“लॉकडाउन न होने पर मुश्किल और बढ़ सकती थी. जिन देशों में लॉकडाउन इतनी मज़बूती से लागू नहीं हुआ, वहां इंफेक्शन कहीं ज़्यादा तेज़ी से बढ़ा है. देश में लॉकडाउन की वजह से इंफेक्शन की चेन कमज़ोर करने में मदद मिली. दूसरा फायदा ये रहा कि कोरोना के हॉटस्पॉट्स की पहचान करने में मदद मिली. अब चूंकि पहचान हो चुकी है, तो इन इलाकों को लेकर अलग से योजना बनाई जा सकती है.”ई-एजेंडा में लॉकडाउन को हटाने के तरीकों पर भी बात हुई. डॉ त्रेहान ने कहा -
“ज़ोन के हिसाब से लॉकडाउन हटाना सही रहेगा. ग्रीन, ऑरेंज और यलो ज़ोन को अलग करना होगा. इसी तरह अगर हम फार्मिंग सेक्टर को खोलने का फैसला करते हैं तो उसकी पूरी चेन को ध्यान में रखना चाहिए. जैसे- खेत से लेकर मंडी तक सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों पर अमल हो. अगर सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करा लिया गया तो धीरे-धीरे बाकी सेक्टर भी खोले जा सकेंगे.”डॉ त्रेहान ने प्लाज़्मा थेरेपी पर कहा कि ये अच्छा ऑप्शन हो सकता है. लोगों को प्लाज़्मा डोनेशन के लिए खुशी-खुशी आने आना चाहिए. ई-एजेंडा में ही जीवा आयुर्वेद के डायरेक्टर डॉ. प्रताप चौहान ने कहा कि कोरोना से जंग के लिए इम्युनिटी पावर का अच्छा होना अहम है. इसके लिए तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सूखे अदरक और मुनक्का से बनी हर्बल चाय बेहतर रहेगी. अलग-अलग तरीकों से हल्दी को भी डाइट में शामिल करें.
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं, आयुष मंत्रालय बता रहा है














