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सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा 11 करोड़ लोगों की नौकरियां खतरे में, कुछ करें

सोनिया ने लेटर में पांच आइडिया भी दिए हैं.

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मे पीएम मोदी को पत्र लिखकर MSME सेक्टर पर ध्यान देने को कहा है.(File Photo: PTI)
सोनिया गांधी. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष.  कोरोना और लॉकडाउन की वजह से खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के मसले पर पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने सरकार से छोटे उद्योगों पर ध्यान देने को कहा. साथ ही अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए पांच आइडिया भी सुझाए हैं. क्या लिखा सोनिया गांधी ने- माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम उद्योग यानी MSME देश की जीडीपी में एक तिहाई का योगदान देते हैं. देश के कुल निर्यात में 50 प्रतिशत हिस्सा इस सेक्टर का है. MSME सेक्टर की 6.3 करोड़ इकाइयों में 11 करोड़ से अधिक लोग रोजगार पाते हैं. अभी यह सेक्टर बर्बादी की कगार पर है. इसे आर्थिक मदद देने की जरूरत है. लॉकडाऊन से इस सेक्टर को रोजाना 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. 11 करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है. क्योंकि ये MSME वेतन और मेहनताना देने की स्थिति में नहीं हैं. MSME सेक्टर में सुधार के लिए सोनिया ने ये सुझाव दिए- 1. एक लाख करोड़ रुपये के ‘MSME सेक्टर वेज प्रोटेक्शन’ पैकेज की घोषणा की जाए. इससे नौकरियों को बचाने, मनोबल बढ़ाने और आर्थिक संकट को दूर करने में मदद मिलेगी. 2. एक लाख करोड़ रुपये के ‘क्रेडिट गारंटी फंड’ का गठन किया जाए. इससे तत्काल लिक्विडिटी आएगी. MSME को जरूरत पड़ने पर पर्याप्त पैसा मिल सकेगा. 3. MSME इकाइयों को पर्याप्त, आसान दरों पर व जल्द से जल्द कर्ज दिया जाए. इसके लिए आरबीआई की ओर से उठाए गए कदमों को बैंक लागू करें. आरबीआई के फैसलों पर सरकार पूरी तरह मदद करें. मंत्रालय में एक हेल्पाइन बनाई जाए. यह दिन रात काम करें. और MSME सेक्टर की मदद करे. 4. लोन के भुगतान के लिए आरबीआई ने MSME कंपनियों को तीन महीने तक की राहत दी है. यानी इस दौरान लोन वापस न करने की छूट दी गई है. इस अवधि को तीन महीने से ज्यादा किया जाए. सरकार को MSME के लिए टैक्स में छूट/कटौती और अन्य विशेष समाधान भी तलाशने चाहिए. 5. अत्यधिक कोलेटरल सिक्योरिटी यानी गिरवी रखी जाने वाली संपत्ति के चलते MSME इकाइयों को कर्ज नहीं मिल पाता. MSME इकाइयों के लिए ‘मार्जिन मनी’ की सीमा भी मौजूदा स्थिति में बहुत अधिक है. मार्जिन मनी वह पैसा होता जो आपको लोन लेने से पहले बैंक में जमा कराना पड़ता है. इन कारणों से MSME सेक्टर को लोन कम मिल रहा है. इस समस्या का हल निकाला जाए. भारत में कोरोना वायरस के मामलों का स्टेटस

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