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क्या है 'महाराजा', विजय सेतुपति-अनुराग कश्यप की धुआंधार फिल्म जिस पर इतना हल्ला कट रहा है?

Maharaja को देखकर लोग लिख रहे हैं कि इसे सिनेमाघरों में ना देखना इस साल की सबसे बड़ी गलती थी.

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'महाराजा' में अनुराग कश्यप विलन बने हैं.

बीती 14 जून को Maharaja नाम की तमिल फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई. फिल्म ने तमिल मार्केट में ठीक-ठाक बिज़नेस किया, लेकिन उसका बज़ सिर्फ वहीं तक सिमट कर रह गया. लोगों को हैरानी तब हुई जब रिलीज़ के एक महीने के अंदर ‘महाराजा’ नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई. यही वो पॉइंट था जब फिल्म का RRRरीकरण शुरू हुआ. यानी ओरिजनल भाषा के मार्केट से बाहर की जनता भी फिल्म को देखने लगी और उस पर बेतहाशा प्यार लुटाने लगी. सोशल मीडिया पर लोग ‘महाराजा’ को साल 2024 की बेस्ट फिल्मों की लिस्ट में शुमार कर रहे हैं. कोई लिख रहा है कि इस फिल्म को सिनेमाघरों में ना देखना इस साल की सबसे बड़ी गलती थी. 

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डोनाल्ड ट्रम्प और विजय सेतुपति.

‘महाराजा’ में बारीकी से बुनी हुई डिटेल्स की बात हो रही है. फैन थ्योरीज़ चलाई जा रही हैं. फिल्म में विजय सेतुपति के कान पर पट्टी दिखती है. कुछ दिन पहले डोनाल्ड ट्रम्प पर हमला हुआ था, जहां उनके कान पर चोट आई थी. लोग इन दोनों फोटोज़ को मिलाकर लिखने लगे कि ‘महाराजा’ का प्रमोशन बहुत आगे चला गया है. ‘महाराजा’ में ऐसा क्या है जो जनता इतनी बौरा रखी है, अब उसी बारे में बात करेंगे.

#1. ‘महाराजा’ को नितिलन स्वामीनाथन ने बनाया है. उन्होंने ही राम मुरली के साथ मिलकर फिल्म लिखी भी है. फिल्म में विजय सेतुपति के किरदार का नाम महाराजा है. वो पेशे से बाल काटने वाला है. एक बेटी का पिता है जिससे वो बहुत प्यार करता है. एक दिन उसके घर में चोरी हो जाती है. महाराजा अपनी शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचता है. कहता है कि उसके घर से ‘लक्ष्मी’ चोरी हो गई है. ये लक्ष्मी क्या है, इसका आइडिया आपको फिल्म देखकर मिलेगा. दूसरी ओर हम अनुराग कश्यप के किरदार को देखते हैं. वो भी अपने परिवार से प्यार करने वाला आदमी है. बस पेशे से एक चोर है, और ये ‘मजबूर’ में प्राण के किरदार जैसा चोर नहीं कि इसके कोई उसूल हों. 

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‘महाराजा’ का स्क्रीनप्ले नॉन-लीनियर है. यानी कहानी सीधी रेखा पर नहीं चलती. घटनाएं क्रोनोलॉजी में नहीं दिखाई जाती. क्वेंटिन टैरंटिनो की ‘पल्प फिक्शन’ नॉन-लीनियर फिल्म का अच्छा उदाहरण है. ‘महाराजा’ की शुरुआत में आपको लगने लगेगा कि आपका दिमाग कहानी से आगे निकल रहा है. लेकिन जल्द ही फिल्म टेक-ओवर कर लेगी. सस्पेंस इतना टाइट है कि एंड तक आपको जकड़ कर रखेगा. अगर ‘महाराजा’ देखने का प्लान है तो सोशल मीडिया से दूर हो जाइए. एक भी स्पॉइलर मज़ा खराब कर सकता है. 

#2. ये एक आउट-एंड-आउट एक्शन फिल्म नहीं है. फिर भी जितने भी एक्शन सीक्वेंस हैं, वो आपके खून को उबाल देने का काम करता है. पहली बात तो हिंसा अपने आप में उत्तेजक होती है. दूसरा उस किरदार के साथ आप जुड़ाव महसूस करते हैं. इसी वजह से एक्शन को पूरी तरह से इंजॉय कर पाते हैं. 

#3. विजय सेतुपति की एक्टिंग के बारे में इतना कुछ कहा और लिखा जा चुका है. लेकिन ‘महाराजा’ का हैरान करने वाले पक्ष अनुराग कश्यप थे. ये कहना गलत नहीं होगा कि ‘महाराजा’ के क्लाइमैक्स को उठाने में उनका बहुत बड़ा हाथ है. ऐसा उस सीन में क्या होता है, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी. फिर से बता दें कि ‘महाराजा’ को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.                              
 

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