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उस दौर के छह रोल जब इरफ़ान, इरफ़ान नहीं बने थे

इरफ़ान की कामयाबी में दशकों की मेहनत लगी है.

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इरफ़ान ख़ान, तीन दशकों की बेमिसाल मेहनत.
इरफ़ान. पैरेलल सिनेमा और टेलीविजन से आकर मेनस्ट्रीम में कामयाबी के झंडे गाड़ने वाला कलाकार. आज इरफ़ान  किसी परिचय के मोहताज नहीं है. लेकिन ये मुकाम यकायक नहीं आया है. बरसों की बल्कि दशकों की मेहनत लगी है यहां तक पहुंचने में. इरफान पिछले दशक भर में बेहद मकबूल हो गए हैं. क्या नेशनल, क्या इंटरनेशनल, हर तरह का फेम हासिल है उन्हें. पर एक वक़्त ऐसा भी था कि उनका किरदार तो लोगों को पसंद आता था लेकिन उनके नाम की धमक नहीं सुनाई पड़ती थी. उस दौर में उन्होंने ऐसी कई भूमिकाएं की जो सराही तो गई लेकिन उनकी पहचान न बना सकी. आज उनके ऐसे ही छः रोल पर नज़र मारेंगे.

#1. श्रीकांत (1985)

दूरदर्शन के शुरुआती दिनों में मकबूल हुआ सीरियल. मशहूर बांग्ला साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के इसी नाम के उपन्यास पर बना था. लीड रोल में फ़ारुक़ शेख थे. इरफ़ान ने इसमें बाद में मराठी सिनेमा में मशहूर हुई एक्ट्रेस मृणाल कुलकर्णी के पति रुद्र सेनगुप्ता का रोल किया था. ये इरफ़ान के एक्टिंग की दुनिया में शुरुआती दौर के दर्शन थे. वीडियो: https://youtu.be/2JekX53NbAE?t=139

#2. सलाम बॉम्बे (1988)

मीरा नायर की ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म. 'सलाम बॉम्बे' मुंबई की सड़कों पर पले-बढ़े बच्चों की ज़िंदगी का रोजनामचा थी. 'स्लमडॉग मिलिनेयर' से काफी पहले मीरा नायर मुंबई के स्ट्रीट किड्स की ज़िंदगी का हार्ड हिटिंग चित्रण कर चुकी थी. इरफ़ान ने इसमें पैसे लेकर ख़त लिखने वाले एक शख्स का रोल किया था. https://www.youtube.com/watch?v=MxvtyPG7YU0

#3. भारत एक खोज (1988)

श्याम बेनेगल का महत्वाकांक्षी सीरियल. पंडित जवाहरलाल नेहरू की किताब डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया पर आधारित. मल्टी स्टारर, भव्य दिव्य टीवी सीरीज. भारत का पांच हज़ार साल का इतिहास समेटने की कोशिश. इस सीरियल के चाणक्य और चन्द्रगुप्त वाले एपिसोड में इरफ़ान ने एक किरदार निभाया था. महाराज मलयकेतु का. वीडियो ये रहा. https://youtu.be/2QxGtGTnxGo?t=723

#4. एक डॉक्टर की मौत (1990)

पंकज कपूर की बेहतरीन फिल्म. एक वैज्ञानिक की छटपटाहट को डायरेक्टर तपन सिन्हा ने बहुत बारीकी से परदे पर उतारा था. इस फिल्म में इरफ़ान ने एक अखबार के लिए विज्ञान संवाददाता का काम करते शख्स अमूल्य का रोल निभाया था. खुद एस्ट्रो फिजिक्स के स्टूडेंट रह चुके अमूल्य उन चुनिंदा लोगों में से होते हैं, जो डॉ. दीपांकर रॉय में हर हाल में भरोसा रखते हैं. https://youtu.be/eQ6Fkx3qmRg?t=7464

#5. चाणक्य (1991)

डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी का एपिक सीरियल. राजनीति में महागुरु का दर्जा प्राप्त चाणक्य पर आधारित ये सीरियल बेहद पॉपुलर रहा था. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने खुद चाणक्य का रोल किया था. इसमें सेनापति भद्रसाल का किरदार इरफ़ान ने निभाया था. रोल कोई भी हो इरफ़ान की डायलॉग डिलीवरी हमेशा से शानदार रही है. यकीन न आए तो ये वीडियो देख लीजिए. https://youtu.be/6p4kC_x3OnI?t=520

#6. चंद्रकांता (1994)

नीरजा गुलेरी की तिलिस्मी प्रेम-गाथा. दर्शकों को राजा-महाराजाओं की आपसी रंजिश, विश्वासघात, प्रेम और कुर्बानियों की अनोखी दुनिया में ले गया ये सीरियल. इस सीरियल में इरफ़ान ने महाराज शिवदत्त के टॉप के ऐयार बद्रीनाथ की भूमिका में समां बांध दिया था. इसे इरफ़ान का ऐसा पहला रोल माना जा सकता है, जो बरसों बाद भी लोगों को तुरंत याद आ जाता है. https://youtu.be/KUSeE4bvpUI?t=169 टेलीविजन और पैरेलल सिनेमा में भरपूर जांमारी करने के बाद 2004 में 'हासिल' और 'मकबूल' आई. उसके बाद तो सब इतिहास है.  इरफ़ान के करियर ग्राफ को देखकर एक शे'र याद आता है.
"तमाम उम्र जलाए हैं ख़ून-ए-दिल के चिराग यूं ही नज़र नहीं आती सजी-सजी रातें"
जाते-जाते इरफ़ान का बहुत दुर्लभ ये वीडियो देख लीजिए. मज़ा आएगा इसकी गारंटी है.

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