Alia Bhatt स्टारर Raazi, राइटर Harinder Singh Sikka की Calling Sehmat किताब पर आधारित है. इस फिल्म का काफी पसंद किया गया. आलिया के करियर की सबसे कमाऊ फिल्मों में एक बनी. मगर बाद के दिनों में हरिंदर खुद इसके खिलाफ़ बोलने लगे. उनके मुताबिक, Meghna Gulzar को फिल्म का डायरेक्टर बनाने के लिए वेटरन लिरिक्स राइटर Gulzar ने उनसे रिक्वेस्ट की थी. हालांकि इस दौरान उन्होंने खुलासा किया कि मेघना से पहले Shah Rukh Khan इस विषय पर फिल्म बनाना चाहते थे. मगर फिर कुछ ऐसा हुआ कि Red Chillies Entertainment वाले हरिंदर को मुंबई में काम न करने देने की धमकी देने लगे.
"शाहरुख खान की कंपनी वालों ने धमकी दी- तुम्हें मुंबई में काम करने नहीं देंगे"
आलिया भट्ट स्टारर 'राज़ी' जिन हरिंदर सिंह सिक्का की किताब पर बनी, उन्होंने बताया कि शाहरुख 2008 में ही इस विषय पर फिल्म बनाना चाहते थे. मगर....


'कॉलिंग सहमत' एक ऐसी लड़की की कहानी है, जो भारत की तरफ से अंडरकवर एजेंट के तौर पर पाकिस्तान जाती है. वहां उसकी शादी एक मिलिट्री परिवार में होती है. उनके साथ रहते हुए वो भारत को इंटेल भेजती है. फिर जो होता है, उसे जानने के लिए आपको किताब या फिल्म का सहारा लेना पड़ेगा. खैर, यूट्यूब चैनल देसी मार्टिनी से हुई बातचीत में हरिंदर ने बताया कि 2008 में शाहरुख भी उनकी इस किताब पर फिल्म बनाना चाहते थे.
हरिंदर के मुताबिक, तब समर खान नाम के एक शख्स ने उन्हें कॉन्टैक्ट किया था. उन्होंने खुद को शाहरुख की रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट कंपनी का एक डायरेक्टर बताया. वो हरिंदर के पास 'कॉलिंग सहमत' के राइट्स खरीदने आए थे. इस बात के लिए हरिंदर ने उनसे 1.5 करोड़ रुपए मांगे. साथ ही ये शर्त रखी कि फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर्स का चुनाव उनकी सहमति से होगा. इस बात ने समर खान को हैरान कर दिया. बकौल हरिंदर, उन्होंने खड़े होकर कहा-
“हम तो चेतन भगत को भी पांच-सात लाख रुपए देते हैं. आप कौन हैं?”
उनके इस बर्ताव पर हरिंदर ने फिल्म के राइट्स बेचने से मना कर दिया. इसके जवाब में समर ने कहा-
"हम ये फिल्म फिर भी बनाएंगे. आपको जो करना है, कर लीजिए."
हरिंदर बताते हैं कि उन्होंने इस घटना के बारे में अपने दोस्त मेजर छिब्बा को बताया था. उनके दखल के बाद ही दोनों पक्ष में समझौता हो पाया. दो हफ्ते बाद समर ने उन्हें एक माफीनामा भी भेजा. मगर जब अगली बार दोनों की आमने-सामने मुलाकात हुई, तो समर ने उनसे कहा-
"मैं आपको मुंबई में काम करने नहीं दूंगा."
शाहरुख भले ही 'कॉलिंग सहमत' पर फिल्म न बना पाए हों. लेकिन 10 साल बाद यानी 2018 में मेघना गुलजार ने ऐसा जरूर कर लिया. हरिंदर का कहना है कि वो 2016-17 में वेटरन लिरिक्स राइटर गुलज़ार से मिले थे. गुलज़ार ने उनसे अपनी बेटी मेघना गुलज़ार की सिफारिश की. ऐसा इसलिए क्योंकि मेघना को तब चार साल से कोई काम नहीं मिला था. उन्होंने तब तक ‘फिलहाल’ और ‘तलवार’ जैसे एकाध प्रोजेक्ट्स को ही डायरेक्ट किया था. लेकिन गुलज़ार की जिद पर हरिंदर को मन मारकर भी मेघना के लिए हामी भरनी पड़ गई.
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