस्तुएं. निर्जीव वस्तुएं. और वो वस्तुएं भी जो दिल में हैं. या जो नहीं भी हैं, लेकिन जबरन उनको उगाने की और उससे ज्यादा दिखाने की कोशिश की जाती है. जरूरत होती है तो उस मुद्दे के पूरे मुल्क में गरम होने की. मुद्दे के लोगों के जेहन तक घुस जाने तक की.क्योंकि इस वक्त इंडिया-पाकिस्तान वॉर पाइपलाइन में है. तो बाजार में जो नया प्रोडक्ट बिकने के लिए आया है. वो है देशभक्ति. NearBuy एक ई-कॉमर्स वेबसाइट है. इस वेबसाइट के जरिए होटल, रेस्त्रां, ट्रैवल प्लान, फिल्म टिकट बेचने जैसे काम होते हैं. यानी साफ लफ्जों में समझें तो इंटरनेट की अपार दुनिया में ये वेबसाइट धंधा करने आई है. NearBuy वालों ने मंगलवार को अपने लिए एक मंगल काम करने की ठानी. काम ये कि आओ देशवासियों, 4 अक्टूबर दोपहर एक बजे सारे लोग एक साथ नेशनल एंथम गाएं. ताकि ये नेशनल एंथम इंडियन आर्मी फोर्स तक पहुंच जाए. इस प्लान का नतीजा ये हुआ कि ट्विटर पर #MakeThemHear टॉप ट्रेंड रहा.
नेशनल एंथम गाना गलत नहीं है. गर्व की बात है, पर जिस तरह से हर बार बाजार देश के माहौल को कैश करने लगता है. उस पर गौर करना जरूरी है. क्योंकि ये पहली दफा नहीं है, जब देश में जिस मुद्दे की हवा है, उसे भुनाने की कोशिश की जा रही है. इससे पहले और भी कई बार बाजार के लोगों ने अपनी दुकानें लगाई हैं. बाजार अब आपका मूड समझने लगा है. बाजार सनसनी का फायदा उठाकर आपका गुस्सा बेच रहा है. बाजार ऐसा माहौल बना रहा है, जहां वो हमारे दिमाग की कंडीशनिंग करने लगा है.
अब जब ये ट्रेंड हो ही गया. हजारों लोगों ने ट्वीट कर ही दिए. तब कुछ ऐसे भी रहे ही होंगे, जो साइट के ई-लिंक पर चटका लगाए होंगे. कम से कम हम में से तो किसी ने इस साइट का नाम नहीं ही सुना था. यानी जिस साइट को सोमवार तक कोई जानता नहीं था. आज उसे लोग जानने लगे हैं. साइट कुछ हद तक आपके हमारे मूड को देशभक्ति की थैली में डालकर बेचने में सफल रही. इस तरह बाजार का हमारे मूड को बेचना पहली बार नहीं हुआ है. और भी बाजारू हैं जमाने में...
1. रोहित वेमुला टीशर्ट
इस साल जनवरी में रोहित वेमुला ने सुसाइड किया. पूरे मुल्क में स्टूडेंट्स एक हो गए. सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया. जगह-जगह धरने हुए. तभी एक क्रांति हुई. यहां क्रांति एक ई-कॉमर्स वेबसाइट का नाम है. इस साइट ने जनवरी में रोहित वेमुला की टीशर्ट को 149 रुपये में बेचना शुरू किया. ये टीशर्ट उस वक्त बिकनी शुरू हुई, जब लगभग हर कोई रोहितमय हुआ जा रहा था.
2. बर्गर सिंह
इंडिया ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की. पूरे देश 'भारत माता की जय' हो गया. उड़ी हमले के बाद यकीनन सभी देशवासियों के चेहरे चहकने लगे. सब खुश हुए. तभी एक बर्गर, चिकन बेचने वाली एक साइट 'बर्गर सिंह ऑनलाइन' की देशभक्ति उफान मार गई. एक स्कीम चला दी. एक कूपन था. उस कूपन को यूज करने पर छूट मिलने की बात थी. यहां तक सब ठीक था. लेकिन इस स्कीम का जो कूपन था, वो देशभक्ति के चोले से कूदकर बाजार का झोले में घुस जाने वाला था. कूपन कोड था: Fpak20.
अब इस कोड से ऊपर वाला मैसेज पर गौर कीजिए. इंडियन डिफेंस फोर्स की PoK में सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता के बाद हम सभी ऑर्डर्स पर 20 फीसदी का डिस्काउंट देते हैं. कूपन कोड: Fpak20. यहां F अल्फाबेट की कई व्याख्याएं हो सकती हैं. पर पूरे मैसेज और Pak को पढ़ने पर ये क्लीयर है कि इसका वही मतलब है जो आप और हम समझ रहे हैं. क्या हमारी आर्मी ने इसलिए खतरा मोल लेकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी, ताकि बर्गर सिंह F-PAK लिखकर अपने बर्गर बेच सके? जवाब है कतई ना. ट्वीटर, फेसबुक पर बर्गर सिंह की खिचाई भी हुई. तारीफ भी हुई. बाद में ये स्कीम बदलकर Strike 30 हो गई.
स्ट्राइक को बेचने वालों में MobiKwik वाले भी रहे. इन्होंने भी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक स्कीम चलाई. ऊपर लिखा कि किसी भी इवेंट या कैरेक्टर के साथ कोई समानता संयोग मात्र है. वक्त है MobiKwik के जरिए पहले रिचार्ज का. कोड है 1STSTRIKE.
क्या सरकार कुछ करेगी?
हां सरकार करेगी न. पर ये सरकार, सरकार बनने से पहले करेगी. तब जब वो पॉलिटिक्ल पार्टी के तौर पर वोट मांगने पब्लिक के सामने खड़े होते हैं. चुनावी वादों के मंच भी एक तरह का बाजार हैं. जहां जुमले बेचे जाते हैं. बिहार विधानसभा चुनाव याद कीजिए. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मंच पर खड़े भाषण में कहते हैं,'अगर बीजेपी बिहार में चुनाव हारती है तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे.'














