राजधानी दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस इंफेक्शन के तीन हज़ार से ज़्यादा केस आ चुके हैं. 800 से ज़्यादा लोग रिकवर हुए हैं. 50 से ज़्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है. (फोटो- PTI)
केंद्र के बाद दिल्ली सरकार ने भी लॉकडाउन में कुछ चीज़ों में ढील दे दी है. 27 अप्रैल को दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है. आइये जानते हैं कि अब दिल्ली में किन-किन सुविधाओं को लॉकडाउन में छूट मिल गई है...
- जानवरों के अस्पताल, डिस्पेंसरी, क्लीनिक, पैथ लैब्स, वैक्सीन और मेडिसिन की बिक्री और सप्लाई. - हेल्थकेयर वर्कर, साइंटिस्ट के लिए राज्य के भीतर या राज्य के बाहर मूवमेंट करने की अनुमति रहेगी. बाय एयर भी.
- बच्चों, डिसएबल्ड, मेंटली चैलेंज, सीनियर सिटीजन, महिलाओं के लिए शेल्टर होम्स चालू रहेंगे.
- इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और ऐसी स्व-रोजगार वाली सेवाएं चालू रहेंगी.
- पंखों और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सामानों की दुकानें खुली रहेंगी.
- स्टेशनरी और किताबों को सामान बेचने वाली दुकानें चालू रहेंगी. इससे पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने दो दिन पहले कहा था कि प्लाज़्मा थेरेपी कोविड-19 के मरीज़ों के लिए बेहतर साबित हो रही है. उन्होंने ठीक हो रहे मरीज़ों से अपना प्लाज़्मा डोनेट करने की अपील की थी.
प्लाज़्मा थेरेपी से सीरीयस मरीज़ों के भी ठीक होने की उम्मीद जगी है। हम सभी ठीक हुए मरीजों को रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि वो अपना प्लाज्मा डोनेट करें pic.twitter.com/T13n5Ba7Vc
राजधानी दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस इंफेक्शन के तीन हज़ार से ज़्यादा केस आ चुके हैं. 800 से ज़्यादा लोग रिकवर हुए हैं. 50 से ज़्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है.
बंगाल में भी नरमी पश्चिम बंगाल सरकार ने भी लॉकडाउन में कुछ छूट दी है. ज़रूरी सामानों की सप्लाई तो जारी ही थी. अब गैर-ज़रूरी सामान भी मिलेंगे. लेकिन दुकानें नहीं खुलेंगी, बल्कि सामानों की होम डिलिवरी होगी. 3 मई के बाद फेज़-दर-फेज़ तरीके से लॉकडाउन खोला जाएगा. रेड, ऑरेंज और ग्रीन ज़ोन के हिसाब से प्लान तैयार किया गया है. हालांकि ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि कोई भी छूट रेड ज़ोन में लागू नहीं होगी. इसके अलावा
असम में भी ट्रांसपोर्ट में कुछ छूट दी गई है. एक जिले से दूसरे जिले जाया जा सकेगा. इसकी कुछ शर्तें हैं- प्राइवेट व्हीकल से ही जाना होगा, क्योंकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट तो बंद हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए. यानी टू-व्हीलर पर एक इंसान, फोर व्हीलर में दो. इससे ज़्यादा नहीं. इसके अलावा टू-वे ट्रैवल होना चाहिए. यानी जाना और वापसी, दोनों.
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