"तुमने जिला कृषि अधिकारी को चेकिंग के लिए रोका. लेकिन यह मेरा अपमान है. क्योंकि इस चेकपोस्ट का इंचार्ज मैं हूं."एनडीटीवी के पत्रकार उमाशंकर सिंह का ये ट्वीट देखियेः
चेकिंग के लिए गाड़ी रोकी तो भड़के अधिकारी ने होमगार्ड के जवान से उठक-बैठक करवाई
मामला बिहार का है.
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(बायीं तरफ) कृषि अधिकारी मनोज कुमार. दूसरी तरफ माफी मांगता होमगार्ड जवान.
बिहार का अररिया जिला. पूरे देश की तरह यहां भी लॉकडाउन है. सड़क पर निकलने वाली गाड़ियों की जांच-पड़ताल हो रही है. बाहर निकलने की वजह पूछी जा रही है. उन्हीं लोगों को जाने दिया जा रहा है, जिनके पास ट्रैवल पास है. ऐसे में ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड जवान ने एक गाड़ी को रुकवाया. गाड़ी एक सरकारी अफसर की थी. गाड़ी रोके जाने से वो नाराज़ हो गए. होमगार्ड के जवान को पहले उन्होंने जमकर डांटा, और फिर उनसे उठक-बैठक लगवाई. फिर माफी भी मंगवाई. ये सब इसलिए कि वह जवान अपनी ड्यूटी कर रहा था. घटना 20 अप्रैल की है. घटना का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. जानकारी के अनुसार, जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार गाड़ी से जा रहे थे. बैरगाची चौक पर पुलिस चौकीदार गणेश तटमा ने चैकिंग के लिए उनकी गाड़ी रोक ली. इससे गुस्साए अधिकारी ने गणेश को डांटा. उन्होंने कहा कि अगर वे मीटिंग के लिए लेट नहीं हो रहे होते उसे जेल भेज देते. इस दौरान एक सीनियर पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे. लेकिन उन्होंने जवान के बचाव में कुछ नहीं किया. वे भी कृषि अधिकारी का पक्ष लेते रहे. उन्होंने भी होमगार्ड जवान को डांट लगाई. बोले,
अररिया के एसपी धुरत सायली ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. भारत में कोरोना वायरस के मामलों का स्टेटस
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