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'पवित्र रिश्ता' की एक्ट्रेस 80 साल की उम्र में अकेली पड़ गईं, बेटा उन्हें मां भी नहीं मानता!

उषा पिछले 40 साल से मुंबई में अकेले रह रही हैं. उनके मुताबिक, कल को यदि उनकी मौत भी हो जाए तो किसी को पता भी नहीं चलेगा.

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उषा नदकर्णी ने ऑडिशन देने की बात पर 'गली बॉय' फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था.

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  • उषा नाडकर्णी, जिन्होंने पवित्र रिश्ता समेत कई फिल्म और टीवी सीरियल्स में 70 साल से एक्टिंग की है, आज 80 साल की उम्र में अकेली मुंबई में रहती हैं।
  • उषा के पति उनसे लंबे समय पहले अलग हो गए हैं, उनके सभी भाई-बहन मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं और उनका बेटा विदेश में रहता है तथा उससे अलगाव बरकरार है।
  • अकेलापन बढ़ने के बावजूद उषा ने अपनी जिंदगी और मौत को स्वीकार कर लिया है और अब वे अपनी दिनचर्या खुद संभालती हैं तथा परिवार से दूर रहती हैं।

Pavitra Rishta सीरियल से घर-घर में पहचान बनाने वाली वेटरन एक्ट्रेस Usha Nadkarni आज 80 साल की हैं. 80 में से उन्होंने 70 साल एक्टिंग को दिया है. पर दूसरी तरफ़, वो पिछले 40 साल से मुंबई में अकेले रह रही हैं. पति अलग हो गए, भाई-बहनों की मौत हो गई और बेटा उन्हें अपनी मां नहीं मानता. मजबूरन, उन्हें इस उम्र में भी अपना हर काम खुद करना पड़ता है.

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उषा टीवी और फिल्म जगत का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं. उन्होंने 'वास्तव' से लेकर 'भूतनाथ रिटर्न्स' तक, हर तरह की फिल्में की हैं. 'पवित्र रिश्ता' के अलावा दर्जनों हिंदी और मराठी सीरियल्स में नजर आईं. साथ ही नाटकों का शौक भी नहीं छोड़ा. पर कई मौके ऐसे भी आए जब उन्होंने केवल पैसों के लिए एक्टिंग की. वो भी तब, जब उन्हें सामने से इज्जत नहीं दी जा रही थी. इतना काम करने के बाद भी आज वो अकेली पड़ गई हैं.

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‘तुम हो न - घर की सुपरस्टार’ शो में उषा.

उषा अपने घर-परिवार को लेकर ज्यादा बातें नहीं करतीं. मगर हाल ही में राजश्री मराठी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वो अपने पति से काफी समय पहले अलग हो चुकी हैं. फिर भी उषा के मन में उनके और उनके नए परिवार के लिए कोई नाराजगी नहीं है. यही वजह है कि उन्होंने कई बार उन लोगों को अपने घर डिनर पर इन्वाइट किया.

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उषा बताती हैं कि उनका एक बेटा है, जो अब विदेश में रहता है. हालांकि बचपन में भी वो ज्यादातर अपनी नानी यानी उषा की मां के साथ ही रहता था. वो अपने मामा के घर में बड़ा हुआ. ऐसा इसलिए क्योंकि उषा खुद काम में बिजी रहती थीं और उनके भाई के पास बड़ा घर था. मराठी नाटकों की लगातार रिहर्सल और एक दिन में कई-कई शो होने की वजह से उन्हें अपने बेटे के साथ ज्यादा समय बिताने का मौका नहीं मिलता था. ऐसे में उनकी मां ने ही अपने नाती की परवरिश की. पिंकविला से हुई बातचीत में उषा बताती हैं कि उन्हें जब भी समय मिलता था, वो अपने बेटे से मिलने चली जाती थीं. मगर इतना पर्याप्त नहीं था. इसलिए आज भी उषा का बेटा उनसे कहता है, "आपने सिर्फ मुझे जन्म दिया है. मेरी असली मां तो मेरी नानी थीं."

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संजय दत्त स्टारर ‘वास्तव’ में उषा.

चूंकि उषा का बेटा विदेश में रहता है और उनके सभी भाई-बहनों का निधन हो गया, इसलिए अब वो पूरी तरह अकेली रहती हैं. वो भी कोई साल-दो साल से नहीं बल्कि 1987 से ही. मगर अब उन्हें इसकी आदत हो चुकी है. उषा बताती हैं कि शुरुआत में जब वो नए घर में रहने आई थीं, तब उन्हें काफी डर लगता था. वो अक्सर बिल्डिंग के गार्ड से कहतीं कि वो उन्हें घर के दरवाजे तक छोड़ दें. उनके मन में ये खौफ़ था कि कहीं कोई पीछे से हमला न कर दे. लेकिन अब उनके मन से ये भय पूरी तरह खत्म हो चुका है.

उषा बताती हैं कि कभी-कभी उनके मन में अपनी मौत के ख्याल आते हैं. वो सोचती हैं कि अगर उनके साथ कुछ हो गया, तो क्या किसी को इसकी खबर भी लगेगी. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि उन्हें मौत से बिल्कुल डर नहीं लगता. वो इसलिए क्योंकि किसी को नहीं पता कि वो कब और कैसे मरेग. उषा के मुताबिक, अगर वो नींद में ही मर जाएं तो पड़ोसी दरवाजा खटखटाएंगे और सोचेंगे- "बुढ़िया ने आज दरवाजा नहीं खोला." इसलिए अकेले रहने के बावजूद उन्होंने जिंदगी और मौत, दोनों को एक्सेप्ट कर लिया है.

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‘पवित्र रिश्ता’ की शूटिंग के दौरान उषा और सुशांत सिंह राजपूत.

कुछ इंटरव्यूज़ में उषा ने अपने मुश्किल बचपन और पैरेंट्स के बारे में बताया था. उनके पिता एयर फोर्स ऑफिसर थे. स्वभाव से एकदम गुस्सैल. छोटी-छोटी बातों पर वो अपने बच्चों और पत्नी की पिटाई कर देते थे. अगर अखबार ठीक से मोड़ा हुआ न मिलता या बच्चों की किताबें करीने से रखी न होतीं, तो वह गुस्से में उन्हें फाड़ देते थे. उषा ने बताया कि एक बार जब पिता उनके भाई को पीट रहे थे, तो उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की. इस पर पिता ने उन पर कोयता यानी घुमावदार धार वाले बड़े चाकू से हमला कर दिया. उस हमले में उषा के हाथ में चोट लग गई. इसके बावजूद, अगले ही दिन उन्होंने चोट के साथ अपना नाटक किया. उषा बताती हैं कि उनके भाई-बहन अपने पिता से इतना डरते थे कि जैसे ही वो किसी एक को मारते, बाकी बच्चे वहां से भाग खड़े होते.

उषा बचपन से एक्ट्रेस बनना चाहती थीं. उन्होंने चौथी क्लास में ही एक्टिंग शुरू कर दी थी. लेकिन अपने गुस्सैल पिता के सामने वो ये बात कहने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं. उनकी मां टीचर थीं. उषा ने जब उन्हें एक्टिंग करियर के बारे में बताया, तो उन्होंने भी इसका विरोध किया. मिडल क्लास से होने की वजह से वो समाज और पड़ोसियों की सोच को लेकर चिंतित रहती थीं. इसलिए उन्होंने गुस्से में उषा का सामान बाहर फेंककर उन्हें घर से निकाल दिया. तब उषा हफ्ते भर अपनी एक दोस्त के घर रहीं. बाद में उनके पिता उन्हें वापस ले आए. इस घटना के बाद भी उषा ने अपने सपने का साथ नहीं छोड़ा. आज वो गर्व से कहती हैं, "मैं चौथी क्लास में थी जब मैंने एक्टिंग शुरू की थी. अब मैं 80 साल की हूं और आज भी एक्टिंग कर रही हूं."

वीडियो: 'पवित्र रिश्ता' में सुशांत की 'आई' बनीं उषा नाडकर्णी ने क्या कहा?

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