Huma Qureshi ने Gangs Of Wasseypur से बॉलीवुड में कदम रखा. Manoj Bajpayee, Nawazuddin Siddiqui, Piyush Mishra सहित सभी से उनका ऑफ स्क्रीन बॉन्ड बना. मगर नवाज़ुद्दीन को वो ‘नवाज़ भाई’ कहकर पुकारती थीं. और इस वजह से हुमा को एक बार डांट भी पड़ गई. नवाज़ ने ही उन्हें फटकारा. पिछले दिनों जब हुमा अपनी फिल्म Baby Do Die Do की रिलीज़ से पहले The Lallantop के ख़ास कार्यक्रम गेस्ट इन द न्यूज़रूम में आईं, तो बताया कि ये डांट उन्हें क्यों पिलाई गई थी.
'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के दौरान नवाज़ुद्दीन को भाई बोलने पर नवाज़ ने हुमा को बुरा झाड़ दिया!
'गैंग्स...' के परमिशन वाले सीन के बाद नवाज़ हुमा से नाराज़ भी थे. उनका मानना था कि हुमा उनका सीन खा गईं. इसका बदला नवाज़ ने 'बदलापुर' में लिया.


हुमा ने कहा,
“हम दोनों ने तीन फिल्में साथ की हैं. मगर ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के समय तो वो (नवाज़) मुझसे बात ही नहीं करते थे. मुझमें तो नॉर्थ इंडियन ओपननेस, एरोगेंस या बदतमीज़ी... जो भी कह लीजिए, ये कूट-कूट के भरी है. तो मैं जा-जाकर उनके बात करती थी. जितना मैं कोशिश करती थी, उतना वो दूर हो जाते थे.”
‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के रौमेंटिक सीन से पहले पड़ी डांट के बारे में हुमा ने कहा,
“नवाज़ को सब भाई बोलते हैं. और आज से नहीं, शुरू से उन्हें सब भाई बोलते हैं. मैं भी मान-सम्मान में उन्हें नवाज़ भाई ही बोलती थी सेट पर. मुझे लगा ये चलन है. भाई ना बोलूं तो कहेंगे बदतमीज़ है. तो और मुसीबत. और मैं थिएटर से हूं, तो मुझे इतना लगा नहीं. आज आपने साथ में काम किया. कल आप प्ले में पेड़ बन गए. तो कोई फर्क पड़ता नहीं है. ये बात मन में नहीं आती है कि हमारा पर्सनल रिश्ता क्या है. तो मैंने तो भाई बोल दिया. फिर एक दिन उन्होंने मुझे डांटा. बोले- ‘इधर आओ तुम. देखो मन से तुमको जो मानना है मानो. पर रोमैंटिक सीन से पहले भाई बोलोगी, तो मैं रोमैंस कैसे करूंगा’. तब मुझे लगा कि हां, बात तो सही है आपकी.”
अब हुमा कुरैशी और नवाज़ुद्दीन की दोस्ती अलग मुक़ाम पर है. और हुमा अब उन्हें बेहिचक नवाज़ भाई की जगह नवाज़ बोल पाती हैं. हुमा ने बताया,
“अब जाकर हमारी दोस्ती हो पाई है. इतने साल बाद. तो मैं अब उन्हें नवाज़ ही बुलाती हूं. और वो मुझे कहते हैं हुमा क़ुरैशी. फोन करेंगे तो पूरा नाम लेंगे. पूछेंगे- कैसी हो तुम हुमा क़ुरैशी?”
# नवाज़ बहुत नाराज़ थे कि मैं उनका सीन खा गई
दोस्ती तो अपनी जगह है. मगर बतौर एक्टर्स दोनों के बीच तालमेल के बारे में हुमा ने कहा,
“कुछ लोगों होते हैं ना हमारे आसपास जिनके लिए दिल से दुआ निकलती है ये हमेशा ठीक रहें. अच्छे रहें. हम दोनों वैसे हैं एक दूसरे के लिए. मगर जब काम करते हैं, तो बड़े खाऊ एक्टर हैं. एक कॉम्पीटिशन रहती है हमारे बीच, कि अब ये क्या करने वाला या वाली है सीन में. अब जैसे गैंग्स ऑफ वासेपुर में जो हाथ पर हाथ रखने वाला सीन है. परमिशन लेनी चाहिए वाला, उसमें अनुराग ने मुझे कहा कि तुम नवाज़ को डांट देना. तो मैं तो वो कॉन्सेप्ट लेकर आई थी कि भाई मुझे डांटना है. और नवाज़ को कुछ और ब्रीफ़ दिया था. कश्यप साहब (अनुराग कश्यप) ये करते हैं. अलग-अलग ब्रीफ़ देते हैं. तो जैसे ही टेक शुरू हुआ. मैंने एक दम बोलना शुरू कर दिया. कई साल बाद अभी फिल्म 'उम्रक़ैद' के शूट समय नवाज़ ने बताया कि मुझे तुमने मौक़ा ही नहीं दिया उस सीन में कुछ बोलने का. वो बहुत नाराज़ थे मुझसे, कि ये मेरा सीन खा गई. फिर जब हमने बदलापुर की शूटिंग की, तब जेल में जब मैं नवाज़ से मिलने जाती हूं, तब नवाज़ ने मुझे बोलने का मौक़ा नहीं दिया. नवाज़ ने ख़ुद बताया कि ‘मैं तय करके आया था कि इसको बोलने का मौक़ा ही नहीं दूंगा’. और मैं बता दूं, कि ये हाथ रखने वाले सीन के कोई डायलॉग नहीं थे. बस सीन बता दिया, और कहा अब खेलो."
हुमा कुरैशी और नवाज़ुद्दीन ने साथ में तीन फिल्में की हैं. ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बाद ये दोनों वरुण धवन स्टारर ‘बदलापुर’ में साथ आए. और इन दिनों वो ‘उम्रक़ैद’ नाम की फिल्म में काम कर रहे हैं. जिसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है. हुमा की हालिया रिलीज़्ड फिल्म ‘बेबी डू डाय डू’ अभी सिनेमाघरों में लगी हुई है. ये हुमा और उनके भाई साकिब सलीम के प्रोडक्शन हाउस सलीम सिबलिंग्स का पहला प्रोजेक्ट है. और इसमें हुमा के काम की काफ़ी तारीफ़ हो रही है. इस फिल्म को नचिकेत सामंत ने डायरेक्ट किया है.
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