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तीन दिन पहले तीन भारतीयों के शव UAE लौटा दिए गए थे, अब उस मसले का नतीजा आ गया

कुछ कन्फ्यूज़न की वजह से ये सारा झोल हुआ.

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बाएं से दाएं: कोरोना के मरीज़ का शव और उसके साथ हेल्थ वर्कर, तस्वीर न्यू यॉर्क की है. (प्रतीकात्मक- PTI). एतिहाद एयरवेज़ का विमान (फोटो क्रेडिट- @etihad)

तीन दिन पहले की बात है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से तीन भारतीयों के शव को दिल्ली पहुंचाया गया था. एतिहाद एयरलाइन्स के विमान से. लेकिन अधिकारियों ने उन्हें लेने से मना कर दिया था, जबकि तीनों की मौत कोरोना वायरस की वजह से नहीं हुई थी. उनके परिवार वाले भी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पहुंच गए थे. फिर भी तीनों के शवों को 24 अप्रैल की सुबह वापस UAE पहुंचा दिया गया. उसी विमान से, जो उन्हें लेकर आया था.

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अब इसी मामले में खबर आई है कि 27 अप्रैल की सुबह दोबारा उन्हीं शवों को भारत पहुंचाया गया. इस बार अधिकारियों ने शव ले लिया और परिवार वालों के हवाले कर दिया. UAE में भारत के एंबेसडर पवन कपूर हैं. उन्होंने 'इंडिया टुडे' को बताया,

'मैं बहुत राहत महसूस कर रहा हूं, क्योंकि उन तीनों शवों को उनके परिवार को सौंप दिया गया है.'

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क्यों वापस भेजे गए शव?

'इंडिया टुडे' की रिपोर्टर गीता मोहन ने बताया कि पहली बारी में कोरोना को लेकर कुछ कन्फ्यूज़न था. इसी वजह से इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने शव लेने से मना कर दिया था.

'गल्फ न्यूज़' के मुताबिक, पवन कपूर ने कहा-

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'वहां (भारत) में कुछ कन्फ्यूज़न था. संभावना है कि वो कोरोना से रिलेटेड ही था. लोकल कन्फ्यूज़न था. हालांकि मुझे इतना पता है कि हम किसी भी ऐसे व्यक्ति के शव को नहीं भेज रहे हैं, जिसकी मौत COVID-19 की वजह से हुई है. उन्हें यहीं पर डील किया जा रहा है.'


Pavan Kapoor
UAE में भारत के एंबेसेडर पवन कपूर. इक ईवेंट में बोलते हुए. (फोटो- @AmbKapoor)

कन्फ्यूज़न के बाद नई गाइडलाइन्स आईं

इसके बाद अब होम मिनिस्ट्री ने नई गाइडलाइन्स जारी की है. 26 अप्रैल की रात. इसे सभी एयरपोर्ट और इंडियन मिशन को भी भेज दिया गया. गाइडलाइन्स उन प्रवासी भारतीयों के लिए है, जिनकी मौत कोरोना वायरस से हो रही है. गाइडलाइन्स के मुताबिक,

'COVID-19 के कन्फर्म और संदिग्ध व्यक्ति के शव को भारत लाने की सिफारिश नहीं की गई है. अगर COVID-19 पॉजिटिव और संदिग्ध व्यक्ति का शव भारतीय एयरपोर्ट में आ जाता है, तो एयरपोर्ट हेल्थ अधिकारी (APHO) को कुछ ज़रूरी प्रक्रिया का पालन करना होगा.'

जिस एयरलाइन्स से शव को लाया जाएगा, उसे लैंडिंग के 48 घंटे पहले ये सारे दस्तावेज APHO को जमा करने होंगे-

- डेथ सर्टिफिकेट, जिसमें मौत का कारण COVID-19 का कन्फर्म मामला या संदिग्ध लिखा हो.

- भारतीय दूतावास से या उच्च आयोगों से वाणिज्य दूतावासों की तरफ से जारी किया गया 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC).

- किसी आधिकारिक एजेंसी के जरिए जारी किया गया शवलेपन सर्टिफिकेट.

- रद्द हुए पासपोर्ट की कॉपी

- WHO की गाइडलाइन्स के हिसाब से शव की पैकिंग की गई हो. इस पैकिंग का सर्टिफिकेट भी हो.

ये सारे नियम तब लागू होंगे, जब किसी दूसरे देश से किसी भारतीय का शव भारत आएगा. यानी सरकार ने कोरोना से मरने वाले प्रवासी भारतीयों के शवों को लाने पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई है, केवल नियम कठोर किए हैं. वहीं ऐसे व्यक्ति के शव, जिसकी मौत कोरोना से नहीं हुई है, उसे लाने के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो पहले से अपनाई जा रही है.

UAE से जिन तीन लोगों के शवों को भारत लाया गया है. उनके नाम कमलेश भट्ट, संजीव कुमार और जग्सिर सिंह है. एक की मौत कार एक्सिडेंट में हुई, दो की हार्ट अटैक से. इनके शवों को जब वापस भेजा गाय था, तब कमलेश भट्ट के भाई ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका भी डाली थी.

देखिये भारत में कोरोना कहां-कहां और कितना फैल गया है.



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