ये फोटो 2014 की है, जब सलमान खान ने तब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पतंग उड़ाई थी. विवेक ओबेरॉय की लाइफ में इन दो लोगों को बड़ा महत्व है. एक से पंगा लिया तो करियर खत्म हो गया. उसकी भरपाई के लिए दूसरे का हाथ थाम लिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कई फिल्में बन रही हैं. एक है 'पीएम नरेंद्र मोदी'. बना रहे हैं 'मैरीकॉम' फेम ओमंग कुमार. और नरेंद्र मोदी का रोल कर रहे हैं विवेक ओबेरॉय. फिल्म शुरुआती दौर से ही विवादों में है. पहले परेश रावल की नरेंद्र मोदी बायोपिक के मामले में. फिर फिल्म के पोस्टर्स में बिना पूछे फर्जी तौर पर बड़े क्रिएटिव लोगों के नाम छापने को लेकर. लेकिन सबसे बड़ा विवाद है, आम चुनाव से पहले इसकी रिलीज़ को लेकर. क्योंकि आचार संहिता लगी हुई है. इस बीच फिल्म रिलीज़ होने की तैयारी में है. बस एक झोल हो गया. पहले इसकी रिलीज़ डेट 5 अप्रैल थी, जो लोकसभा चुनाव की शुरुआत (11 अप्रैल, पहले चरण की पोलिंग) से ठीक एक हफ्ते पहले की तारीख थी. लेकिन इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म की रिलीज़ डेट एक हफ्ते के लिए टाल दी गई है. यानी अब फिल्म 12 अप्रैल, 2019 को सिनेमाघरों में उतरेगी. आपको याद होगा फिल्म की घोषणा के दौरान इसकी रिलीज़ डेट 12 अप्रैल ही बताई गई थी. इस फिल्म का प्रमोशन खूब जोर-शोर से चल रहा है, जिसके सिलसिले में कलाकारों के इंटरव्यू हो रहे हैं. ऐसे ही एक इंटरव्यू के दौरान विवेक ओबेरॉय ने कुछ ऐसी चीज़ें कह दीं, जो उनसे एक्सपेक्टेड नहीं है. एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में विवेक ने कहा कि वो 'अपनी फिल्म में नरेंद्र मोदी को ठीक वैसा ही दिखाना चाहते हैं, जैसे वो असल में हैं. उनकी इमेज लार्जर दैन लाइफ है. वो सिर्फ हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों के ही नहीं विदेश में भी लोगों के हीरो हैं. उनकी इसी प्रेरणादायी कहानी को फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' में परदे पर उतारा गया है.' इसके आगे विवेक ने कहा-
''मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस फिल्म को लेकर लोग इतना ओवररिएक्ट क्यों कर रहे हैं? अभिषेक सिंघवी जी और कपिल सिब्बल जी जैसे सीनियर और मशहूर वकील इस साधारण सी फिल्म के खिलाफ पीआईएल डालकर अपना वक्त क्यों बर्बाद कर रहे हैं. पता नहीं वो फिल्म से डर रहे हैं कि चौकीदार के डंडे से.''
'कंपनी' से लेकर 'कृष' जैसी फिल्मों में काम करने की वजह से विवेक की पहुंच बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक में है. उन्हें कई लोग अपना रोल मॉडल मानते हैं. ऐसे में उनके मुंह से 'डंडे' जैसी हिंसक भाषा, बहुत खराब लगती है. ये सड़कछाप, गुंडों की भाषा है. विवेक एक एक्टर हैं, जो सिर्फ एक फिल्म में नरेंद्र मोदी नाम का रोल कर रहे हैं. न जाने क्यों वे फिल्म की शूटिंग खत्म हो जाने के बाद भी इस कैरेक्टर से अलग होना नहीं चाह रहे. और अगर उनका फ्यूचर में कोई पोलिटिकल प्लान है भी, तो उस हिसाब से उनकी भाषा कतई ओछी है. इससे पहले भी विवेक अपने बयानों के कारण चर्चा में रह चुके हैं. साल 2003 में सलमान खान के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी उनकी ऐसी ही एक्टिविटी थी, जो लोगों के गले से उतरी नहीं. इस कॉन्फ्रेंस में विवेक ने सलमान खान को कई तरह की धमकियां दी थीं. लोगों का मानना था कि वो विवेक का पब्लिसिटी स्टंट था. इसके बाद वो कई पब्लिक प्लेटफॉर्म पर सलमान से मांफी मांगते देखे जाते थे. अपने इन बयानों की कीमत विवेक को अपने करियर के रूप में चुकानी पड़ी. एक दौर में विवेक का करियर 'कंपनी', 'दम', 'साथिया', 'युवा' और जैसी फिल्मों के दम पर एक मजबूती से आगे बढ़ रहा था. इतने सब के बावजूद वो सक्सेसफुल एक्टर्स की फेहरिस्त में जगह नहीं बना पाए. उनकी आखिरी हिंदी फिल्म थी 'बैंक चोर', जो 2017 में आई थी. हालांकि साउथ में वो एक्टिव हैं और आखिरी बार हाल ही में रिलीज़ हुई मोहनाल की मलयालम फिल्म 'लुसिफर' में नज़र आए थे.
वीडियो देखें: फिल्म PM नरेंद्र मोदी के क्रेडिट्स में एक झूठा नाम दिया गया है?