वैज्ञानिक का नाम ल्युक मोंटेनियर हैं. वो फ्रांस के रहने वाले हैं. उन्होंने दावा किया कि नोवल कोरोना वायरस वुहान की एक लैब से निकला है. उनके इस बयान के बाद हलचल मच गई. हालांकि एक्सपर्ट, वैज्ञानिकों और चीन ने इस दावे को सही नहीं माना है.
कौन हैं ल्युक मोंटेनियर
वे मशहूर वायरोलॉजिस्ट हैं. यानी वायरस से संबंधित मामलों के विशेषज्ञ हैं. ल्युक को 2008 में मेडिसिन का नोबेल दिया गया था. उन्हें फ्रांस्वा बाइदी सिनोसी के साथ यह सम्मान मिला था. इन दोनों ने हुयूमन इम्युनो डेफिसिएंसी वायरस यानी HIV की खोज की थी. एचआईवी से ही एड्स की बीमारी होती है.

ल्युक मोंटेनियर.
मोंटेनियर ने क्या कहा
उन्होंने पिछले सप्ताह फ्रांस के एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू दिया. चैनल का नाम है सी न्यूज. इसमें मोंटेनियर ने कहा कि कोरोना वायरस के जीनोम यानी उसकी संरचना में एचआईवी और मलेरिया के तत्व मिले हैं. इससे यह वायरस संदेह के दायरे में आता है.
एशिया टाइम्स की खबर के अनुसार मोंटेनियर ने कहा -
वुहान शहर की लैब साल 2000 से इस तरह के कोरोना वायरस में विशेषज्ञता रखती है. उन्हें इस क्षेत्र में महारत है. यह कोरोना वायरस प्राकृतिक रूप से नहीं आया है.उन्होंने दावा किया कि यह कोरोना वायरस एड्स की वैक्सीन बनाने की कोशिश का नतीजा है. उन्होंने आरोप लगाया कि वुहान लैब में एक 'इंडस्ट्रियल' हादसा हुआ. जिससे यह वायरस बाहर आया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (फोटो: रॉयटर्स)
ट्रंप ने भी चीन पर लगाया आरोप
बता दें कि वुहान की लैब में कोरोना वायरस बनाने की थियरी काफी समय से चल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी इसी तरह की बात पिछले दिनों कही थी. उन्होंने फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट का जिक्र किया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि शायद कोरोना वायरस वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में काम करने वाले किसी इंटर्न की गलती से बाहर आ गया. फॉक्स न्यूज ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से यह खबर चलाई थी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन कई बार कह चुका है कि कोरोना वायरस मनुष्य निर्मित होने के सबूत नहीं है.
वैज्ञानिकों ने दावे को ठुकराया
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO और कई वैज्ञानिकों ने इस तरह के दावों का खंडन किया है. फ्रांस के ही एक वायरोलॉजिस्ट इटियन सिमोनलॉरियर ने AFP से कहा कि मोंटेनियर ने जो एलीमेंट बताए. वे दूसरे वायरस में भी पाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि हमें अगर किसी किताब में कोई शब्द मिले. और वह किसी दूसरे शब्द जैसा हो. इसका मतलब यह नहीं है कि चोरी किया गया है.
WHO ने भी दी प्रतिक्रिया
वहीं WHO ने कहा कि नोवल कोरोना वायरस के चीन की लैब में बनाने के कोई सबूत नहीं है. अभी तक जो भी सबूत हैं वे बताते हैं कि यह किसी जानवर से इंसानों में आया. इसे न तो लैब में तैयार किया गया और न ही इसको लेकर कोई छेड़छाड़ हुई.
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