मुंबई में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ऑर्गनाइज़ किया गया. सिनेमा, पॉलिटिक्स के क्षेत्रों से हस्तियों को आमंत्रित किया गया और बातचीत हुई. 05 अक्टूबर के सेशन में रिया चक्रवर्ती भी शामिल हुई थीं. सुशांत सिंह राजपूत की डेथ के बाद मीडिया ने उन्हें बुरी तरह टारगेट किया था. उनकी छवि किसी विलन जैसी बना दी गई थी. ‘ये चुड़ैल है, काला जादू करने वाली है’ जैसी बातें कही गईं. रिया ने ऐसी बातों का अब जवाब दिया है.
रिया चक्रवती ने 'चुड़ैल, काला जादू करने वाली' जैसी बेतुकी बातों पर खुलकर जवाब दिया
रिया ने कहा कि हमारे समाज में आदमी की किसी भी बात पर औरत को दोष दिया जाता है. अगर पुरुष अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड की बात ही मानते, तो ये समाज बहुत बेहतर होता.


पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने पूछा कि कई लोग अभी भी आपको सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में आरोपी की तरह देखते हैं. क्या उससे आपको फर्क नहीं पड़ता! आप उस सब को कैसे रोक पाती हैं? रिया ने जवाब में कहा,
ईमानदारी से कहूं तो जब भी मैं किसी कमरे में पहुंचती हूं, तो मैं उसे लोगों के चेहरे पर देख सकती हूं. कुछ लोग सोचते हैं कि इसने कुछ गलत किया है. कुछ लोग सोचते हैं कि बेचारी कैसे ज़िंदा है. कुछ लोग सोचते हैं कि हम इसे सपोर्ट कर रहे हैं, इसे ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहिए. मैं उनकी सोच को सुन सकती हूं. कई बार वो सोच रहे होते हैं कि ये क्रिमिनल की तरह तो नहीं लगती. लेकिन क्या मुझे इससे फर्क पड़ता है? बिल्कुल भी नहीं.
रिया ने कहा कि अगर उन्हें ऐसी बातों से फर्क पड़ता, तो वो यहां नहीं बैठी होतीं. वो कहती हैं कि ऐसा होने पर वो एक जर्नलिस्ट से बात नहीं कर रही होतीं. आगे कहा,
अगर मुझे फर्क पड़ता तो मैं एंग्जायटी, पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से गुज़रती और हमेशा ये सोचती रहती कि लोग मेरे बारे में क्या कह रहे हैं.
रिया को मीडिया में ‘चुड़ैल’ कहा गया. लोग लिखने लगे कि उन्होंने सुशांत पर काला जादू किया. यहां तक कि सुशांत के पिता ने भी ऐसे आरोप लगाए. रिया से पूछा गया कि ऐसी बातों का उन पर क्या असर पड़ा. इस पर रिया का कहना था,
मुझे चुड़ैल नाम पसंद है. मुझे लगता है कि ये रोचक है. पुराने दिनों में चुड़ैल कौन होती थी? चुड़ैल उस औरत को कहा जाता था जो पितृसत्तात्मक समाज के हिसाब से ना चलकर अपने ढंग से जीती थी. सबकी राय से अलग उसके अपने विचार होते थे. शायद मैं वही इंसान हूं. शायद मैं एक चुड़ैल हूं. शायद मुझे काला जादू करना आता है.
रिया ने अपनी बात के अंत में कहा कि हमारे समाज में ऐसा है कि अगर किसी सफल आदमी की शादी हो जाती है और उसके बाद उसकी सक्सेस में कुछ कमी आती है, तो औरत को दोष दिया जाता है. अगर वो शराब पीने लगता है तब भी उसका दोष औरत के माथे मढ़ दिया जाता है. उन्होंने कहा कि भारतीय पुरुष अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड की नहीं सुनते, अगर ऐसा करते तो ये एक बेहतर समाज होता.
वीडियो: सुशांत सिंह राजपूत की बरसी के मौके पर रिया चक्रवर्ती ने अपने इंस्टा अकाउंट पर क्या लिखा?


















